टाटानगर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास: 9 प्लेटफॉर्म, तीसरी-चौथी रेल लाइन और वंदे भारत हब की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 26 अक्टूबर 2026 को झारखंड में रेल अवसंरचना के विस्तार की विस्तृत जानकारी साझा की, जिसके केंद्र में टाटानगर रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास और कई नई रेल लाइनों का निर्माण है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में यात्री क्षमता, माल ढुलाई और औद्योगिक संपर्क में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य टाटानगर को पूर्वी भारत के एक प्रमुख रेल केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
स्टेशन पुनर्विकास: क्या बदलेगा
मौजूदा पाँच प्लेटफॉर्म बढ़ाकर नौ किए जाने का प्रस्ताव है। स्टेशन के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर नए स्टेशन भवन बनाए जाएंगे, जिससे शहर के दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा।
इसके साथ ही एयर कॉनकोर्स, आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग सुविधाएँ भी विकसित होंगी। रेलवे यार्ड की क्षमता बढ़ाने के लिए अप ग्रिड में चार अतिरिक्त लूप लाइनें और तीन नए प्लेटफॉर्म भी जोड़े जाने की योजना है।
तीसरी-चौथी रेल लाइन परियोजनाएँ
आदित्यपुर-टाटानगर-सलगाझरी खंड में तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य फिलहाल जारी है। सीनी-कांड्रा और चांडिल-गम्हरिया खंडों में तीसरी और चौथी रेल लाइन विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
चांडिल-कांड्रा खंड में तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वहीं राजखरसावां-डंगोआपोसी खंड की तीसरी लाइन पहले ही चालू की जा चुकी है। इन परियोजनाओं से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी और नेटवर्क पर दबाव कम होगा।
वंदे भारत हब और नया कोचिंग डिपो
रेल मंत्रालय की योजना टाटानगर को वंदे भारत ट्रेनों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसके लिए आधुनिक कोचिंग डिपो और रखरखाव के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का विकास किया जाएगा। इस संबंध में स्वीकृति की प्रक्रिया अभी जारी बताई जा रही है।
सांतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस की शुरुआत
रेल संपर्क को और व्यापक बनाने की दिशा में 26 अक्टूबर 2026 को सांतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस की उद्घाटन विशेष सेवा शुरू की गई। यह ट्रेन टाटानगर, रांची, डालटनगंज, सासाराम, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और खातीपुरा सहित कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।
गौरतलब है कि यह सेवा टाटानगर को उत्तर भारत और राजस्थान से सीधे जोड़ने का काम करेगी, जो अब तक एक बड़ी कनेक्टिविटी की कमी थी।
क्षेत्रीय विकास पर असर
टाटानगर के निकट सुंदरनगर में एक नए रेलवे स्टेशन का विकास भी किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई रेलवे ओवरब्रिज और रेलवे अंडरब्रिज भी निर्माणाधीन हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, बेहतर रेल संपर्क से टाटानगर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, वाणिज्यिक, शैक्षणिक, रोजगार, पर्यटन और तीर्थाटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकता बढ़ी है, और टाटानगर जैसे औद्योगिक केंद्रों की रेल क्षमता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।