राहुल गांधी की बरी पर शिवसेना का तंज: 'कोर्ट पर अविश्वास, बरी होते ही जश्न — यह दोहरापन क्यों?'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी होने पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर खुलकर सवाल उठाते हैं, लेकिन जब उन्हीं अदालतों से राहत मिलती है तो वे उत्सव मनाने लगते हैं। उन्होंने इसे 'दोहरी राजनीति' करार दिया।
राहुल गांधी पर दोहरेपन का आरोप
दुबे ने कहा, 'यही राहुल गांधी हैं, जो कहते हैं कि हमें कोर्ट पर विश्वास नहीं है, कचहरी पर विश्वास नहीं है, सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं है, चुनाव आयोग पर विश्वास नहीं है, ईडी और सीबीआई पर विश्वास नहीं है। और जब बाइज्जत बरी होते हैं, तो नाचते हैं, झूमते हैं, गाड़ियों का काफिला लेकर चलते हैं। यह दोहरी बात कैसे हो सकती है?' उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि कम से कम अदालत का सम्मान किया जाए।
दुबे ने आगे कहा कि राजनीतिक हार की भरपाई प्रधानमंत्री या गृह मंत्री को अपशब्द कहने से नहीं होगी। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि वे वीर सावरकर का अपमान कर चुके हैं और अब 'साठ साल की उम्र' की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए गंभीरता दिखाने की जरूरत है।
चुनाव आयोग की तुलना 'अंपायर' से
चुनाव आयोग की निष्पक्षता का बचाव करते हुए दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संस्था है और उसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि 'चुनाव आयोग अंपायर की भांति है — आप बार-बार आउट हो रहे हैं, हिट विकेट हो रहे हैं, रन आउट हो रहे हैं और आरोप अंपायर पर लगा रहे हैं।'
उन्होंने ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर अपने ऊपर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। दुबे के अनुसार इसके बाद विवाद समाप्त हो जाना चाहिए।
बाबा रामदेव और चुनाव लड़ने का अधिकार
दुबे ने बाबा रामदेव के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि वे राजनीतिक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संत हैं जो करोड़ों लोगों को योग सिखाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामदेव चाहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से लड़ें, समाजवादी पार्टी से लड़ें या कांग्रेस से — यह उनका संवैधानिक अधिकार है।
उत्तर प्रदेश विकास और एनडीए का दावा
दुबे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले दस वर्षों के काम की सराहना की और कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विश्व से निवेश आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए परिवार ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की उन सीटों की गिनती में बेहतर प्रदर्शन किया है जिनके परिणाम 27 अक्टूबर को आ रहे हैं।
दुबे ने यह भी जोड़ा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का उत्तर प्रदेश से पुराना नाता है — कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह जैसे नेता वहाँ मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ भगवान राम का जन्म हुआ, वहाँ भाजपा और शिवसेना की जड़ें सदियों पुरानी हैं। विपक्ष को जनता के बीच जाकर दिल जीतने की जरूरत है, न कि प्रतिद्वंद्वियों पर कीचड़ उछालने की।