17 जुलाई 2026
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शानीमोल उस्मान बनीं केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष, 66 साल बाद कांग्रेस की महिला को मिला यह संवैधानिक पद

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शानीमोल उस्मान बनीं केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष, 66 साल बाद कांग्रेस की महिला को मिला यह संवैधानिक पद

सारांश

66 साल के अंतराल के बाद कांग्रेस की शानीमोल उस्मान केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष बनीं — 99 बनाम 34 मतों की निर्णायक जीत के साथ। यह महज एक संवैधानिक नियुक्ति नहीं, बल्कि 2026 चुनाव में UDF की प्रचंड वापसी और केरल की संसदीय विरासत में महिला प्रतिनिधित्व का पुनर्स्थापन है।

मुख्य बातें

शानीमोल उस्मान को 2 जून 2026 को केरल विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया।
वह 66 वर्षों में इस पद पर पहुँचने वाली कांग्रेस की पहली महिला और विधानसभा इतिहास की चौथी महिला उपाध्यक्ष हैं।
उन्हें 99 मत मिले; CPI उम्मीदवार मोहम्मद मुहसिन को 34 मत मिले।
UDF के पास 140 सदस्यीय सदन में 102 विधायक ; LDF के 25 और BJP के 3 ।
इससे पहले कांग्रेस की ए.
नफीसथ बीवी 1960 में और CPI की भार्गवी थंकप्पन 1987 में उपाध्यक्ष रही थीं।
उस्मान ने अपना 60वाँ जन्मदिन मनाने के तीन दिन बाद यह संवैधानिक पद ग्रहण किया।

कांग्रेस विधायक शानीमोल उस्मान को 2 जून 2026 को केरल विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया — यह 66 वर्षों में पहली बार है जब कांग्रेस की कोई महिला नेता इस संवैधानिक पद पर आसीन हुई हैं। साथ ही वह केरल विधानसभा के इतिहास में उपाध्यक्ष पद तक पहुँचने वाली चौथी महिला हैं। अरूर विधानसभा क्षेत्र से दो बार की विधायक उस्मान ने अपना 60वाँ जन्मदिन मनाने के महज तीन दिन बाद यह पद संभाला।

मतदान और परिणाम

विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सदन में औपचारिक मतदान के बाद निर्वाचन की घोषणा की। उन्होंने बताया, 'शानीमोल उस्मान को 99 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद मुहसिन को 34 वोट प्राप्त हुए। चार विधायकों ने मतदान में भाग नहीं लिया, जिनमें मैं स्वयं भी शामिल था।' उस्मान ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार और तीन बार के विधायक मोहम्मद मुहसिन को हराया।

विधानसभा में दलीय बल

140 सदस्यीय केरल विधानसभा में फिलहाल कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के पास 102 सदस्य हैं, जबकि सीपीआई (एम) नीत लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के 25 विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 3 विधायक हैं। मतदान के दौरान भाजपा विधायक अपनी सीटों पर बैठे रहे और उन्होंने प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। गौरतलब है कि इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार उतारा था, जिसे पार्टी के तीनों विधायकों का समर्थन मिला था।

शानीमोल उस्मान का राजनीतिक सफर

शांत स्वभाव की शानीमोल उस्मान को कांग्रेस की अनुभवी नेता माना जाता है। वह अब तक छह चुनाव लड़ चुकी हैं, जिनमें 2019 का अलाप्पुझा लोकसभा चुनाव भी शामिल है। उन्हें पहली बार चुनावी सफलता 2019 के अलाप्पुझा विधानसभा उपचुनाव में मिली थी, हालाँकि वह 2021 का विधानसभा चुनाव हार गई थीं। इसके बाद उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में अरूर सीट से जीत दर्ज कर सदन में वापसी की।

ऐतिहासिक संदर्भ

इससे पहले कांग्रेस की ए. नफीसथ बीवी वर्ष 1960 में केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष चुनी गई थीं। केरल की पहली विधानसभा में CPI नेता के.ओ. आयशा बाई उपाध्यक्ष रही थीं, जबकि CPI की ही भार्गवी थंकप्पन 1987 में इस पद पर पहुँचने वाली अंतिम महिला थीं। शानीमोल उस्मान के चुनाव के साथ लगभग चार दशक बाद केरल विधानसभा को फिर से एक महिला उपाध्यक्ष मिली है।

आगे की राह

यह नियुक्ति केरल के संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब UDF ने 2026 के विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और सदन के प्रमुख संवैधानिक पदों पर अपनी पकड़ मजबूत की है। उपाध्यक्ष के रूप में उस्मान की भूमिका विधायी कार्यवाही को दिशा देने में अहम होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 102 सीटों का बहुमत अब विधायी पदों पर भी दिखने लगा है। 66 वर्षों का यह अंतराल यह भी रेखांकित करता है कि महिला प्रतिनिधित्व के दावे और संवैधानिक पदों पर वास्तविक नियुक्ति के बीच की खाई कितनी गहरी रही है। चार दशक पहले भार्गवी थंकप्पन के बाद यह पद किसी महिला को मिला — यह प्रगति है, लेकिन इसकी धीमी गति पर भी विमर्श होना चाहिए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शानीमोल उस्मान कौन हैं और वह केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष कैसे बनीं?
शानीमोल उस्मान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और अरूर विधानसभा क्षेत्र से दो बार की विधायक हैं। 2 जून 2026 को हुए औपचारिक मतदान में उन्हें 99 मत मिले और उन्होंने CPI उम्मीदवार मोहम्मद मुहसिन को हराकर केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष का पद ग्रहण किया।
66 साल पहले कांग्रेस की कौन सी महिला केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष थीं?
कांग्रेस की ए. नफीसथ बीवी वर्ष 1960 में केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष चुनी गई थीं। शानीमोल उस्मान उनके बाद इस पद पर पहुँचने वाली कांग्रेस की पहली महिला हैं।
केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष रहीं अन्य महिलाएँ कौन थीं?
केरल की पहली विधानसभा में CPI नेता के.ओ. आयशा बाई उपाध्यक्ष रही थीं। इसके बाद 1960 में कांग्रेस की ए. नफीसथ बीवी और 1987 में CPI की भार्गवी थंकप्पन इस पद पर पहुँचीं। शानीमोल उस्मान चौथी महिला उपाध्यक्ष हैं।
केरल विधानसभा में UDF और LDF की वर्तमान स्थिति क्या है?
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नीत UDF के पास 102 सदस्य हैं, जबकि CPI (एम) नीत LDF के 25 और BJP के 3 विधायक हैं। BJP के विधायकों ने उपाध्यक्ष चुनाव में मतदान नहीं किया।
शानीमोल उस्मान का राजनीतिक अनुभव कैसा रहा है?
उस्मान अब तक छह चुनाव लड़ चुकी हैं, जिनमें 2019 का अलाप्पुझा लोकसभा चुनाव शामिल है। उन्हें 2019 के अलाप्पुझा विधानसभा उपचुनाव में पहली जीत मिली, 2021 में वह हार गईं, और 2026 में अरूर सीट से जीतकर सदन में लौटीं।
राष्ट्र प्रेस
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