28 जुलाई 2026
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जौहर यूनिवर्सिटी 'आतंक का अड्डा' बयान पर अयोध्या के संतों ने संगीत सोम का समर्थन किया, व्यापक जांच की माँग

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जौहर यूनिवर्सिटी 'आतंक का अड्डा' बयान पर अयोध्या के संतों ने संगीत सोम का समर्थन किया, व्यापक जांच की माँग

सारांश

BJP नेता संगीत सोम के 'जौहर यूनिवर्सिटी आतंक का अड्डा' बयान पर अयोध्या के संत समाज ने खुला समर्थन दिया है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य, महंत सीताराम दास और वरुण दास महाराज ने व्यापक जांच की माँग की और कहा कि उत्तर प्रदेश अब दबाव में झुकने वाला राज्य नहीं रहा।

मुख्य बातें

BJP नेता संगीत सोम ने जौहर यूनिवर्सिटी को 'आतंक का अड्डा' बताया था, जिस पर सियासत तेज हो गई है।
अयोध्या के संत समाज ने 28 जुलाई को सोम के बयान का खुलकर समर्थन किया।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए 'आतंकी तत्व' फंडिंग कर रहे हैं।
महंत सीताराम दास ने दावा किया कि विश्वविद्यालय में कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग से बढ़ावा दिया जाता है।
आर्य संत वरुण दास महाराज ने इस प्रकार की गतिविधियों की व्यापक जांच और दोषियों को सजा देने की माँग की।

अयोध्या के संत समाज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता संगीत सोम के उस बयान का खुलकर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को 'आतंक का अड्डा' बताया था। 28 जुलाई को अयोध्या में संत समाज के प्रमुख धर्मगुरुओं ने एक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय की गतिविधियों की व्यापक स्तर पर जांच होनी चाहिए। संतों के अनुसार, विश्वविद्यालय को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए 'आतंकी तत्व' एकजुट हो रहे हैं।

संत समाज की प्रतिक्रिया

महंत तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि BJP नेता संगीत सोम ने समाज के सामने सच्चाई रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'जौहर यूनिवर्सिटी को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए तत्व फंडिंग कर रहे हैं।' परमहंस आचार्य ने यह भी कहा कि विपक्षी दल इस विश्वविद्यालय को बचाने में 'पूरी ताकत' लगा रहे हैं।

महंत सीताराम दास के आरोप

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने संगीत सोम के बयान को 'यथार्थ' बताया। उन्होंने दावा किया कि जौहर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर 'लव-जिहाद, धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों' को बढ़ावा दिया जाता रहा है। उनके अनुसार, 'अंतरराष्ट्रीय फंडिंग' के जरिए देश में अराजकता फैलाने और सनातन संस्कृति का विरोध करने का प्रयास किया जाता है। सीताराम दास ने कहा, 'मैं उनके विचारों से सहमत हूं और समर्थन करता हूं।'

जांच की माँग

महंत आर्य संत वरुण दास महाराज ने कहा कि जहाँ भी इस प्रकार की गतिविधियाँ पाई जा रही हैं, उनकी व्यापक स्तर पर जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अब उत्तर प्रदेश में वह दौर खत्म हो गया है जिसमें किसी के दबाव में लोग डर जाएं और जनभावनाओं को कुचल दिया जाए।' वरुण दास महाराज के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब 'सक्षम और उत्तर देने वाला प्रदेश' बन गया है और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों को दंडित किया जाना चाहिए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी पहले से ही कई विवादों के केंद्र में रही है और राज्य सरकार की कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। संगीत सोम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण का माहौल बना हुआ है। संत समाज के इस समर्थन से मामले ने और अधिक राजनीतिक रंग ले लिया है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि प्रशासन और न्यायपालिका इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संतुलित कवरेज के लिए एक महत्वपूर्ण रिक्तता है। इस मामले की असली परीक्षा यह होगी कि क्या प्रशासन किसी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच का आदेश देता है — या यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगीत सोम ने जौहर यूनिवर्सिटी के बारे में क्या कहा था?
BJP नेता संगीत सोम ने जौहर यूनिवर्सिटी को 'आतंक का अड्डा' बताया था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया और अयोध्या के संत समाज ने उनके बयान का समर्थन किया।
अयोध्या के संत समाज ने इस मामले में क्या माँग की है?
अयोध्या के संत समाज ने जौहर यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की व्यापक स्तर पर जांच की माँग की है। महंत वरुण दास महाराज ने कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने क्या आरोप लगाए?
महंत तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए कथित तौर पर आतंकी तत्व फंडिंग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल इस विश्वविद्यालय को बचाने में पूरी ताकत लगा रहे हैं।
महंत सीताराम दास ने जौहर यूनिवर्सिटी पर क्या दावे किए?
साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने दावा किया कि जौहर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर लव-जिहाद, धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फंडिंग के जरिए देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जाता है।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
संत समाज के सामूहिक समर्थन से यह मामला राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो गया है। उत्तर प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण के मौजूदा माहौल में यह विवाद आगामी दिनों में प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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