16वीं केरल विधानसभा का शपथ ग्रहण: UDF के 102 विधायकों ने संभाली सत्ता, LDF सिमटा 35 सीटों पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
16वीं केरल विधानसभा का शपथ ग्रहण: UDF के 102 विधायकों ने संभाली सत्ता, LDF सिमटा 35 सीटों पर

सारांश

केरल में सत्ता का पूरा रंग बदल गया — UDF के 102 विधायकों ने 140 सदस्यीय सदन में बहुमत की कुर्सियाँ संभालीं, जबकि LDF 99 से घटकर 35 पर आ गया। पिनाराई विजयन के एक दशक के शासन की यह विदाई केरल के हालिया इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर है।

मुख्य बातें

16वीं केरल विधानसभा का शपथ ग्रहण 21 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में प्रारंभ हुआ।
UDF के रिकॉर्ड 102 विधायकों ने 140 सदस्यीय सदन में सत्ता पक्ष संभाला।
LDF पिछली विधानसभा के 99 सदस्यों से घटकर महज 35 पर आया; 64 मौजूदा विधायक हारे।
BJP के 3 विधायक मिलाकर कुल विपक्ष की संख्या 38 है।
सुधाकरन ने सुबह 9 बजे कार्यवाही शुरू की; पहले शपथ लेने वाले वी.ई.
पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का शपथ क्रम में नाम 133वें स्थान पर है।

तिरुवनंतपुरम में 21 मई 2026 को 16वीं केरल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह प्रारंभ हुआ — यह औपचारिक शुरुआत उस ऐतिहासिक राजनीतिक उलटफेर के बाद हुई जो अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में केरल के मतदाताओं ने रची। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने रिकॉर्ड 102 सीटें जीतकर सत्ता पक्ष पर कब्जा किया, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) महज 35 सीटों पर सिमट गया।

शपथ ग्रहण का क्रम और प्रोटेम स्पीकर

कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू हुई, जब प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन — जिन्हें बुधवार को केरल के राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर ने शपथ दिलाई थी — विधानसभा में अपनी सीट पर विराजमान हुए। विधायकों को वर्णमाला के क्रम में शपथ के लिए बुलाया गया। सर्वप्रथम शपथ लेने वाले सदस्य भारतीय संघ मुस्लिम लीग (IUML) के मत्स्य मंत्री वी.ई. अब्दुल गफूर रहे।

सत्ता परिवर्तन का सदन में प्रतिबिंब

सत्ता पक्ष की बेंचें उत्साह और उल्लास से भरी नजर आईं, क्योंकि UDF के 102 विधायकों ने 140 सदस्यीय सदन में बहुमत की कुर्सियाँ संभाल लीं। हंसी-मजाक, शुभकामनाओं का आदान-प्रदान और सौहार्द का माहौल नए सशक्त गठबंधन की पहचान बन गया।

इसके ठीक विपरीत, विपक्ष की बेंचें उदास और शांत दिखीं। LDF के 35 विधायक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 3 विधायक मिलाकर विपक्ष की कुल संख्या 38 रह गई।

LDF की ऐतिहासिक हार का संदर्भ

गौरतलब है कि पिछली विधानसभा में LDF के 99 सदस्य थे, जो इस बार घटकर 35 पर आ गए — अर्थात गठबंधन के 64 मौजूदा विधायकों को हार का सामना करना पड़ा। इस जनादेश को व्यापक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सत्ता में एक दशक बिताने के बाद विदाई के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता-विरोधी लहर और शासन संबंधी आलोचनाएँ चुनावी मुद्दे बने हुए थे।

शपथ क्रम में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का नाम 105वें स्थान पर है, जबकि उनके पूर्ववर्ती विजयन का नाम 133वें स्थान पर है।

प्रतीकात्मक पल और चर्चित दृश्य

सुबह के सत्र में कुछ यादगार दृश्य भी देखने को मिले। BJP नेता राजीव चंद्रशेखर, वी. मुरलीधरन और बी.बी. गोपाकुमार 'शहीद कॉर्नर' से विधानसभा तक एक साथ पैदल चलकर पहुँचे, जिसने वहाँ उपस्थित दर्शकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।

वहीं, कांग्रेस विधायक चांडी ओमन — जो चुनाव प्रचार के दौरान अक्सर साइकिल का उपयोग करते रहे — शपथ ग्रहण के दिन भी साइकिल से ही विधानसभा पहुँचे और अपनी जनसाधारण छवि को बरकरार रखा।

आगे की राह

शपथ ग्रहण के पूर्ण होने के बाद विधानसभा के स्पीकर का चुनाव और मुख्यमंत्री सतीशन के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार अगले महत्वपूर्ण कदम होंगे। UDF की भारी बहुमत वाली सरकार के सामने अब शासन की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दशक की सत्ता-विरोधी भावना का संचित विस्फोट है — जो दर्शाता है कि केरल के मतदाताओं ने LDF के शासन मॉडल को स्पष्ट रूप से नकारा। लेकिन इतिहास यह भी बताता है कि केरल में सत्ता हर पाँच वर्षों में बदलती रही है, और भारी बहुमत अपेक्षाओं का बोझ भी लेकर आता है। सतीशन सरकार के सामने असली परीक्षा यह होगी कि क्या वह इस जनादेश को ठोस शासन में बदल सकती है या यह केवल LDF-विरोध का अस्थायी उभार साबित होगा। BJP के तीन विधायकों की उपस्थिति भी संकेत देती है कि राज्य में तीसरी ताकत की जड़ें धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वीं केरल विधानसभा का शपथ ग्रहण कब और कहाँ हुआ?
16वीं केरल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण 21 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में सुबह 9 बजे शुरू हुआ। प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन की अध्यक्षता में विधायकों को वर्णमाला के क्रम में शपथ दिलाई गई।
केरल 2026 चुनाव में UDF को कितनी सीटें मिलीं?
कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने 140 सदस्यीय सदन में रिकॉर्ड 102 सीटें जीतीं। यह केरल के हालिया चुनावी इतिहास में किसी गठबंधन द्वारा हासिल सबसे बड़ा बहुमत माना जा रहा है।
LDF को 2026 केरल चुनाव में कितना नुकसान हुआ?
LDF पिछली विधानसभा के 99 सदस्यों से घटकर इस बार केवल 35 सीटों पर आ गया, यानी 64 मौजूदा विधायकों को हार का सामना करना पड़ा। इस जनादेश को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के एक दशक के शासन के बाद सत्ता-विरोधी लहर की परिणति के रूप में देखा जा रहा है।
केरल के नए मुख्यमंत्री कौन हैं?
वी.डी. सतीशन केरल के नए मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण क्रम में उनका नाम 105वें स्थान पर है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम 133वें स्थान पर है।
केरल विधानसभा में BJP की क्या स्थिति है?
BJP के 3 विधायक इस बार केरल विधानसभा में पहुँचे हैं और वे LDF के 35 विधायकों के साथ मिलकर 38 सदस्यीय विपक्ष का हिस्सा हैं। BJP नेता राजीव चंद्रशेखर, वी. मुरलीधरन और बी.बी. गोपाकुमार शपथ ग्रहण के दिन 'शहीद कॉर्नर' से विधानसभा तक एक साथ पैदल चलकर आए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 6 दिन पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले