पेट्रोल-डीजल महंगाई पर AAP का हमला: सौरभ भारद्वाज बोले — अमेरिकी दबाव में रूसी तेल छोड़ा, जनता भुगत रही है

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पेट्रोल-डीजल महंगाई पर AAP का हमला: सौरभ भारद्वाज बोले — अमेरिकी दबाव में रूसी तेल छोड़ा, जनता भुगत रही है

सारांश

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने केंद्र पर आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव में रूसी तेल खरीद घटाई गई, जिससे पेट्रोल-डीजल ₹3/लीटर महंगा हुआ। उन्होंने बेरोज़गारी, व्यापार घाटे और आर्थिक विषमता को लेकर भी सरकार को घेरा और पारदर्शी नीति की माँग की।

मुख्य बातें

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 15 मई 2026 को केंद्र सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया।
उनके अनुसार अमेरिकी दबाव के कारण रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना कम हुआ, जिससे पेट्रोल-डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हुआ।
भारद्वाज ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।
उन्होंने आईटी व सॉफ्टवेयर क्षेत्र में छंटनी और इंजीनियरिंग-MBA स्नातकों को रोज़गार न मिलने की समस्या उठाई।
सरकार पर आरोप — आम लोगों से विदेश यात्रा और सोना खरीद घटाने की अपील, जबकि बड़े उद्योगपति विदेशों में निवेश जारी।
भारद्वाज ने सरकार से महंगाई पर ठोस नीतिगत कदम और आर्थिक स्थिति की पारदर्शी जानकारी देने की माँग की।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 15 मई 2026 को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव के कारण भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना कम कर दिया है, जिसका सीधा नतीजा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की हालिया वृद्धि के रूप में सामने आया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह महंगाई की शुरुआत भर है और आने वाले दिनों में आम जनता पर इसका बोझ और बढ़ सकता है।

रूसी तेल और अमेरिकी दबाव का आरोप

पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारत पहले रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदकर घरेलू बाज़ार को राहत दे रहा था, लेकिन उनके अनुसार अमेरिका के विरोध के बाद यह सिलसिला थम गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मामले में अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई है, जिसका खामियाजा देश की आम जनता को उठाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से भारत रूसी कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार बन गया था, जिससे आयात लागत में उल्लेखनीय कमी आई थी।

आर्थिक विषमता पर निशाना

भारद्वाज ने सरकार की नीतियों में विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार आम नागरिकों से विदेश यात्रा घटाने और सोना न खरीदने की अपील कर रही है — ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव न पड़े — वहीं दूसरी तरफ बड़े उद्योगपति विदेशों में भारी निवेश जारी रखे हुए हैं। उनके अनुसार यह दोहरा मापदंड आर्थिक नीति की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।

बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की चिंता

भारद्वाज ने बेरोज़गारी को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि इंजीनियरिंग और एमबीए जैसी उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं को पर्याप्त रोज़गार नहीं मिल रहा, और आईटी व सॉफ्टवेयर क्षेत्र में छंटनी का दौर लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि बढ़ता व्यापार घाटा, आयात में वृद्धि और निर्यात में गिरावट — ये सब मिलकर देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकेत हैं।

सरकार से माँग

AAP नेता ने केंद्र सरकार से माँग की कि वह देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखे और महंगाई पर काबू पाने के लिए ठोस व दीर्घकालिक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि केवल अपीलों से काम नहीं चलेगा — नीतिगत बदलाव ज़रूरी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईंधन की बढ़ती कीमतें राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें एक वास्तविक नीतिगत तनाव की अनुगूँज है — भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिमी कूटनीतिक दबाव के बीच संतुलन। रूसी तेल पर निर्भरता घटाने का कोई आधिकारिक सरकारी बयान अभी तक सामने नहीं आया है, इसलिए इन दावों को कथित ही माना जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि क्या सरकार ईंधन मूल्य नीति पर जनता को पर्याप्त जवाब दे रही है — और विपक्ष का यह दबाव उसी जवाबदेही की माँग है, भले ही इसके पीछे चुनावी गणित भी हो।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ भारद्वाज ने पेट्रोल-डीजल महंगाई पर केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी दबाव में रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना कम कर दिया, जिससे पेट्रोल-डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हुआ। उन्होंने कहा कि यह महंगाई की शुरुआत है और आगे और बढ़ोतरी संभव है।
क्या भारत ने सच में रूस से तेल खरीदना कम किया है?
यह सौरभ भारद्वाज का कथित आरोप है; केंद्र सरकार की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि या खंडन अभी सामने नहीं आया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से भारत रूसी कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है।
AAP ने आर्थिक विषमता पर क्या कहा?
भारद्वाज ने कहा कि सरकार आम नागरिकों से विदेश यात्रा और सोना खरीद घटाने की अपील कर रही है, जबकि बड़े उद्योगपति विदेशों में भारी निवेश जारी रखे हुए हैं। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड की नीति बताया।
सौरभ भारद्वाज ने बेरोज़गारी पर क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि इंजीनियरिंग और एमबीए स्नातकों को पर्याप्त नौकरियाँ नहीं मिल रहीं और आईटी व सॉफ्टवेयर कंपनियों में छंटनी लगातार जारी है। उन्होंने इसे बढ़ते व्यापार घाटे और आयात वृद्धि के साथ जोड़कर गंभीर आर्थिक संकेत बताया।
AAP ने केंद्र सरकार से क्या माँग की है?
AAP नेता ने माँग की कि केंद्र सरकार देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखे और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए।
राष्ट्र प्रेस
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