क्या स्मॉलकैप सेगमेंट का मार्केट कैप बीते सात वर्षों में 5 गुना बढ़ा?

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क्या स्मॉलकैप सेगमेंट का मार्केट कैप बीते सात वर्षों में 5 गुना बढ़ा?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि पिछले सात वर्षों में भारतीय शेयर बाजार के स्मॉलकैप सेगमेंट का मार्केट कैप 5 गुना बढ़ गया है? यह रिपोर्ट इस बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे के कारणों और निवेश के अवसरों पर प्रकाश डालती है। जानें कैसे स्मॉलकैप कंपनियां मिडकैप और लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

मुख्य बातें

स्मॉलकैप सेगमेंट का मार्केट कैप 5 गुना बढ़ा।
बजाज फिनसर्व एएमसी की रिपोर्ट के अनुसार 27.6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर।
स्मॉलकैप कंपनियों का मुनाफा वित्त वर्ष 25 में 29,941 करोड़ रुपए ।
74 प्रतिशत स्मॉलकैप कंपनियों की आरओसीई दोहरे अंक में।
गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक।

नई दिल्ली, 18 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार में स्मॉलकैप सेगमेंट का मार्केट कैप पिछले सात कैलेंडर वर्षों में 5 गुना बढ़कर 2024 के अंत में 92 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जबकि यह 2017 में 17 लाख करोड़ रुपए था। यह जानकारी बुधवार को एक रिपोर्ट में दी गई।

बजाज फिनसर्व एएमसी की रिपोर्ट में यह बताया गया कि पिछले सात वर्षों में स्मॉलकैप का प्रदर्शन मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर रहा है। इस दौरान स्मॉलकैप सेगमेंट का मार्केट कैप 27.6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ा है। इसके विपरीत, लार्जकैप और मिडकैप सेगमेंट के मार्केट कैप में क्रमश: 14.5 प्रतिशत और 21.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पिछले तीन वर्षों में शेयर बाजार के कुल मार्केट कैप में स्मॉलकैप का योगदान 1.4 गुना बढ़ा है। इसी तरह, पिछले चार वर्षों में कॉरपोरेट मुनाफे में उनका योगदान 2.5 गुना बढ़ा है। यह प्रवृत्ति स्मॉलकैप सेगमेंट के बढ़ते आकार और इसके द्वारा दिए जा रहे निवेश के अवसरों को दर्शाती है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में स्मॉलकैप में गिरावट देखी गई, जिससे बेहतर वैल्यूएशन पर अच्छी गुणवत्ता के स्मॉलकैप शेयरों को प्राप्त करने का अवसर निवेशकों को मिला।

बजाज फिनसर्व एएमसी के अनुसार, वित्त वर्ष 24 में स्मॉलकैप इंडेक्स में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके मुनाफे में 38 प्रतिशत का इजाफा देखा गया। इसके अलावा, वित्त वर्ष 25 में स्मॉलकैप कंपनियों का मुनाफा बढ़कर 29,941 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 24 में 21,669 करोड़ रुपए था।

इसके अलावा, शीर्ष 250 स्मॉलकैप कंपनियों में से 74 प्रतिशत की रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (आरओसीई) दोहरे अंक में थी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश करते समय गुणवत्ता पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है। 2017 से लगभग 50 प्रतिशत स्मॉलकैप कंपनियां माइक्रोकैप श्रेणी में चली गई हैं। केवल चार कंपनियों को मिडकैप श्रेणी में स्थान मिला है। इस कारण, स्मॉलकैप में निवेश करते समय कंपनियों की गुणवत्ता पर ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है।

इसके अतिरिक्त, बजाज फिनसर्व एएमसी ने बताया कि आईपीओ में भी स्मॉलकैप कंपनियां प्रमुख रही हैं और 2020 से करीब 196 स्मॉलकैप कंपनियों की लिस्टिंग हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि स्मॉलकैप सेगमेंट ने कैसे भारतीय शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निवेशकों को इस क्षेत्र में अवसरों की पहचान करनी चाहिए, जबकि गुणवत्ता पर ध्यान देना अनिवार्य है। यह रिपोर्ट हमें बताती है कि एक सतर्क दृष्टिकोण से निवेश के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्मॉलकैप का मार्केट कैप पिछले सात वर्षों में कितना बढ़ा?
स्मॉलकैप का मार्केट कैप पिछले सात वर्षों में 5 गुना बढ़कर 2024 के अंत में 92 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
क्या स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश करना सुरक्षित है?
स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश करते समय गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि कई कंपनियां माइक्रोकैप श्रेणी में चली गई हैं।
स्मॉलकैप कंपनियों का मुनाफा कैसे बढ़ा है?
वित्त वर्ष 25 में स्मॉलकैप कंपनियों का मुनाफा बढ़कर 29,941 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले वर्ष 21,669 करोड़ रुपए था।
राष्ट्र प्रेस