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सूखाग्रस्त किसानों से जबरन वसूली पर शिंदे की चेतावनी, ऋणदाताओं पर होगी कड़ी कार्रवाई

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सूखाग्रस्त किसानों से जबरन वसूली पर शिंदे की चेतावनी, ऋणदाताओं पर होगी कड़ी कार्रवाई

सारांश

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सूखाग्रस्त किसानों से जबरन वसूली करने वाले ऋणदाताओं को कड़ी चेतावनी दी है। नांदेड़ की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उत्पीड़न करने वालों पर आपराधिक मामले दर्ज होंगे और 1.5 करोड़ किसानों को राहत योजनाओं का लाभ मिलेगा।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में सूक्ष्म वित्त संस्थानों, एनबीएफसी, बैंकों और निजी साहूकारों को सूखाग्रस्त किसानों पर दबाव न डालने की कड़ी चेतावनी दी।
किसानों को डराने या दफ्तरों में हिरासत में रखने वाले वसूली एजेंटों पर सख्त आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।
राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में लगभग 1.5 करोड़ किसानों को राहत योजनाओं का लाभ मिलेगा।
दिवाली से पूर्व घोषित ₹5,000 की नकद राहत राशि तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में दी जाएगी।
नांदेड़ में हाल की आक्रामक वसूली घटना का हवाला देते हुए शिंदे ने RBI और बैंकों को आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सूक्ष्म वित्त संस्थानों, निजी साहूकारों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और बैंकों को सख्त चेतावनी दी कि वे सूखा प्रभावित किसानों पर ऋण चुकाने के लिए किसी भी तरह का दबाव न डालें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मानसिक उत्पीड़न या जबरन वसूली को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्य घटनाक्रम

शिंदे ने नांदेड़ में हाल ही में हुई आक्रामक ऋण वसूली की घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि चाहे सूक्ष्म वित्त फर्म हो, एनबीएफसी हो, बैंक हो या निजी साहूकार — किसान को परेशान करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को डराने-धमकाने या उन्हें कार्यालयों में जबरन बिठाने की कोशिश करने वाले वसूली एजेंटों के विरुद्ध सख्त आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई जिले भीषण सूखे की चपेट में हैं और किसान पहले से ही आर्थिक संकट में हैं। गौरतलब है कि ऋण वसूली एजेंटों की आक्रामकता से परेशान होकर कुछ किसानों द्वारा चरम कदम उठाने की घटनाएं राज्य में पहले भी सामने आ चुकी हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश

शिंदे ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई वसूली एजेंट उन्हें निशाना बनाए, तो वे घबराएं नहीं और तुरंत सरकारी अधिकारियों से संपर्क करें।

उनका संदेश स्पष्ट था: 'अगर कोई आप पर दबाव डाले, तो डरें नहीं — राज्य सरकार आपके साथ है।' स्थानीय प्रशासनों को पेयजल, टैंकर आपूर्ति और पशुओं के चारे की व्यवस्था सुव्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आम जनता और किसानों पर असर

राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में लगभग 1.5 करोड़ किसानों को राहत योजनाओं का लाभ मिलने का आश्वासन दिया गया है। दिवाली से पूर्व घोषित ₹5,000 की नकद राहत राशि तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में दी जाएगी, इसके अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी और रियायतें भी प्रदान की जाएंगी। शिंदे ने यह भी बताया कि बांधों के गाद वाले किनारों पर चारे की खेती को बढ़ावा देने के लिए गारंटीकृत मूल्य और वित्तीय प्रोत्साहन देने की योजना पर काम जारी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

शिंदे ने इस प्रेस वार्ता में हालिया राजनीतिक विवादों पर भी विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध की गई टिप्पणियों को 'अत्यंत निंदनीय' करार दिया। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की तेज़ विकास यात्रा से विपक्षी नेता चिंतित हो रहे हैं।

शिंदे ने कहा, 'जहाँ प्रधानमंत्री मोदी देश को एकजुट करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे तोड़ने का सपना देख रहे हैं। यह नेपाल, श्रीलंका या बांग्लादेश नहीं है — यह भारत है, एक नया और दृढ़ भारत।'

क्या होगा आगे

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन स्तर पर निगरानी तंत्र सक्रिय किया जाएगा ताकि किसानों की शिकायतों का त्वरित निपटारा हो। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरबीआई और एनबीएफसी नियामक ढाँचे के भीतर इन निर्देशों को किस तरह लागू किया जाता है और क्या सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों को वास्तविक राहत मिल पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — महाराष्ट्र में किसान उत्पीड़न के मामले पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं, पर ठोस कार्रवाई अक्सर अधूरी रही है। आरबीआई और एनबीएफसी विनियमन के बीच राज्य सरकार की शक्तियों की सीमाएं हैं, जिन पर शिंदे ने कोई स्पष्ट ढाँचा नहीं दिया। ₹5,000 की नकद राहत तात्कालिक सहायता है, लेकिन 1.5 करोड़ किसानों के दीर्घकालिक सूखा संकट के सामने यह अपर्याप्त लग सकती है। नांदेड़ जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला स्तर पर निगरानी तंत्र और शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने ऋणदाताओं को क्या चेतावनी दी है?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कहा कि सूखाग्रस्त किसानों से जबरन ऋण वसूली करने वाले सूक्ष्म वित्त संस्थानों, एनबीएफसी, बैंकों और निजी साहूकारों के खिलाफ सख्त आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। राज्य सरकार किसी भी स्तर पर किसानों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी।
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों को क्या राहत मिलेगी?
राज्य सरकार ने लगभग 1.5 करोड़ सूखाग्रस्त किसानों को राहत योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया है। दिवाली से पहले घोषित ₹5,000 की नकद राहत राशि के अलावा सरकारी सब्सिडी और रियायतें भी प्रदान की जाएंगी।
नांदेड़ की घटना क्या थी जिसका शिंदे ने जिक्र किया?
शिंदे ने नांदेड़ में हाल ही में हुई आक्रामक ऋण वसूली की एक घटना का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने राज्य सरकार के जीरो टोलरेंस रुख की पृष्ठभूमि में उदाहरण के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी घटना को भविष्य में दोहराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किसान उत्पीड़न की शिकायत कहाँ करें?
शिंदे ने किसानों से आग्रह किया कि यदि कोई वसूली एजेंट उन्हें निशाना बनाए तो तुरंत सरकारी अधिकारियों से संपर्क करें। राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन को सक्रिय करने और शिकायतों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए हैं।
शिंदे ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
शिंदे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध की गई टिप्पणियों को 'अत्यंत निंदनीय' बताया। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे देश की प्रगति से चिंतित हैं और देश को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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