14 अगस्त 2026
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सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स को गिफ्ट सिटी IFSC उत्पाद पेश करने की मंजूरी दी

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सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स को गिफ्ट सिटी IFSC उत्पाद पेश करने की मंजूरी दी

सारांश

सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स का दायरा बढ़ाते हुए उन्हें गिफ्ट सिटी IFSCA-विनियमित उत्पाद पेश करने की अनुमति दी। RBI, IRDAI, PFRDA और IFSCA — अब पाँच नियामकों के उत्पाद एक ही प्लेटफॉर्म पर। FEMA और LRS अनुपालन अनिवार्य; विदेशी उत्पादों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करना होगा।

मुख्य बातें

सेबी ने 14 अगस्त 2026 को ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स ( OBPP ) को गिफ्ट सिटी IFSCA -विनियमित उत्पाद पेश करने की अनुमति दी।
अब OBPP पर सेबी, RBI, IRDAI, PFRDA और IFSCA — पाँच नियामकों के उत्पाद उपलब्ध होंगे।
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC और आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 85 के तहत कर-बचत बॉन्ड भी इन प्लेटफॉर्म्स पर पेश किए जा सकेंगे।
IFSCA -विनियमित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय निवेश साधन के रूप में स्पष्ट रूप से चिह्नित करना अनिवार्य होगा।
FEMA नियमों और LRS सीमाओं का पालन सभी विदेशी उत्पाद पेशकशों पर लागू रहेगा।
प्लेटफॉर्म प्रदाताओं को निवेशकों को शिकायत निवारण व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी देनी होगी।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 14 अगस्त 2026 को ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (OBPP) के लिए उत्पाद-दायरे का विस्तार करते हुए उन्हें गिफ्ट सिटी स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) द्वारा विनियमित प्रतिभूतियाँ और निवेश उत्पाद पेश करने की अनुमति दे दी। यह निर्णय ऑनलाइन बॉन्ड बाज़ार में निवेशकों के लिए उपलब्ध विकल्पों को व्यापक बनाने और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

संशोधित नियामकीय ढाँचे में क्या बदला

नए ढाँचे के तहत OBPP अब केवल सेबी-विनियमित प्रतिभूतियों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI), पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) और IFSCA द्वारा विनियमित उत्पाद भी अपने प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध कर सकेंगे। इस प्रकार एक ही प्लेटफॉर्म पर पाँच प्रमुख नियामकों के अधीन उत्पाद उपलब्ध होंगे — जो भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए एकल-खिड़की बॉन्ड बाज़ार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

गौरतलब है कि सेबी ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC और आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 85 के तहत जारी कुछ निर्दिष्ट कर-बचत बॉन्ड को भी इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पेश करने की स्वीकृति दी है।

गिफ्ट-IFSC उत्पादों के लिए विशेष शर्तें

IFSCA-विनियमित उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर गिफ्ट-IFSC में कार्यरत सेबी-पंजीकृत स्टॉक ब्रोकरों पर लागू मानकों के अनुरूप ही प्रस्तुत करना होगा। इसके साथ ही इन पेशकशों में फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों का पालन अनिवार्य होगा, जिसमें लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत निर्धारित सीमाएँ भी शामिल हैं।

घरेलू और विदेशी निवेश उत्पादों के बीच भ्रम से बचने के लिए सेबी ने स्पष्ट किया है कि IFSCA-विनियमित उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर अंतरराष्ट्रीय या विदेशी निवेश साधन के रूप में स्पष्ट रूप से चिह्नित करना होगा।

प्रदर्शन और पारदर्शिता के नियम

संशोधित नियमों के अनुसार, विनियमित वित्तीय उत्पादों को OBPP के बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर एक अलग समर्पित सेक्शन के माध्यम से या प्रदाता द्वारा संचालित किसी अन्य समर्पित वेबसाइट अथवा प्लेटफॉर्म के ज़रिए प्रदर्शित किया जा सकेगा। इन उत्पादों पर संबंधित वित्तीय नियामकों के नियम ही प्रभावी रहेंगे।

निवेशक संरक्षण पर ज़ोर

सेबी ने यह भी अनिवार्य किया है कि ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रदाता निवेशकों को संबंधित उत्पादों के लिए लागू शिकायत निवारण व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएँ। यह प्रावधान विशेष रूप से उन खुदरा निवेशकों के लिए महत्त्वपूर्ण है जो पहली बार अंतरराष्ट्रीय वित्तीय उत्पादों में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार गिफ्ट सिटी को वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को तेज़ कर रही है। सेबी का यह कदम उस व्यापक नीतिगत दिशा के अनुरूप है जो घरेलू निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय पूँजी बाज़ारों से जोड़ने पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन में है। एक ही प्लेटफॉर्म पर पाँच नियामकों के उत्पाद रखने से खुदरा निवेशकों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा होने का जोखिम है — भले ही 'अंतरराष्ट्रीय' लेबलिंग अनिवार्य की गई हो। LRS सीमाओं और FEMA अनुपालन की जटिलताएँ उन निवेशकों के लिए बाधा बन सकती हैं जो पहली बार गिफ्ट सिटी उत्पादों की ओर रुख करेंगे। शिकायत निवारण की बहु-नियामकीय जिम्मेदारी स्पष्ट न होने पर, निवेशक संरक्षण का यह प्रावधान कागज़ी ही रह सकता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स के लिए क्या नया नियम लागू किया है?
सेबी ने 14 अगस्त 2026 को OBPP को गिफ्ट सिटी IFSCA-विनियमित प्रतिभूतियाँ और निवेश उत्पाद पेश करने की अनुमति दी है। इससे एक ही प्लेटफॉर्म पर सेबी, RBI, IRDAI, PFRDA और IFSCA — पाँच नियामकों के उत्पाद उपलब्ध होंगे।
गिफ्ट सिटी IFSC उत्पाद ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर कैसे दिखाए जाएँगे?
IFSCA-विनियमित उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर एक अलग समर्पित सेक्शन में या किसी समर्पित वेबसाइट के ज़रिए प्रदर्शित किया जाएगा। इन्हें 'अंतरराष्ट्रीय या विदेशी निवेश साधन' के रूप में स्पष्ट रूप से चिह्नित करना अनिवार्य होगा।
क्या कर-बचत बॉन्ड भी इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होंगे?
हाँ, सेबी ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC और आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 85 के तहत जारी निर्दिष्ट कर-बचत बॉन्ड को भी OBPP के माध्यम से पेश करने की मंजूरी दी है।
गिफ्ट सिटी IFSC उत्पादों में निवेश के लिए कौन-से नियम लागू होंगे?
इन उत्पादों पर FEMA के नियम और LRS के तहत निर्धारित सीमाएँ लागू होंगी। साथ ही, प्लेटफॉर्म प्रदाताओं को निवेशकों को संबंधित शिकायत निवारण व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी देनी होगी।
इस बदलाव से निवेशकों को क्या फायदा होगा?
खुदरा निवेशकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड उत्पादों तक पहुँच मिलेगी, जिससे निवेश विकल्पों का दायरा बढ़ेगा। यह गिफ्ट सिटी को वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक नीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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