तिलजला हिंसा: TMC विधायक जावेद खान ने अलीपुर कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, मिली जमानत
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक जावेद खान ने 21 मई 2026 को कोलकाता के अलीपुर स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण किया। 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दिन तिलजला में भड़की अशांति के सिलसिले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज थी। अदालत ने उन्हें एक निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, चुनाव परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद तिलजला इलाके में अशांति फैल गई थी। यह क्षेत्र विधायक जावेद खान के विधानसभा क्षेत्र कस्बा के अंतर्गत आता है। दर्ज एफआईआर में जावेद खान सहित 11 लोगों के नाम शामिल थे। बाकी 10 आरोपी इससे पहले ही अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके थे और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
माला रॉय का भी आत्मसमर्पण
इसी दौरान, कोलकाता दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय ने भी अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनके और उनके पुत्र निर्बान रॉय के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने दोनों को ₹1,500 के मुचलके पर जमानत दे दी।
आरोप और खंडन
आरोप लगाया गया है कि चुनाव नतीजों की घोषणा वाली शाम माला रॉय ने कथित तौर पर हथियार लहराकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं को धमकाया था। हालाँकि, माला रॉय ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए दावा किया कि उन्हें इस मामले में झूठा फँसाया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
चुनाव नतीजों के बाद से पुलिस असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। उल्लेखनीय है कि यह ऐसे समय में आया है जब कानून उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर राज्य सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।
आगे क्या होगा
जमानत मिलने के बावजूद जावेद खान और अन्य आरोपियों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई में अदालत आरोपों की प्रकृति और साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। तिलजला हिंसा और आर्म्स एक्ट मामलों में अब सभी नामित आरोपी जमानत पर हैं।