शरजील इमाम की पैरोल का अंत, तिहाड़ में सरेंडर के लिए दिल्ली रवाना

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शरजील इमाम की पैरोल का अंत, तिहाड़ में सरेंडर के लिए दिल्ली रवाना

सारांश

शरजील इमाम, जो 2020 के दिल्ली दंगों में शामिल होने के आरोप में हैं, की पैरोल आज समाप्त हो गई। वह अपने पैतृक गांव से तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

शरजील इमाम की पैरोल का आज आखिरी दिन है।
उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना होगा।
पैरोल के दौरान परिवार के साथ समय बिताया।
इंटरिम जमानत कुछ कड़ी शर्तों के साथ मिली थी।
कोर्ट ने उन पर कई पाबंदियाँ लगाई थीं।

जहानाबाद, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी शरजील इमाम की पैरोल की अवधि आज समाप्त हो रही है। इस कारण से, शरजील इमाम बिहार के अपने पैतृक गांव से तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो गया है।

काको गांव से निकलने से पहले, शरजील ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताया और उन्हें गले लगाया। आशा है कि वह शाम तक जेल पहुंच जाएगा।

शरजील के भाई, मुजम्मिल इमाम, ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "शरजील को 11 दिन की पैरोल मिली थी और आज उसका आखिरी दिन है। उसे आज शाम से पहले सरेंडर करना होगा। पैरोल के दौरान, शरजील ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताया। हम उम्मीद करते हैं कि उसे आगे रिहाई मिले और वह अपने परिवार के साथ सुकून से समय बिता सके।"

मुजम्मिल ने आगे कहा कि शरजील के बाहर आने पर खुशी थी, लेकिन जेल जाने का अनुभव बहुत दर्दनाक भी होता है।

यह जानना जरूरी है कि दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित साजिश के मामले में 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि अब समाप्त हो रही है।

अदालत ने शरजील को 20 मार्च से 30 मार्च तक की अंतरिम जमानत दी थी ताकि वह अपने छोटे भाई की शादी में शामिल हो सके और अपनी बीमार मां की देखभाल कर सके। यह जमानत कुछ कड़ी शर्तों के साथ दी गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शरजील को यह अस्थायी राहत देते हुए निर्देश दिया था कि वह 50,000 रुपए का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करे।

अदालत ने शरजील पर कुछ कड़ी पाबंदियां भी लगाई थीं, जिनमें अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान मीडिया से बातचीत करने या सोशल मीडिया का उपयोग करने पर रोक शामिल थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बन गया है। शरजील इमाम की पैरोल और उसके बाद का सरेंडर, दोनों ही घटनाएँ एक गंभीर साजिश के संदर्भ में उठती हैं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरजील इमाम को पैरोल कब मिली थी?
शरजील इमाम को 20 मार्च को 11 दिन की पैरोल मिली थी।
शरजील इमाम को किस मामले में आरोपी माना गया है?
उन्हें 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश के मामले में आरोपी माना गया है।
शरजील इमाम की पैरोल की अवधि कब समाप्त हो रही है?
शरजील इमाम की पैरोल की अवधि 30 मार्च को समाप्त हो रही है।
क्या शरजील इमाम को जमानत मिलने के दौरान कोई शर्तें थीं?
हाँ, उन्हें 50,000 रुपए का निजी मुचलका और जमानतदार पेश करने की शर्तें थीं।
शरजील इमाम को जमानत पर क्या पाबंदियाँ थीं?
उन्हें मीडिया से बात करने और सोशल मीडिया का उपयोग करने पर रोक थी।
राष्ट्र प्रेस
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