5 नवंबर 2026
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शाहजहांपुर पुलिस ने बरामद किए ₹40 लाख के 201 चोरी-गुम मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए

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शाहजहांपुर पुलिस ने बरामद किए ₹40 लाख के 201 चोरी-गुम मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए

सारांश

शाहजहांपुर पुलिस ने सर्विलांस और साइबर टीम के साथ मिलकर ₹40 लाख कीमत के 201 खोए-चोरी मोबाइल फोन बरामद किए और उनके असली मालिकों को वापस सौंपे। यह उत्तर प्रदेश में मोबाइल बरामदगी की बढ़ती कड़ी की एक और सफलता है।

मुख्य बातें

शाहजहांपुर पुलिस ने 5 नवंबर 2026 को 201 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए।
बरामद फोन की अनुमानित कुल कीमत ₹40 लाख है।
बरामदगी में पुलिस की सर्विलांस और साइबर टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।
कुछ फोन 2025 या उससे पहले खोए अथवा चोरी हुए थे।
इससे पहले 19 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ₹25 लाख के 108 स्मार्टफोन बरामद किए थे।

शाहजहांपुर पुलिस ने 5 नवंबर 2026 को सर्विलांस और साइबर टीम के समन्वित अभियान के तहत जिले के विभिन्न कस्बों में रहने वाले लोगों के 201 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए। बरामद फोन की अनुमानित कुल कीमत ₹40 लाख बताई गई है। इस अभियान की सफलता से उन लोगों को बड़ी राहत मिली जो लंबे समय से अपने फोन की तलाश में थे।

मुख्य घटनाक्रम

एसपी सिटी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार को पुलिस की सर्विलांस और साइबर टीम ने मिलकर अलग-अलग कंपनियों के 201 मोबाइल फोन ट्रेस किए और उन्हें बरामद किया। बरामद किए गए फोन में कई ऐसे भी थे जो 2025 या उससे पहले खोए अथवा चोरी हुए थे।

बरामदगी के बाद सभी फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। पुलिस के अनुसार, फोन वापस पाकर मालिकों के चेहरे पर खुशी स्पष्ट दिखाई दी।

कैसे हुई बरामदगी

शाहजहांपुर पुलिस ने इस अभियान में सर्विलांस तकनीक और साइबर टूल्स का प्रयोग किया। गुम या चोरी हुए फोन के IMEI नंबर के आधार पर नेटवर्क पर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई और उन्हें जब्त किया गया। बरामद मोबाइल फोन जनपद के विभिन्न कस्बों के निवासियों के थे।

पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस तरह की बड़ी बरामदगी की हो। इससे पहले 19 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अपने अभियान के तहत ₹25 लाख अनुमानित कीमत के 108 स्मार्टफोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए थे। उस अभियान में भी फोन वापस पाने वाले लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में मोबाइल चोरी और गुमशुदगी के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पुलिस साइबर तकनीक का उपयोग कर इनकी बरामदगी को प्राथमिकता दे रही है।

आम जनता पर असर

मोबाइल फोन आज महज एक संचार उपकरण नहीं रहा — इसमें बैंकिंग, व्यक्तिगत डेटा, तस्वीरें और सरकारी दस्तावेज़ सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में फोन की चोरी या गुमशुदगी न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि डेटा सुरक्षा के लिहाज़ से भी गंभीर जोखिम है।

इस अभियान से उन नागरिकों को सीधा फायदा मिला जो ₹40 लाख कीमत के फोन खोकर परेशान थे।

आगे की राह

शाहजहांपुर पुलिस के इस अभियान की सफलता उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक नमूना बन सकती है। साइबर तकनीक और सर्विलांस के समन्वित प्रयोग से इस तरह के और अभियान चलाए जाने की उम्मीद है, जिससे मोबाइल चोरी पर लगाम लगाई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह अभियान टिकाऊ है या महज एकमुश्त दिखावा। पिछले महीने गौतमबुद्धनगर में 108 फोन बरामद हुए, इस बार 201 — यह संख्या बढ़ रही है, पर मोबाइल चोरी की दर क्या घट रही है, इसका कोई आँकड़ा सामने नहीं आया। जब तक बरामदगी के साथ-साथ गिरफ्तारी और सज़ा की दर भी सार्वजनिक नहीं होती, तब तक ये अभियान पीड़ितों को राहत तो देते हैं, पर अपराधियों को रोकने में कितने कारगर हैं यह अस्पष्ट रहता है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाहजहांपुर पुलिस ने कितने मोबाइल फोन बरामद किए और उनकी कीमत क्या है?
शाहजहांपुर पुलिस ने 5 नवंबर 2026 को अलग-अलग कंपनियों के 201 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कुल कीमत ₹40 लाख है। सभी फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए गए हैं।
शाहजहांपुर पुलिस ने मोबाइल फोन कैसे ढूंढे?
पुलिस ने सर्विलांस और साइबर टीम के समन्वित प्रयास से IMEI ट्रैकिंग और नेटवर्क सर्विलांस तकनीक का उपयोग करके फोन ट्रेस किए। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।
क्या उत्तर प्रदेश में इस तरह की बरामदगी पहले भी हुई है?
हाँ, 19 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ₹25 लाख अनुमानित कीमत के 108 स्मार्टफोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे थे। इस तरह उत्तर प्रदेश में मोबाइल बरामदगी अभियान की एक श्रृंखला बनती दिख रही है।
बरामद मोबाइल फोन कितने पुराने थे?
बरामद किए गए मोबाइल फोन में कुछ ऐसे थे जो 2025 या उससे पहले खोए अथवा चोरी हुए थे। पुलिस ने पुराने मामलों को भी ट्रेस करके मालिकों तक पहुँचाया।
अपना खोया हुआ मोबाइल फोन वापस पाने के लिए क्या करें?
खोए या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत नज़दीकी पुलिस थाने में दर्ज कराएँ और IMEI नंबर सहित पूरी जानकारी दें। उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीमें IMEI ट्रैकिंग के ज़रिए फोन ढूंढने का प्रयास करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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