16 सितंबर 2026
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गृह मंत्रालय ने 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया, बना 46वाँ प्रतिबंधित संगठन

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गृह मंत्रालय ने 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया, बना 46वाँ प्रतिबंधित संगठन

सारांश

केंद्र सरकार ने 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित कर दिया है — यह सूची में 46वाँ प्रतिबंधित संगठन बना। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह नेटवर्क हथियार तस्करी, कट्टरपंथ और डिजिटल नफरत-प्रसार में लिप्त था। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का यह नवीनतम कठोर कदम है।

मुख्य बातें

गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को 'शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)' को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया।
यह संगठन यूएपीए की पहली अनुसूची में 46वें नंबर पर दर्ज हुआ।
नेटवर्क सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने में लिप्त था।
संगठन डिजिटल माध्यमों से भड़काऊ कंटेंट फैलाता था और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाता था।
कार्रवाई यूएपीए की धारा 35(1)(क) के तहत की गई; सदस्यों पर विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को 'शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)' को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। इस कार्रवाई के साथ ही यह संगठन यूएपीए की पहली अनुसूची में 46वें नंबर पर दर्ज हो गया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की।

गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस कदम की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को यूएपीए के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है।' शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अनवरत जारी रहेगी।

नेटवर्क की गतिविधियाँ और खतरा

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। यह संगठन भोले-भाले युवाओं और स्थानीय छोटे-मोटे अपराधियों को प्रलोभन देकर कट्टरपंथ की राह पर धकेलता था और उन्हें देश-विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार करता था।

अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि यह सिंडिकेट डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाला कंटेंट प्रसारित करता था, जिसका मकसद भारत के सांप्रदायिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करना था। यह नेटवर्क अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्र-विरोधी कृत्यों के लिए संसाधन भी जुटाता था।

कानूनी आधार और प्रक्रिया

केंद्र सरकार ने यूएपीए की धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (क) के तहत यह कार्रवाई की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसे पर्याप्त आधार पर विश्वास है कि यह नेटवर्क आतंकवाद में लिप्त है और भारत में आतंकवाद के कई कृत्यों में इसकी संलिप्तता रही है। इस संगठन के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

गौरतलब है कि यूएपीए के तहत किसी संगठन को आतंकी घोषित किए जाने के बाद उसके सदस्यों की संपत्ति जब्त करने, उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाता है।

व्यापक सुरक्षा संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर लगातार सक्रिय रही है। यूएपीए की पहली अनुसूची में अब 46 संगठन प्रतिबंधित हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और इंडियन मुजाहिदीन जैसे कुख्यात संगठन पहले से शामिल हैं। शहजाद भट्टी नेटवर्क की सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे के रूप में चिह्नित किया है।

आगे की कार्रवाई में जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क के वित्तपोषण स्रोतों और भारत तथा विदेश में इसके नेटवर्क की व्यापक जाँच करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछली प्रतिबंध-अधिसूचनाओं की तुलना में एक नया पहलू है। असली परीक्षा यह है कि क्या केवल प्रतिबंध घोषित कर देना इस नेटवर्क की सप्लाई-चेन को तोड़ पाएगा, या जाँच एजेंसियाँ इसके विदेशी वित्तपोषण स्रोतों तक भी पहुँचेंगी — जो अक्सर असली चुनौती होती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) क्या है?
शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) एक संगठन है जिसे गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। यह नेटवर्क सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर उकसाने और डिजिटल माध्यमों से भड़काऊ कंटेंट फैलाने में लिप्त था।
यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित होने का क्या मतलब है?
यूएपीए (विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1967) के तहत प्रतिबंधित होने के बाद उस संगठन की गतिविधियाँ पूरी तरह अवैध हो जाती हैं। इसके सदस्यों की संपत्ति जब्त की जा सकती है, उनके बैंक खाते फ्रीज हो सकते हैं और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाता है। शहजाद भट्टी नेटवर्क इस सूची में 46वाँ संगठन बना है।
अमित शाह ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आतंकवाद के विरुद्ध इसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ती रहेगी।
शहजाद भट्टी नेटवर्क भारत की सुरक्षा के लिए किस प्रकार खतरनाक था?
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह नेटवर्क युवाओं को प्रलोभन देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करता था, सीमा पार से हथियार और विस्फोटक तस्करी करता था, और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाकर सांप्रदायिक सद्भाव और लोकतांत्रिक ढाँचे को निशाना बनाता था। यह अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर भी काम करता था।
इस प्रतिबंध के बाद आगे क्या कार्रवाई होगी?
यूएपीए के तहत प्रतिबंध के बाद जाँच एजेंसियाँ नेटवर्क के सदस्यों, उनके वित्तपोषण स्रोतों और विदेशी कनेक्शनों की व्यापक जाँच करेंगी। विभिन्न राज्यों में पहले से दर्ज आपराधिक मामलों को भी यूएपीए के कड़े प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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