तृणमूल पार्षद संजय दास का शव नागेरबाजार आवास पर फंदे से लटका मिला, पोस्टमार्टम जारी
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद संजय दास का शव शनिवार तड़के कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके नागेरबाजार स्थित उनके आवास में फंदे से लटका हुआ मिला। दास उत्तर 24 परगना जिले की दक्षिण दमदम नगरपालिका के वार्ड नंबर 18 से निर्वाचित पार्षद थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के वास्तविक कारण की जाँच जारी है।
घटनाक्रम और प्रारंभिक जाँच
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। अधिकारियों के अनुसार, दास के बेडरूम से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या की आशंका जताई है, हालाँकि मौत के निश्चित कारण का पता विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
राजनीतिक कनेक्शन और पृष्ठभूमि
स्थानीय लोगों के अनुसार, संजय दास राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक और प्रसिद्ध भक्ति गायिका अदिति मुंशी तथा उनके पति देबराज चक्रवर्ती के करीबी थे। देबराज चक्रवर्ती स्वयं बिधाननगर नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद हैं। उल्लेखनीय है कि मुंशी इस बार राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गई थीं।
पड़ोसियों ने बताया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से दास काफी उदास और मानसिक तनाव में थे। कथित तौर पर, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा के एक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में देबराज चक्रवर्ती को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की हालिया घटना ने दास की चिंता और बढ़ा दी थी।
कलकत्ता उच्च न्यायालय का अंतरिम आदेश
इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में अदिति मुंशी और उनके पति देबराज चक्रवर्ती को गिरफ्तारी सहित पुलिस की किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई से 19 जून तक अंतरिम राहत प्रदान की।
न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक दोनों के खिलाफ आरोपों से जुड़े सभी साक्ष्य अदालत में पेश करने का निर्देश दिया। राज्य पुलिस को भी उसी तिथि तक जाँच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।
आम जनता और स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का मानना है कि चुनावी हार का झटका और करीबी सहयोगी की हिरासत जैसी घटनाओं के कारण दास अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं पर कानूनी दबाव बढ़ता दिख रहा है।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि करेगी। गौरतलब है कि सुसाइड नोट न मिलने से जाँच की दिशा अभी अनिश्चित बनी हुई है। मामले की पूरी तस्वीर तभी स्पष्ट होगी जब चिकित्सीय और फोरेंसिक रिपोर्टें सामने आएँगी।