7 अगस्त 2026
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आवारा कुत्तों की समस्या: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की हर गुरुवार सोसाइटीवार बैठक, 24 सोसाइटियों का कार्यक्रम जारी

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आवारा कुत्तों की समस्या: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की हर गुरुवार सोसाइटीवार बैठक, 24 सोसाइटियों का कार्यक्रम जारी

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवारा कुत्तों को लेकर निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच बढ़ते विवादों पर लगाम लगाने के लिए हर गुरुवार सोसाइटीवार बैठक की नई व्यवस्था शुरू की है। 23 जुलाई से शुरू इस अभियान में 31 दिसंबर 2026 तक 24 सोसाइटियाँ शामिल होंगी।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 23 जुलाई 2026 से हर गुरुवार सोसाइटीवार बैठक की पहल शुरू की।
रवि कुमार के निर्देश पर बैठकों की अध्यक्षता महाप्रबंधक आर.के.
अब तक सेवियर ग्रीन आर्क , पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड के साथ तीन बैठकें हो चुकी हैं।
31 दिसंबर 2026 तक 24 सोसाइटियों को कवर करने का तिथिवार कार्यक्रम जारी।
बैठकों में एबीसी नियमों और पशु संरक्षण कानूनों की जानकारी भी दी जाती है।
अगली बैठक 13 अगस्त को हिमालया प्राइड सोसाइटी (टेकजोन-4) के साथ दोपहर 1 बजे ।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सोसाइटियों में लंबे समय से चली आ रही आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक संरचित पहल शुरू की है — अब प्रत्येक गुरुवार को सोसाइटीवार बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर डॉग फीडिंग प्वाइंट आपसी सहमति से तय किए जा रहे हैं। यह अभियान 23 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है और 31 दिसंबर 2026 तक 24 सोसाइटियों को कवर करने का कार्यक्रम जारी किया जा चुका है।

पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

प्राधिकरण के अनुसार, ग्रेटर नोएडा की कई आवासीय सोसाइटियों में निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच विवाद कानूनी लड़ाई तक पहुँच जाते हैं। इन टकरावों को रोकने और सभी पक्षों के हितों को संतुलित करने के उद्देश्य से सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर यह पहल शुरू की गई है। गौरतलब है कि आवारा पशु प्रबंधन को लेकर देशभर के शहरी निकायों में विवाद आम हैं, लेकिन संरचित बहु-पक्षीय बैठकों के ज़रिये समाधान की यह कोशिश अपेक्षाकृत नई है।

बैठक में कौन-कौन शामिल होते हैं

बैठकों की अध्यक्षता प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.के. भारती करते हैं। इनमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए), प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए), एस्टेट मैनेजर तथा डॉग फीडर्स भाग लेते हैं। बैठक में सभी पक्षों के सुझाव लिए जाते हैं और प्रतिभागियों को एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियमों व पशु संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जाती है।

अब तक की प्रगति और आगामी कार्यक्रम

23 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक सेवियर ग्रीन आर्क, पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड सोसाइटी के साथ तीन बैठकें हो चुकी हैं। अगली बैठक 13 अगस्त को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के साथ दोपहर 1 बजे प्राधिकरण कार्यालय के छठे तल स्थित बोर्ड रूम में होगी।

इसके बाद 20 अगस्त को जेपी ग्रींस, 27 अगस्त को येस सिटी सेक्टर-1, 3 सितंबर को गौर सिटी-1 स्थित एआईजी पार्क एवेन्यू, 10 सितंबर को एटीएस ग्रीन पैराडिसो, 17 सितंबर को अम्रपाली गोल्फ होम, 24 सितंबर को एनटीपीसी आनंदम और 1 अक्टूबर को पटेल नियो टाउन के साथ चरणबद्ध बैठकें होंगी। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक पंचशील, श्री राधा स्काई गार्डन और अंतरिक्ष गोल्फ लिंक जैसी सोसाइटियाँ भी इस अभियान में शामिल होंगी।

प्राधिकरण की उम्मीदें

प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने कहा कि इस पहल से सभी सोसाइटियों में डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित करने में सहमति बनेगी, निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच विवाद कम होंगे और स्ट्रे डॉग प्रबंधन को लेकर एक संतुलित व मानवीय व्यवस्था विकसित की जा सकेगी। यह पहल आगे चलकर अन्य शहरी निकायों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — बैठकें आयोजित करना और सहमति को ज़मीन पर उतारना दो अलग बातें हैं। देशभर में स्ट्रे डॉग विवाद अदालतों तक पहुँचते हैं क्योंकि स्थानीय निकाय एबीसी नियमों को लागू करने में विफल रहते हैं; महज बैठकों से यह खाई नहीं पटेगी। एचसीएल फाउंडेशन और एसपीसीए जैसी संस्थाओं की भागीदारी उत्साहजनक है, पर यह स्पष्ट नहीं है कि डॉग फीडिंग प्वाइंट तय होने के बाद उनके अनुपालन की निगरानी कौन करेगा। बिना जवाबदेही तंत्र के, यह पहल भी कागज़ी कार्यवाही बनकर रह सकती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सोसाइटीवार बैठक की पहल क्या है?
यह एक संरचित अभियान है जिसमें हर गुरुवार एक आवासीय सोसाइटी के साथ बैठक होती है और निवासियों, डॉग फीडर्स व प्रशासनिक अधिकारियों की आपसी सहमति से डॉग फीडिंग प्वाइंट तय किए जाते हैं। यह अभियान 23 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है और 31 दिसंबर 2026 तक 24 सोसाइटियों को कवर करेगा।
इन बैठकों में कौन-कौन से अधिकारी और संस्थाएँ शामिल होती हैं?
बैठकों की अध्यक्षता महाप्रबंधक आर.के. भारती करते हैं। इनमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, थाना प्रभारी, एसपीसीए, एचसीएल फाउंडेशन, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन, एस्टेट मैनेजर और डॉग फीडर्स भाग लेते हैं।
अगली बैठक कब और कहाँ होगी?
अगली बैठक 13 अगस्त 2026 को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के साथ दोपहर 1 बजे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के छठे तल स्थित बोर्ड रूम में होगी।
इस पहल से निवासियों को क्या फायदा होगा?
इस पहल से निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच विवाद कम होने की उम्मीद है, क्योंकि डॉग फीडिंग प्वाइंट आपसी सहमति से तय होंगे। साथ ही प्रतिभागियों को एबीसी नियमों और पशु संरक्षण कानूनों की जानकारी दी जाती है, जिससे भविष्य में कानूनी विवादों से बचा जा सके।
31 दिसंबर 2026 तक कौन-सी प्रमुख सोसाइटियाँ इस अभियान में शामिल होंगी?
जेपी ग्रींस, येस सिटी सेक्टर-1, एआईजी पार्क एवेन्यू, एटीएस ग्रीन पैराडिसो, अम्रपाली गोल्फ होम, एनटीपीसी आनंदम, पटेल नियो टाउन, पंचशील, श्री राधा स्काई गार्डन और अंतरिक्ष गोल्फ लिंक सहित कुल 24 सोसाइटियाँ इस अभियान का हिस्सा बनेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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