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केसीआर १,००० दिनों में सिर्फ ३ बार विधानसभा आए — तेलंगाना कांग्रेस ने माँगा इस्तीफा

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केसीआर १,००० दिनों में सिर्फ ३ बार विधानसभा आए — तेलंगाना कांग्रेस ने माँगा इस्तीफा

सारांश

तेलंगाना कांग्रेस ने हैदराबाद में रैली निकालकर केसीआर पर निशाना साधा — आरोप है कि वे १,००० दिनों में सिर्फ तीन बार विधानसभा आए, जबकि सार्वजनिक कोष से करोड़ों रुपये वेतन और सुविधाओं में लिए। कांग्रेस नेता ने यह पद किसी दलित विधायक को सौंपने की भी माँग की।

मुख्य बातें

तेलंगाना कांग्रेस ने 4 सितंबर को हैदराबाद में रैली निकालकर केसीआर से विपक्ष नेता पद से इस्तीफे की माँग की।
कांग्रेस का आरोप: केसीआर १,००० दिनों में केवल तीन बार तेलंगाना विधानसभा में उपस्थित हुए।
कथित तौर पर केसीआर ने इस दौरान ₹1.32 करोड़ वेतन लिया और उनकी सुरक्षा पर ₹21 करोड़ खर्च हुए।
कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने माँग की कि यह पद किसी दलित विधायक को सौंपा जाए।
रैली गांधी भवन से गन पार्क तक निकाली गई; प्रदर्शनकारियों ने केसीआर को 'कुंभकर्ण' बताने वाले पोस्टर लहराए।

तेलंगाना कांग्रेस ने शुक्रवार, 4 सितंबर को हैदराबाद में एक बड़ी विरोध रैली निकालकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से विपक्ष के नेता पद से तत्काल इस्तीफे की माँग की। कांग्रेस का आरोप है कि केसीआर १,००० दिनों में केवल तीन बार तेलंगाना विधानसभा में उपस्थित हुए, जबकि इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक कोष से करोड़ों रुपये वेतन और सुविधाओं के रूप में लिए।

रैली का घटनाक्रम

खैरताबाद जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) ने यह विरोध रैली गांधी भवन से गन पार्क तक निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केसीआर को पौराणिक पात्र 'कुंभकर्ण' के रूप में दर्शाने वाले बड़े पोस्टर लेकर मार्च किया और 'फार्महाउस में 1000 दिन — फिर भी पद पर क्यों?' के नारे लगाए।

वित्तीय आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केसीआर ने विधानसभा में अनुपस्थित रहते हुए ₹1.32 करोड़ वेतन के रूप में लिए। इसके अलावा, उनकी सुरक्षा व्यवस्था और बुलेटप्रूफ वाहनों पर सरकारी खजाने से ₹21 करोड़ खर्च होने का दावा किया गया।

खैरताबाद डीसीसी अध्यक्ष मोथा रोहित ने कहा कि कांग्रेस सरकार के एक हजार दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन विपक्ष के नेता केसीआर तेलंगाना में कहीं दिखाई नहीं दे रहे। उनके अनुसार, जनता ने केसीआर को यह जिम्मेदार पद सौंपा, लेकिन वे अपने फार्महाउस में रहकर अपनी जिम्मेदारियों से मुँह मोड़े हुए हैं।

दलित नेतृत्व की माँग

कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने माँग की कि केसीआर विपक्ष के नेता का पद किसी दलित विधायक को सौंपें। उन्होंने याद दिलाया कि तेलंगाना राज्य गठन से पहले केसीआर ने किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन अपने दस वर्षों के शासनकाल में उन्होंने वह वादा पूरा नहीं किया।

शोभन ने आगे आरोप लगाया कि पिछले १,००० दिनों में केसीआर ने तेलंगाना की जनता की मेहनत की कमाई से ₹1,20,40,000 वेतन लिया और चार कारों, 57 कर्मचारियों तथा नंदीनगर स्थित आवास व फार्महाउस के बीच आवागमन पर जनता के ₹24 करोड़ खर्च किए। उन्होंने कहा, 'इसीलिए आपको माफी माँगनी चाहिए; वरना, तेलंगाना की जनता निश्चित रूप से आपको माकूल जवाब देगी।'

विधानसभा में अनुपस्थिति का मुद्दा

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केसीआर बीसी बिल, एससी वर्गीकरण, किसानों के मुद्दों, बिजली की समस्याओं और बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विधानसभा से अनुपस्थित रहे। शोभन ने बीआरएस नेता केटी रामा राव (केटीआर) से भी अपील की कि वे अपने पिता को विपक्ष के नेता की जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए प्रेरित करें।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के १,०००वें दिन का जश्न मना रही है। केसीआर या बीआरएस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विरोध प्रदर्शन आगामी विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीतिक सक्रियता का हिस्सा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसकी अपनी सरकार के एक हजार दिन भी आलोचनाओं से परे नहीं रहे। दलित नेतृत्व की माँग को इस विरोध में जोड़ना रणनीतिक है — यह बीआरएस पर सामाजिक न्याय के मोर्चे पर भी दबाव बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या तेलंगाना विधानसभा के पास विपक्ष के नेता को हटाने या जवाबदेह ठहराने का कोई संस्थागत तंत्र है — और अगर नहीं, तो यह बहस सड़क पर नहीं, सदन में होनी चाहिए।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना कांग्रेस केसीआर से इस्तीफा क्यों माँग रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि केसीआर विपक्ष के नेता होते हुए भी पिछले १,००० दिनों में केवल तीन बार तेलंगाना विधानसभा में उपस्थित हुए। पार्टी का कहना है कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियाँ नहीं निभा रहे, जबकि सार्वजनिक कोष से वेतन और सुविधाएँ ले रहे हैं।
केसीआर पर कितने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप है?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, केसीआर ने इस अवधि में ₹1.32 करोड़ वेतन लिया और उनकी सुरक्षा व बुलेटप्रूफ वाहनों पर ₹21 करोड़ खर्च हुए। इंदिरा शोभन ने दावा किया कि कुल खर्च ₹24 करोड़ से अधिक है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और बीआरएस ने इन पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कांग्रेस ने दलित नेता को विपक्ष नेता बनाने की माँग क्यों की?
कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने कहा कि तेलंगाना राज्य गठन से पहले केसीआर ने किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, जो दस वर्षों में पूरा नहीं हुआ। उन्होंने माँग की कि कम से कम विपक्ष के नेता का पद अब किसी दलित विधायक को सौंपा जाए।
यह विरोध रैली कहाँ और कैसे हुई?
खैरताबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने यह रैली हैदराबाद में गांधी भवन से गन पार्क तक निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केसीआर को 'कुंभकर्ण' बताने वाले पोस्टर लहराए और 'फार्महाउस में 1000 दिन — फिर भी पद पर क्यों?' के नारे लगाए।
केटीआर की इस मामले में क्या भूमिका बताई गई है?
कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने बीआरएस नेता केटी रामा राव (केटीआर) से अपील की कि वे अपने पिता केसीआर को विपक्ष के नेता की जिम्मेदारियाँ निभाने और विधानसभा सत्रों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
राष्ट्र प्रेस
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