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सेबी की सख्त चेतावनी: अनलिस्टेड शेयरों की अनधिकृत ऑनलाइन ट्रेडिंग से बचें, निवेशक सुरक्षा नहीं मिलेगी

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सेबी की सख्त चेतावनी: अनलिस्टेड शेयरों की अनधिकृत ऑनलाइन ट्रेडिंग से बचें, निवेशक सुरक्षा नहीं मिलेगी

सारांश

सेबी ने 17 जून 2026 को अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग करने वाले अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ चेतावनी जारी की — यह 2016 और 2024 के बाद तीसरी ऐसी चेतावनी है। ऐसे प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करने वाले निवेशकों को नियामकीय सुरक्षा नहीं मिलेगी।

मुख्य बातें

सेबी ने 17 जून 2026 को अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग करने वाले अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ चेतावनी जारी की।
ऐसे प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करने वाले निवेशकों को निवेशक संरक्षण, शिकायत निवारण और ऑनलाइन विवाद समाधान की सुविधा नहीं मिलेगी।
सेबी इससे पहले दिसंबर 2024 और अगस्त 2016 में भी ऐसी चेतावनियाँ जारी कर चुका है।
केवल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज ही प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री के लिए अधिकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा सकते हैं।
निवेशकों को निजी और संवेदनशील जानकारी अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर साझा न करने की सलाह दी गई है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 17 जून 2026 को निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है, जिसमें अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री की सुविधा देने वाले अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। नियामक ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्लेटफॉर्म न तो सेबी द्वारा अधिकृत हैं और न ही मान्यता प्राप्त, जिससे इन पर लेन-देन करने वाले निवेशकों को गंभीर वित्तीय जोखिम उठाना पड़ सकता है।

सेबी की चेतावनी में क्या कहा गया

बाज़ार नियामक ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, 'निवेशकों को एक बार फिर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्मों पर किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन/ट्रेडिंग करने या उन पर कोई भी संवेदनशील पर्सनल डिटेल्स शेयर करने के जोखिमों के बारे में आगाह किया जाता है, क्योंकि ये प्लेटफॉर्म सेबी द्वारा न तो अधिकृत हैं और न ही मान्यता प्राप्त हैं।' नियामक ने यह भी कहा कि इन वेबसाइटों पर उपलब्ध सेवाएँ किसी आधिकारिक निगरानी के दायरे में नहीं आतीं।

निवेशकों को क्या नुकसान हो सकता है

सेबी के अनुसार, यदि कोई निवेशक अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करता है, तो उसे नियामकीय सुरक्षा का कोई लाभ नहीं मिलेगा। इसका सीधा अर्थ है कि ऐसे निवेशक सेबी, स्टॉक एक्सचेंज या डिपॉजिटरी द्वारा प्रदान की जाने वाली निवेशक संरक्षण सुविधाओं, शिकायत निवारण तंत्र और ऑनलाइन विवाद समाधान प्रणाली का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, निजी और संवेदनशील जानकारी साझा करने से डेटा सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।

यह पहली चेतावनी नहीं है

गौरतलब है कि सेबी ने इससे पहले दिसंबर 2024 और अगस्त 2016 में भी ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म के विरुद्ध निवेशकों को सतर्क किया था। इसके बावजूद कई ऑनलाइन वेबसाइटें और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म अनलिस्टेड शेयरों की खरीद-बिक्री की सुविधा देना जारी रखे हुए हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि बार-बार की चेतावनियों के बावजूद अनधिकृत बाज़ार का संचालन थमा नहीं है।

कौन-से प्लेटफॉर्म हैं अधिकृत

सेबी ने स्पष्ट किया कि केवल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज ही प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री और पूँजी जुटाने के लिए वैध और अधिकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा सकते हैं। नियामक ने पहले भी अनधिकृत वर्चुअल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, पेपर ट्रेडिंग, फैंटेसी गेम्स और बिना पंजीकरण वाले ऑनलाइन डेट सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की है।

निवेशकों के लिए सलाह

सेबी ने निवेशकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी निवेश या ट्रेडिंग गतिविधि से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता और नियामकीय स्थिति की जाँच अवश्य करें। केवल अधिकृत और विनियमित माध्यमों के ज़रिये ही निवेश करना सुरक्षित है। आने वाले समय में सेबी ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म के विरुद्ध और कड़े कदम उठा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

2024 और अब 2026 — फिर भी अनधिकृत प्लेटफॉर्म का संचालन जारी है, जो नियामकीय प्रवर्तन की सीमाओं को उजागर करता है। बार-बार की सलाह के बावजूद ठोस कार्रवाई की कमी यह सवाल खड़ा करती है कि क्या चेतावनियाँ पर्याप्त हैं या इन प्लेटफॉर्म के खिलाफ सक्रिय कानूनी कदम उठाने की ज़रूरत है। छोटे और नए निवेशक, जो डिजिटल माध्यमों पर अधिक निर्भर हैं, इस जोखिम के सबसे बड़े शिकार बन सकते हैं — और उनकी सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान से आगे बढ़कर नीतिगत हस्तक्षेप की दरकार है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबी ने अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग को लेकर चेतावनी क्यों जारी की?
सेबी ने 17 जून 2026 को चेतावनी जारी की क्योंकि कई अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री की सुविधा दे रहे हैं, जो न तो सेबी द्वारा अधिकृत हैं और न ही मान्यता प्राप्त। इन पर लेन-देन करने वाले निवेशकों को वित्तीय नुकसान और डेटा चोरी का खतरा है।
अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग करने से निवेशकों को क्या नुकसान होगा?
ऐसे प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करने वाले निवेशकों को सेबी, स्टॉक एक्सचेंज या डिपॉजिटरी द्वारा दी जाने वाली निवेशक संरक्षण, शिकायत निवारण और ऑनलाइन विवाद समाधान जैसी सुविधाएँ नहीं मिलेंगी। इसके अलावा, संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी साझा करने पर डेटा सुरक्षा का भी खतरा बना रहता है।
क्या सेबी पहले भी ऐसी चेतावनी दे चुका है?
हाँ, सेबी दिसंबर 2024 और अगस्त 2016 में भी ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म के विरुद्ध निवेशकों को सचेत कर चुका है। इसके बावजूद कई वेबसाइटें अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग की सुविधा देना जारी रखे हुए हैं।
अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग के लिए कौन-से प्लेटफॉर्म अधिकृत हैं?
सेबी के अनुसार, केवल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज ही प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री और पूँजी जुटाने के लिए वैध और अधिकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा सकते हैं। निवेशकों को किसी भी ट्रेडिंग गतिविधि से पहले प्लेटफॉर्म की नियामकीय स्थिति जाँचनी चाहिए।
निवेशक खुद को इन जोखिमों से कैसे बचा सकते हैं?
निवेशकों को किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले सेबी की वेबसाइट पर उसकी अधिकृत स्थिति की जाँच करनी चाहिए। अनधिकृत वेबसाइटों पर निजी जानकारी या बैंक विवरण साझा करने से बचें और केवल विनियमित माध्यमों के ज़रिये ही ट्रेडिंग करें।
राष्ट्र प्रेस
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