वेट्री वानमगल योजना: तमिलनाडु की महिला किसानों को मिलेगी ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, ₹4 करोड़ का बजट
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 6 अगस्त 2026 को 'वेट्री वानमगल योजना' की घोषणा की, जिसके तहत राज्य की महिला किसानों को कृषि ड्रोन संचालन का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य तकनीक-आधारित खेती को बढ़ावा देना और ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए अवसर खोलना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोथ ने विधानसभा में 2026-27 का कृषि बजट पेश करते हुए इस योजना का ऐलान किया।
योजना में क्या शामिल है
इस योजना के अंतर्गत 500 योग्य उम्मीदवारों को ड्रोन संचालन का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें 100 महिलाएँ विशेष रूप से शामिल होंगी। प्रशिक्षण तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (TNAU) के रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइज़ेशन के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को ड्रोन पायलट लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण व्यय के लिए राज्य सरकार ने ₹1.50 करोड़ आवंटित किए हैं।
सब्सिडी और वित्तीय सहायता
प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार 50 प्रशिक्षित महिलाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ड्रोन उपलब्ध कराएगी। इस सब्सिडी घटक के लिए राज्य कोष से ₹2.50 करोड़ अलग से आवंटित किए गए हैं। इस प्रकार योजना का कुल बजट ₹4 करोड़ है।
ड्रोन तकनीक से कृषि को लाभ
मंत्री विनोथ ने कहा कि ड्रोन तकनीक खेती, निर्माण, माल ढुलाई, निगरानी और आपदा प्रबंधन सहित अनेक क्षेत्रों में तेज़ी से रोज़गार के अवसर पैदा कर रही है। कृषि में ड्रोन के उपयोग से उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव तथा फसल निगरानी जैसे श्रम-सघन कार्यों में मानवीय निर्भरता घटती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह तकनीक खेती के महत्वपूर्ण मौसमों में श्रमिकों की कमी की समस्या से निपटने में सहायक हो सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ और राजनीतिक महत्व
मंत्री ने रेखांकित किया कि यह पहल इसलिए और भी प्रासंगिक है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को 'महिला किसान का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष' घोषित किया है, जिससे कृषि एवं खाद्य सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक ध्यान केंद्रित हुआ है। उन्होंने इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की महिला-केंद्रित नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पेन' फ़ोर्स बनाई गई थी, उसी तरह अब खेती की सुरक्षा और सहारे के लिए 'वानमगल फ़ोर्स' तैयार की जाएगी।
आगे की राह
सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से प्रशिक्षित महिला ड्रोन ऑपरेटरों की एक नई पीढ़ी तैयार होगी जो ड्रोन-आधारित कृषि सेवाओं को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपना सकेंगी। यह पहल तमिलनाडु के खेतों में प्रिसिजन एग्रीकल्चर तकनीक के विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।