ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नई पहल: स्ट्रे डॉग समस्या पर हर गुरुवार होगी सोसाइटीवार बैठक
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सोसाइटियों में लंबे समय से चली आ रही आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक नई और संरचित पहल शुरू की है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्रत्येक गुरुवार को सोसाइटीवार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सभी संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर आपसी सहमति से डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित किए जा रहे हैं।
पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों में निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच आवारा कुत्तों को लेकर विवाद अक्सर कानूनी लड़ाई तक पहुँच जाते हैं। प्राधिकरण के अनुसार, इन्हीं टकरावों को रोकने और सभी पक्षों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान तैयार किया गया है। 23 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक सेवियर ग्रीन आर्क, पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड सोसाइटी के साथ तीन बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
बैठक की संरचना और प्रतिभागी
इन बैठकों की अध्यक्षता महाप्रबंधक आर.के. भारती करते हैं। इनमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए), प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए), एस्टेट मैनेजर और डॉग फीडर्स सभी शामिल होते हैं। बैठक में प्रतिभागियों को एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियमों और पशु संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी जाती है।
आगामी बैठकों का कार्यक्रम
प्राधिकरण ने 31 दिसंबर 2026 तक 24 सोसाइटियों के लिए तिथिवार बैठक कार्यक्रम जारी कर दिया है। अगली बैठक 13 अगस्त को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के साथ दोपहर 1 बजे प्राधिकरण कार्यालय के छठे तल स्थित बोर्ड रूम में होगी। इसके बाद 20 अगस्त को जेपी ग्रींस, 27 अगस्त को येस सिटी सेक्टर-1, 3 सितंबर को गौर सिटी-1 स्थित एआईजी पार्क एवेन्यू, 10 सितंबर को एटीएस ग्रीन पैराडिसो, 17 सितंबर को अम्रपाली गोल्फ होम, 24 सितंबर को एनटीपीसी आनंदम और 1 अक्टूबर को पटेल नियो टाउन के साथ चरणबद्ध बैठकें आयोजित की जाएंगी।
दिसंबर तक का विस्तार
दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक पंचशील, श्री राधा स्काई गार्डन और अंतरिक्ष गोल्फ लिंक जैसी प्रमुख सोसाइटियाँ भी इस अभियान में शामिल होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के शहरी निकायों पर आवारा पशु प्रबंधन को लेकर न्यायालयों और नागरिक समूहों का दबाव बढ़ रहा है।
प्रशासन की उम्मीदें
प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से सभी सोसाइटियों में डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारण पर सहमति बनेगी, निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच विवाद कम होंगे और स्ट्रे डॉग प्रबंधन की एक संतुलित एवं मानवीय व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल की सफलता अन्य शहरी प्राधिकरणों के लिए एक मॉडल बन सकती है।