31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सरदार पटेल की 151वीं जयंती: 'सरदार कथा' में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, युवाओं को एकता साहस के आदर्श अपनाने का आह्वान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सरदार पटेल की 151वीं जयंती: 'सरदार कथा' में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, युवाओं को एकता साहस के आदर्श अपनाने का आह्वान

सारांश

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित 'सरदार कथा' में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से लौह पुरुष के एकता, साहस और नि:स्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया और 'विकसित भारत 2047' से जोड़कर प्रेरणादायी संदेश दिया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 31 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित 'सरदार कथा' कार्यक्रम में भाग लिया।
यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर किया गया।
प्रसिद्ध कथावाचक डॉ.
शोभना राधाकृष्णन ने सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में योगदान को कथा शैली में प्रस्तुत किया।
उपराष्ट्रपति ने युवाओं से एकता, साहस, अनुशासन और नि:स्वार्थ सेवा के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू सहित अनेक गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति ने सरदार पटेल चौक पर प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 31 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित 'सरदार कथा' कार्यक्रम में भाग लिया। यह आयोजन भारत के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने देश के युवाओं से सरदार पटेल के एकता, साहस, अनुशासन और नि:स्वार्थ सेवा के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया।

सरदार कथा: कार्यक्रम का स्वरूप

इस विशेष आयोजन में प्रसिद्ध कथावाचक डॉ. शोभना राधाकृष्णन ने सरदार पटेल के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को कथा शैली में जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। उनकी दूरदृष्टि, अदम्य नेतृत्व क्षमता और भारत के 500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू सहित अनेक गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति का युवाओं से आह्वान

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इस अवसर पर स्वतंत्रता के पश्चात भारत की उल्लेखनीय विकास यात्रा का उल्लेख किया और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका केंद्रीय है और सरदार पटेल के विचार आज भी देशवासियों को प्रेरणा देते हैं। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार एकता और राष्ट्रवाद की भावना को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है।

सरदार पटेल चौक पर पुष्पांजलि

कार्यक्रम से पहले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के सरदार पटेल चौक पर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने एक्स पर लिखा, "सरदार पटेल का असाधारण जीवन और उनकी विरासत, राष्ट्रीय एकता, अटूट संकल्प और नि:स्वार्थ सेवा की शक्ति का एक स्थायी प्रमाण है।" उन्होंने कार्यक्रम की तस्वीरें भी एक्स पर साझा कीं।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व

31 अक्टूबर को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर 2014 में स्थापित परंपरा है। यह दिन देशभर में एकता, अखंडता और राष्ट्रीय भावना के संकल्प के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 151वीं जयंती पर आयोजित 'सरदार कथा' जैसे कार्यक्रम युवाओं को ऐतिहासिक नायकों से जोड़ने के व्यापक सांस्कृतिक प्रयास का हिस्सा हैं।

आगे की दिशा

उपराष्ट्रपति के इस संबोधन ने 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण को सरदार पटेल की विरासत से जोड़कर एक स्पष्ट राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश दिया है। आने वाले दिनों में ऐसे और कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कभी विपक्षी दलों के भी आदर्श रहे, अब तेजी से एक विशेष राजनीतिक दृष्टिकोण के प्रतीक बनते जा रहे हैं — यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जिस पर इतिहासकारों ने सवाल उठाए हैं। उपराष्ट्रपति का युवाओं से आह्वान सराहनीय है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या ये कार्यक्रम युवाओं में नागरिक जागरूकता और संस्थागत जवाबदेही की भावना को भी उतना ही बल देते हैं जितना राष्ट्रीय एकता को।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सरदार कथा' कार्यक्रम क्या था?
'सरदार कथा' उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम था, जिसमें कथावाचक डॉ. शोभना राधाकृष्णन ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को कथा शैली में प्रस्तुत किया। यह सरदार पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय एकता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। यह परंपरा 2014 में स्थापित की गई थी और इसका उद्देश्य देश में एकता, अखंडता और राष्ट्रीय भावना को सुदृढ़ करना है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने युवाओं से क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से सरदार पटेल के एकता, साहस, अनुशासन और नि:स्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य और 'विकसित भारत 2047' के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर उपराष्ट्रपति ने और क्या किया?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 'सरदार कथा' कार्यक्रम से पहले नई दिल्ली के सरदार पटेल चौक पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए सरदार पटेल की विरासत को राष्ट्रीय एकता, अटूट संकल्प और नि:स्वार्थ सेवा का स्थायी प्रमाण बताया।
कार्यक्रम में और कौन कौन उपस्थित थे?
कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कथावाचक डॉ. शोभना राधाकृष्णन ने कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति दी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. 12 घंटे पहले
  4. 14 घंटे पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले