12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टाइगर बेबी डिजिटल के दफ्तर से 66 हार्ड डिस्क चोरी, 'मेड इन हेवन' समेत कई परियोजनाओं का डेटा गायब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टाइगर बेबी डिजिटल के दफ्तर से 66 हार्ड डिस्क चोरी, 'मेड इन हेवन' समेत कई परियोजनाओं का डेटा गायब

सारांश

मुंबई के फिल्म जगत में बड़ा झटका — जोया अख्तर और रीमा कागती की टाइगर बेबी डिजिटल के दफ्तर से 66 हार्ड डिस्क चोरी हो गईं। 'मेड इन हेवन' समेत कई परियोजनाओं का संवेदनशील डेटा खतरे में है। एक कर्मचारी गिरफ्तार, पुलिस जाँच जारी।

मुख्य बातें

टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी के बांद्रा पश्चिम दफ्तर से 66 हार्ड डिस्क कथित तौर पर चोरी हुईं; कुल 119 में से 66 का पता नहीं।
चोरी का खुलासा 21 मई को हुआ जब कर्मचारियों को भंडारण अलमारियों में डिस्क की जगह खाली बक्से मिले।
प्रभावित परियोजनाओं में मेड इन हेवन , घोस्ट स्टोरीज , नायका अभियान और गांधी मनी शो शामिल हैं।
ऑफिस बॉय मोहम्मद शाहिद अजीम खान गिरफ्तार; उसने पिछले 5 महीनों में चोरी और 24 डिस्क को ₹15,000–₹20,000 प्रति डिस्क बेचने की बात स्वीकारी।
लापता डिवाइसों का अनुमानित मूल्य ₹12–13 लाख ; डेटा लीक हुआ तो नुकसान करोड़ों में संभव।
पुलिस बोरीवली निवासी रितेश और कर्मचारी कल्पेश पवार की भूमिका की भी जाँच कर रही है।

टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी — फिल्मकार जोया अख्तर और रीमा कागती की मुंबई स्थित प्रोडक्शन कंपनी — के बांद्रा पश्चिम कार्यालय से 66 हार्ड डिस्क कथित तौर पर चोरी हो गई हैं, जिनमें 'मेड इन हेवन', 'घोस्ट स्टोरीज' और अन्य परियोजनाओं का संवेदनशील उत्पादन डेटा संग्रहित था। बांद्रा पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद शाहिद अजीम खान और रितेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है; शाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि रितेश की तलाश जारी है।

चोरी का खुलासा कैसे हुआ

चोरी का पता 21 मई को तब चला जब कार्यालय के कर्मचारी काम के लिए एक विशेष हार्ड डिस्क ढूंढ रहे थे और वह नहीं मिली। इसके बाद भंडारण अलमारियों की जाँच की गई तो पाया गया कि कई डिवाइस गायब हैं। कर्मचारियों को मूल उपकरणों की जगह खाली और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बक्से मिले। आग या बाहरी नुकसान के कोई संकेत नहीं थे, जिसके बाद कंपनी ने आंतरिक जाँच शुरू की।

आंतरिक जाँच में सामने आया कि प्रोडक्शन हाउस के पास कुल 119 हार्ड डिस्क थीं, जिनमें से 66 का अभी तक पता नहीं चल पाया है। ये डिवाइस 16 से 72 टेराबाइट क्षमता की थीं और फिल्मों, ओटीटी परियोजनाओं तथा व्यावसायिक शूट के भारी-भरकम डिजिटल डेटा को संग्रहित करने के काम आती थीं।

किन परियोजनाओं का डेटा प्रभावित

बांद्रा पुलिस के अनुसार, लापता हार्ड डिस्क में मेड इन हेवन, घोस्ट स्टोरीज, नायका अभियान और गांधी मनी शो सहित कई परियोजनाओं की रॉ फुटेज, संपादन टाइमलाइन, बैकअप फाइलें और उत्पादन अभिलेखागार मौजूद थे। लापता स्टोरेज डिवाइसों और डेटा हानि का अनुमानित मूल्य लगभग ₹12 से 13 लाख बताया जा रहा है। हालांकि उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि यदि कोई अप्रकाशित सामग्री ऑनलाइन लीक हुई तो वास्तविक नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुँच सकता है।

