कोलकाता एयरपोर्ट पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय का विरोध, BJP कार्यकर्ताओं ने घेरी कार
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ लोकसभा सांसद सौगत रॉय को 18 अगस्त को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के एक समूह ने उनकी कार को घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए, जूते लहराए और 'वापस जाओ' तथा 'चोर-चोर' के नारे लगाए।
मुख्य घटनाक्रम
दम दम लोकसभा क्षेत्र से सांसद सौगत रॉय को एयरपोर्ट प्राधिकरण के दफ्तर में आयोजित एक बैठक में भाग लेने के लिए बुलाया गया था। जैसे ही वे हवाई अड्डे पर पहुँचे, BJP समर्थकों और आम नागरिकों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। रॉय ने कार की खिड़की नीचे करके प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ किसी भी बात को सुनने के मूड में नहीं थी। कुछ समय बाद एयरपोर्ट प्राधिकरण और पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित निकाला।
पहले भी हो चुका है विरोध
यह पहली बार नहीं है जब सौगत रॉय को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा हो। मई 2026 के अंत में उत्तरी 24 परगना जिले के निमता इलाके में भी एक उग्र भीड़ ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसमें उन पर अंडे फेंके गए थे और 'चोर' के नारे लगाए गए थे। उस घटना में भी रॉय ने BJP कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
BJP की प्रतिक्रिया
मंगलवार के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए BJP विधायक अरिजीत बख्शी ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस सांसद (सौगत रॉय) कभी भी स्थानीय लोगों के पक्ष में नहीं रहे। उन्हें सिर्फ पिकनिक आयोजित करते देखा गया। यहाँ तक कि जब दम दम के लोग कमर तक पानी में डूबे हुए थे, तब भी उन्हें कभी धोती ऊपर चढ़ाकर लोगों के साथ खड़े नहीं देखा गया। अगर उनमें जरा भी आत्म-सम्मान होता, तो उन्हें इस्तीफा देकर चले जाना चाहिए था।' बख्शी ने आगे कहा, 'दम दम लोकसभा क्षेत्र के आम लोग उन्हें देखकर नाराज हो जाते हैं। दम दम से उनका कोई नाता नहीं है।'
आम जनता पर असर
यह विरोध प्रदर्शन दम दम क्षेत्र में TMC के प्रति जनाक्रोश का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके सांसद ने क्षेत्र की समस्याओं — विशेषकर जलजमाव और बुनियादी ढाँचे की खराब स्थिति — पर ध्यान नहीं दिया। आलोचकों का कहना है कि यह जन-असंतोष केवल BJP की राजनीति नहीं, बल्कि वास्तविक जमीनी नाराज़गी को भी दर्शाता है।
क्या होगा आगे
TMC की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लगातार हो रहे ऐसे विरोध प्रदर्शन पश्चिम बंगाल में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव से पहले TMC के लिए एक चेतावनी संकेत हो सकते हैं।