क्या तमिलनाडु में रोजगार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है?
सारांश
Key Takeaways
- सीएम स्टालिन ने ट्रांसजेंडर युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए।
- तमिलनाडु होम गार्ड्स में 50 ट्रांसजेंडर युवाओं की भर्ती।
- स्वरोजगार के लिए 50,000 रुपये तक की सहायता।
- पोंगल के अवसर पर वित्तीय सहायता वितरित की गई।
- ट्रांसजेंडर नीति का उद्देश्य समावेशिता को बढ़ावा देना है।
चेन्नई, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण और प्रशंसनीय कदम उठाते हुए सात ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। यह निर्णय तमिलनाडु होम गार्ड्स में 50 ट्रांसजेंडर युवाओं की औपचारिक भर्ती का प्रतीक है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन चुने गए उम्मीदवारों को राज्य के सहायक सुरक्षा बल में अपनी जिम्मेदारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपनी पूरी क्षमताओं से सेवा कर सकें।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को होम गार्ड्स में शामिल करने का यह फैसला राज्य सरकार की वर्ष 2025 की ट्रांसजेंडर नीति के कार्यान्वयन के साथ किया गया है। इस नीति का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा में लाना और उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर प्रदान करना है। नीति में आत्म-पहचान के अधिकार को मान्यता दी गई है, और उत्तराधिकार कानूनों में संशोधन की सिफारिश भी की गई है, ताकि ट्रांसजेंडर समुदाय को विरासत का अधिकार मिल सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 से अब तक राज्य सरकार ने 811 से अधिक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए सहायता प्रदान की है। इसके अंतर्गत उन्हें 50,000 रुपये तक की सब्सिडी दी गई है, जिससे वे छोटे व्यवसाय या व्यापार शुरू कर सकें। इसके अतिरिक्त, सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय की मासिक पेंशन को बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया है। साथ ही, छात्रों को भी अब ‘पुधुमई पेन’ छात्रवृत्ति योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्टालिन ने पोंगल त्योहार के संदर्भ में 2,000 रुपये की वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए। इस सहायता का लाभ मंदिरों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों सहित 12 लाभार्थियों को मिला, जो हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग से जुड़े हैं। खास बात यह है कि पहली बार कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के माध्यम से पेंशन और पारिवारिक पेंशन पाने वाले लोगों को भी यह सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री ने राज्य के रोजगार क्षेत्र में प्राप्त की गई उपलब्धियों पर भी चर्चा की। श्रम कल्याण और कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित मेगा निजी क्षेत्र रोजगार मेलों के माध्यम से उम्मीदवार को नियुक्ति आदेश सौंपा गया। ये रोजगार मेले युवाओं को निजी क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में नौकरी पाने का अवसर प्रदान करते हैं।
सरकार द्वारा दी जा रही यह वित्तीय सहायता जनवरी में आने वाले फसल उत्सव को ध्यान में रखते हुए समय पर दी जा रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने 3,000 रुपये की नकद सहायता और चावल, चीनी तथा गन्ने से भरे उपहार पैकेट भी वितरित किए हैं। इन राहत उपायों का लाभ राज्य के 2.2 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को मिल रहा है, विशेषकर कम आय वाले परिवारों और किसानों को इससे बड़ी राहत मिली है।