आरोपी की पहचान और स्वीकारोक्ति

गिरफ्तार आरोपी शाहिद टाइगर बेबी डिजिटल के दफ्तर में ऑफिस बॉय के रूप में काम करता था और कई वर्षों से हार्ड डिस्क की देखरेख व भंडारण की जिम्मेदारी उसके पास थी। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पिछले 5 महीनों में कई हार्ड डिस्क चुराने की बात स्वीकार की है।

शाहिद ने यह भी बताया कि उसने बोरीवली निवासी रितेश को 24 हार्ड डिस्क लगभग ₹15,000 से ₹20,000 प्रति हार्ड डिस्क के हिसाब से बेचीं। हालांकि वह शेष लापता डिस्क के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया, जिससे जाँचकर्ताओं को संदेह है कि इस मामले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

जाँच का दायरा

कंपनी की कार्यकारी सहायक और मानव संसाधन प्रशासक मेहजबीन मुश्ताक शेख की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस एक अन्य कर्मचारी कल्पेश पवार की संभावित भूमिका की भी जाँच कर रही है; हालांकि जाँचकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।

बांद्रा पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए डेटा की प्रतियाँ बनाई गईं या नहीं, उसे बेचा गया या आगे लीक किया गया। जाँचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या डिजिटल डेटा की चोरी से जुड़ा कोई बड़ा गिरोह इस मामले के पीछे है। मुंबई के फिल्म उद्योग में यह घटना डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय मनोरंजन उद्योग की डिजिटल सुरक्षा की खामियों का आईना है। जब करोड़ों की अप्रकाशित सामग्री एक ऑफिस बॉय की पहुँच में वर्षों तक रहे और कोई एक्सेस-लॉग या भौतिक सत्यापन न हो, तो समस्या तकनीकी नहीं, प्रशासनिक है। ओटीटी के विस्तार के साथ प्री-रिलीज़ लीक की आर्थिक कीमत तेज़ी से बढ़ी है, फिर भी उद्योग में डिजिटल संपत्ति प्रबंधन के मानक अभी भी अनौपचारिक हैं। यह घटना एक संकेत है कि बड़े प्रोडक्शन हाउसों को एन्क्रिप्टेड क्लाउड बैकअप और कड़े भौतिक-एक्सेस प्रोटोकॉल को अब वैकल्पिक नहीं, अनिवार्य मानना होगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर बेबी डिजिटल से हार्ड डिस्क चोरी का मामला क्या है?
जोया अख्तर और रीमा कागती की प्रोडक्शन कंपनी टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी के मुंबई स्थित बांद्रा पश्चिम दफ्तर से 66 हार्ड डिस्क कथित तौर पर चोरी हो गई हैं। इन डिस्क में 'मेड इन हेवन' सहित कई परियोजनाओं की रॉ फुटेज और उत्पादन डेटा संग्रहित था।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
बांद्रा पुलिस ने कंपनी के ऑफिस बॉय मोहम्मद शाहिद अजीम खान को गिरफ्तार किया है। उसने पूछताछ में पिछले 5 महीनों में हार्ड डिस्क चुराने और बोरीवली निवासी रितेश को 24 डिस्क बेचने की बात स्वीकार की है; रितेश की तलाश जारी है।
चोरी हुई हार्ड डिस्क में किन परियोजनाओं का डेटा था?
लापता हार्ड डिस्क में 'मेड इन हेवन', 'घोस्ट स्टोरीज', 'नायका अभियान' और 'गांधी मनी शो' सहित कई परियोजनाओं की रॉ फुटेज, संपादन टाइमलाइन और पोस्ट-प्रोडक्शन बैकअप फाइलें थीं।
चोरी हुए डेटा और डिवाइस का अनुमानित नुकसान कितना है?
पुलिस के अनुसार लापता स्टोरेज डिवाइसों का अनुमानित मूल्य लगभग ₹12 से 13 लाख है। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अप्रकाशित सामग्री ऑनलाइन लीक हुई तो वास्तविक नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुँच सकता है।
पुलिस आगे क्या जाँच कर रही है?
बांद्रा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए डेटा की प्रतियाँ बनाई गईं या उसे आगे बेचा-लीक किया गया। इसके अलावा कर्मचारी कल्पेश पवार की संभावित भूमिका और किसी बड़े डिजिटल डेटा चोरी गिरोह की संलिप्तता की भी जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले