आवारा कुत्तों की समस्या: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की हर गुरुवार सोसाइटीवार बैठक, 24 सोसाइटियों का कार्यक्रम जारी
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सोसाइटियों में लंबे समय से चली आ रही आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक संरचित पहल शुरू की है — अब प्रत्येक गुरुवार को सोसाइटीवार बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर डॉग फीडिंग प्वाइंट आपसी सहमति से तय किए जा रहे हैं। यह अभियान 23 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है और 31 दिसंबर 2026 तक 24 सोसाइटियों को कवर करने का कार्यक्रम जारी किया जा चुका है।
पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
प्राधिकरण के अनुसार, ग्रेटर नोएडा की कई आवासीय सोसाइटियों में निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच विवाद कानूनी लड़ाई तक पहुँच जाते हैं। इन टकरावों को रोकने और सभी पक्षों के हितों को संतुलित करने के उद्देश्य से सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर यह पहल शुरू की गई है। गौरतलब है कि आवारा पशु प्रबंधन को लेकर देशभर के शहरी निकायों में विवाद आम हैं, लेकिन संरचित बहु-पक्षीय बैठकों के ज़रिये समाधान की यह कोशिश अपेक्षाकृत नई है।
बैठक में कौन-कौन शामिल होते हैं
बैठकों की अध्यक्षता प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.के. भारती करते हैं। इनमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए), प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए), एस्टेट मैनेजर तथा डॉग फीडर्स भाग लेते हैं। बैठक में सभी पक्षों के सुझाव लिए जाते हैं और प्रतिभागियों को एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियमों व पशु संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जाती है।
अब तक की प्रगति और आगामी कार्यक्रम
23 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक सेवियर ग्रीन आर्क, पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड सोसाइटी के साथ तीन बैठकें हो चुकी हैं। अगली बैठक 13 अगस्त को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के साथ दोपहर 1 बजे प्राधिकरण कार्यालय के छठे तल स्थित बोर्ड रूम में होगी।
इसके बाद 20 अगस्त को जेपी ग्रींस, 27 अगस्त को येस सिटी सेक्टर-1, 3 सितंबर को गौर सिटी-1 स्थित एआईजी पार्क एवेन्यू, 10 सितंबर को एटीएस ग्रीन पैराडिसो, 17 सितंबर को अम्रपाली गोल्फ होम, 24 सितंबर को एनटीपीसी आनंदम और 1 अक्टूबर को पटेल नियो टाउन के साथ चरणबद्ध बैठकें होंगी। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक पंचशील, श्री राधा स्काई गार्डन और अंतरिक्ष गोल्फ लिंक जैसी सोसाइटियाँ भी इस अभियान में शामिल होंगी।
प्राधिकरण की उम्मीदें
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने कहा कि इस पहल से सभी सोसाइटियों में डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित करने में सहमति बनेगी, निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच विवाद कम होंगे और स्ट्रे डॉग प्रबंधन को लेकर एक संतुलित व मानवीय व्यवस्था विकसित की जा सकेगी। यह पहल आगे चलकर अन्य शहरी निकायों के लिए एक मॉडल बन सकती है।