शानीमोल उस्मान बनीं केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष, 66 साल बाद कांग्रेस की महिला को मिला यह संवैधानिक पद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक शानीमोल उस्मान को 2 जून 2026 को केरल विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया — यह 66 वर्षों में पहली बार है जब कांग्रेस की कोई महिला नेता इस संवैधानिक पद पर आसीन हुई हैं। साथ ही वह केरल विधानसभा के इतिहास में उपाध्यक्ष पद तक पहुँचने वाली चौथी महिला हैं। अरूर विधानसभा क्षेत्र से दो बार की विधायक उस्मान ने अपना 60वाँ जन्मदिन मनाने के महज तीन दिन बाद यह पद संभाला।
मतदान और परिणाम
विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सदन में औपचारिक मतदान के बाद निर्वाचन की घोषणा की। उन्होंने बताया, 'शानीमोल उस्मान को 99 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद मुहसिन को 34 वोट प्राप्त हुए। चार विधायकों ने मतदान में भाग नहीं लिया, जिनमें मैं स्वयं भी शामिल था।' उस्मान ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार और तीन बार के विधायक मोहम्मद मुहसिन को हराया।
विधानसभा में दलीय बल
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में फिलहाल कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के पास 102 सदस्य हैं, जबकि सीपीआई (एम) नीत लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के 25 विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 3 विधायक हैं। मतदान के दौरान भाजपा विधायक अपनी सीटों पर बैठे रहे और उन्होंने प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। गौरतलब है कि इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार उतारा था, जिसे पार्टी के तीनों विधायकों का समर्थन मिला था।
शानीमोल उस्मान का राजनीतिक सफर
शांत स्वभाव की शानीमोल उस्मान को कांग्रेस की अनुभवी नेता माना जाता है। वह अब तक छह चुनाव लड़ चुकी हैं, जिनमें 2019 का अलाप्पुझा लोकसभा चुनाव भी शामिल है। उन्हें पहली बार चुनावी सफलता 2019 के अलाप्पुझा विधानसभा उपचुनाव में मिली थी, हालाँकि वह 2021 का विधानसभा चुनाव हार गई थीं। इसके बाद उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में अरूर सीट से जीत दर्ज कर सदन में वापसी की।
ऐतिहासिक संदर्भ
इससे पहले कांग्रेस की ए. नफीसथ बीवी वर्ष 1960 में केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष चुनी गई थीं। केरल की पहली विधानसभा में CPI नेता के.ओ. आयशा बाई उपाध्यक्ष रही थीं, जबकि CPI की ही भार्गवी थंकप्पन 1987 में इस पद पर पहुँचने वाली अंतिम महिला थीं। शानीमोल उस्मान के चुनाव के साथ लगभग चार दशक बाद केरल विधानसभा को फिर से एक महिला उपाध्यक्ष मिली है।
आगे की राह
यह नियुक्ति केरल के संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब UDF ने 2026 के विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और सदन के प्रमुख संवैधानिक पदों पर अपनी पकड़ मजबूत की है। उपाध्यक्ष के रूप में उस्मान की भूमिका विधायी कार्यवाही को दिशा देने में अहम होगी।