गृह मंत्रालय ने 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया, बना 46वाँ प्रतिबंधित संगठन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को 'शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)' को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। इस कार्रवाई के साथ ही यह संगठन यूएपीए की पहली अनुसूची में 46वें नंबर पर दर्ज हो गया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की।
गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस कदम की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को यूएपीए के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है।' शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अनवरत जारी रहेगी।
नेटवर्क की गतिविधियाँ और खतरा
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। यह संगठन भोले-भाले युवाओं और स्थानीय छोटे-मोटे अपराधियों को प्रलोभन देकर कट्टरपंथ की राह पर धकेलता था और उन्हें देश-विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार करता था।
अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि यह सिंडिकेट डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाला कंटेंट प्रसारित करता था, जिसका मकसद भारत के सांप्रदायिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करना था। यह नेटवर्क अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्र-विरोधी कृत्यों के लिए संसाधन भी जुटाता था।
कानूनी आधार और प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने यूएपीए की धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (क) के तहत यह कार्रवाई की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसे पर्याप्त आधार पर विश्वास है कि यह नेटवर्क आतंकवाद में लिप्त है और भारत में आतंकवाद के कई कृत्यों में इसकी संलिप्तता रही है। इस संगठन के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
गौरतलब है कि यूएपीए के तहत किसी संगठन को आतंकी घोषित किए जाने के बाद उसके सदस्यों की संपत्ति जब्त करने, उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाता है।
व्यापक सुरक्षा संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर लगातार सक्रिय रही है। यूएपीए की पहली अनुसूची में अब 46 संगठन प्रतिबंधित हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और इंडियन मुजाहिदीन जैसे कुख्यात संगठन पहले से शामिल हैं। शहजाद भट्टी नेटवर्क की सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे के रूप में चिह्नित किया है।
आगे की कार्रवाई में जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क के वित्तपोषण स्रोतों और भारत तथा विदेश में इसके नेटवर्क की व्यापक जाँच करेंगी।