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तमिलनाडु: निजी स्कूलों को 5 जून तक स्वीकृत ट्यूशन फीस सार्वजनिक करने का आदेश

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तमिलनाडु: निजी स्कूलों को 5 जून तक स्वीकृत ट्यूशन फीस सार्वजनिक करने का आदेश

सारांश

तमिलनाडु सूचना आयोग के फैसले के बाद निजी स्कूल निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया — 5 जून तक स्वीकृत फीस नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अनिवार्य, जिला अधिकारी 10 जून तक रिपोर्ट देंगे। अभिभावकों की वर्षों पुरानी शिकायतों पर यह पहली ठोस प्रशासनिक कार्रवाई है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु निजी स्कूल निदेशालय ने सभी निजी स्कूलों को 5 जून 2026 तक स्वीकृत ट्यूशन फीस नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर प्रदर्शित करने का आदेश दिया।
यह आदेश तमिलनाडु सूचना आयोग के 29 मई के फैसले के बाद जारी किया गया, जिसमें फीस ढाँचे को सार्वजनिक जानकारी माना गया।
नर्सरी, प्राइमरी, मैट्रिकुलेशन, सीबीएसई और अन्य प्राइवेट बोर्ड स्कूल — सभी इस आदेश के दायरे में हैं।
स्कूलों को प्रवेश आवेदन पत्रों में भी कक्षा-वार फीस विवरण शामिल करना अनिवार्य होगा।
जिला शिक्षा अधिकारियों को 10 जून तक अनुपालन रिपोर्ट और फोटोग्राफिक साक्ष्य निदेशालय को सौंपने होंगे।
सुगन्या ने चेतावनी दी कि उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सरकारी नोटिस और आगे की कार्रवाई होगी।

तमिलनाडु के निजी स्कूल निदेशालय ने राज्य के सभी निजी स्कूलों को 5 जून 2026 तक अपनी स्वीकृत ट्यूशन फीस की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। फीस वसूली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया यह कदम तमिलनाडु सूचना आयोग के 29 मई के फैसले के बाद आया है।

आदेश की पृष्ठभूमि

तमिलनाडु सूचना आयोग ने अपने हालिया फैसले में स्पष्ट किया कि स्कूल का फीस ढाँचा एक प्रकार की सार्वजनिक जानकारी है और इसे अभिभावकों तथा आम जनता के लिए सुलभ बनाया जाना चाहिए। आयोग ने निजी स्कूल निदेशालय को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और 15 जून तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि यह आदेश ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली को लेकर अभिभावकों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। यह निर्देश राज्य के नर्सरी, प्राइमरी, मैट्रिकुलेशन, सीबीएसई और अन्य प्राइवेट बोर्ड स्कूलों पर समान रूप से लागू होता है।

आदेश में क्या है

निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल को फीस निर्धारण समिति द्वारा अनुमोदित ट्यूशन फीस को इस प्रकार प्रदर्शित करना होगा जो अभिभावकों और आम जनता को स्पष्ट रूप से दिखाई दे। नोटिस बोर्ड के अलावा, स्कूलों को अपनी-अपनी वेबसाइटों पर भी अनुमोदित फीस का विवरण प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही, निदेशालय ने यह भी अनिवार्य किया है कि स्कूल छात्रों के प्रवेश आवेदन पत्रों में कक्षा-वार ट्यूशन फीस का विवरण शामिल करें, ताकि अभिभावक दाखिले से पहले ही पूरी जानकारी से अवगत हों।

निगरानी और अनुपालन प्रक्रिया

आदेश के पालन की निगरानी के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों (निजी स्कूल) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करें और 10 जून या उससे पहले अनुपालन रिपोर्ट निदेशालय को सौंपें। सत्यापन प्रक्रिया के तहत स्कूलों को अनुमोदित फीस ढाँचे के प्रदर्शन के फोटोग्राफिक साक्ष्य भी उपलब्ध कराने होंगे, जिन्हें निदेशालय अपने अभिलेखों में सुरक्षित रखेगा।

उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

निजी स्कूलों की निदेशक एस. सुगन्या ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आदेश का पालन बिना किसी अपवाद के किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो स्कूल इस निर्देश का पालन करने में विफल रहेंगे, उन्हें सरकारी नोटिस और आगे की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

आम जनता पर असर

शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह उपाय स्कूलों द्वारा फीस वसूली में अस्पष्टता को लेकर अभिभावकों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को दूर करने में सहायक होगा। इससे पूरे तमिलनाडु में निजी शिक्षण संस्थानों के बीच जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आगामी सप्ताहों में जिला-स्तरीय निरीक्षण रिपोर्टें इस आदेश की वास्तविक प्रभावशीलता की असली परीक्षा होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उस बड़े सवाल की ओर इशारा करता है जो देशभर के अभिभावक पूछते हैं — क्या 'अनुमोदित फीस' और 'वसूली गई फीस' एक ही होती है? फीस प्रदर्शन अनिवार्य करना पहला कदम है, लेकिन बिना शिकायत निवारण तंत्र के यह महज कागज़ी पारदर्शिता बन सकती है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में निजी स्कूलों की फीस को लेकर शिकायतें वर्षों से सूचना आयोग तक पहुँचती रही हैं, फिर भी व्यवस्थागत बदलाव नहीं आया। 10 जून की अनुपालन रिपोर्ट ही बताएगी कि यह आदेश सिर्फ एक और परिपत्र है या वास्तविक जवाबदेही की शुरुआत।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु निजी स्कूल फीस प्रदर्शन आदेश क्या है?
तमिलनाडु निजी स्कूल निदेशालय ने राज्य के सभी निजी स्कूलों को 5 जून 2026 तक फीस निर्धारण समिति द्वारा अनुमोदित ट्यूशन फीस को नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश तमिलनाडु सूचना आयोग के 29 मई के फैसले के बाद जारी किया गया है।
यह आदेश किन स्कूलों पर लागू होता है?
यह निर्देश तमिलनाडु में संचालित नर्सरी, प्राइमरी, मैट्रिकुलेशन, सीबीएसई और अन्य प्राइवेट बोर्ड स्कूलों पर समान रूप से लागू होता है। किसी भी श्रेणी के निजी स्कूल को इससे छूट नहीं दी गई है।
आदेश का पालन न करने पर क्या होगा?
निदेशक एस. सुगन्या ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों को सरकारी नोटिस और आगे की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जिला शिक्षा अधिकारी 10 जून तक निरीक्षण रिपोर्ट और फोटोग्राफिक साक्ष्य निदेशालय को सौंपेंगे।
अभिभावकों को इस आदेश से क्या फायदा होगा?
इस आदेश से अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला लेने से पहले ही अनुमोदित फीस ढाँचे की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। स्कूलों को प्रवेश आवेदन पत्रों में भी कक्षा-वार फीस विवरण शामिल करना होगा, जिससे फीस को लेकर भ्रम और शिकायतें कम होंगी।
तमिलनाडु सूचना आयोग ने स्कूल फीस पर क्या फैसला दिया?
तमिलनाडु सूचना आयोग ने 29 मई को जारी अपने फैसले में कहा कि स्कूल का फीस ढाँचा सार्वजनिक जानकारी की श्रेणी में आता है और इसे अभिभावकों व आम जनता के लिए सुलभ बनाया जाना चाहिए। आयोग ने निजी स्कूल निदेशालय को 15 जून तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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