एससीओ सम्मेलन में पाक मंत्री को निमंत्रण अस्वीकार्य, वापस ले सरकार: मौलाना रजवी बरेलवी
सारांश
मुख्य बातें
बरेली के著名 इस्लामी विद्वान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 29 अक्टूबर 2026 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के नई दिल्ली सम्मेलन में पाकिस्तान के एक मंत्री को भारत सरकार द्वारा दिए गए निमंत्रण का कड़ा विरोध किया। उन्होंने विदेश मंत्रालय से इस निमंत्रण को तत्काल वापस लेने की माँग की और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह कदम उचित नहीं है।
एससीओ सम्मेलन और पाकिस्तानी निमंत्रण का विरोध
मौलाना रजवी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला अवसर है जब भारत सरकार ने पाकिस्तान के किसी मंत्री को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। उनके अनुसार, पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या और देश में हुई अन्य आतंकवादी घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय भारतीय जनता की भावनाओं के विरुद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस फैसले का खुलकर विरोध करेंगे और इस संबंध में विदेश मंत्रालय से पुनर्विचार की अपील की।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंध ऑपरेशन सिंदूर के बाद अत्यंत तनावपूर्ण बने हुए हैं। मौलाना ने कहा कि 'भारत की अमन पसंद जनता पाकिस्तान के किसी मंत्री के भारत आने का विरोध करेगी।'
जौहर यूनिवर्सिटी पर उत्तर प्रदेश सरकार से माँग
मौलाना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जौहर यूनिवर्सिटी को राज्य सरकार के नियंत्रण में लेने की माँग की। उन्होंने कहा कि आजम खान से जुड़े कानूनी मामले अलग हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हज़ारों विद्यार्थियों का भविष्य इससे प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई की जगह सरकारी समिति के माध्यम से संस्थान का संचालन जारी रखने का सुझाव दिया।
उनका तर्क था कि सरकारी नियंत्रण से आजम खान का हस्तक्षेप समाप्त होगा और साथ ही विद्यार्थियों की शिक्षा, फीस तथा हॉस्टल व्यवस्था भी सुरक्षित रहेगी। गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है।
राजनाथ सिंह की टिप्पणी का समर्थन
पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता के मुद्दे पर मौलाना रजवी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आलोचना का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक ओर आतंकवाद के विरुद्ध अभियान चलाने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान को करोड़ों डॉलर की आर्थिक व अन्य सहायता देता है। पहलगाम और पुलवामा जैसी आतंकी घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी नीतियों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ देते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जो अमेरिकी समर्थन के बावजूद पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।
सारा अली खान के केदारनाथ दर्शन पर टिप्पणी
अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-पाठ किए जाने की जानकारी मिलने पर मौलाना रजवी ने धार्मिक मान्यताओं के आधार पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि अभिनेत्री ने यह जानबूझकर किया है, तो उनके अनुसार उन्हें 'तौबा' करनी चाहिए। यह टिप्पणी मौलाना के व्यक्तिगत धार्मिक दृष्टिकोण पर आधारित है।
आगे क्या होगा
मौलाना रजवी की माँगें फिलहाल विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में हैं — विदेश मंत्रालय की ओर से SCO निमंत्रण के संदर्भ में, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के संबंध में, और राष्ट्रीय स्तर पर भारत-पाकिस्तान कूटनीति की दिशा के बारे में। SCO सम्मेलन की तारीख़ और पाकिस्तानी मंत्री की भागीदारी पर सरकार का अंतिम निर्णय इस विवाद को और गहरा या शांत कर सकता है।