नागेंद्र-जनार्दन रेड्डी पर मुकदमे की मंजूरी अभी नहीं, फाइलें जांचेंगे: डीके शिवकुमार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 4 सितंबर को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने अभी तक पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक जनार्दन रेड्डी के खिलाफ आदिवासी कल्याण घोटाले में मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की ओर से भेजी गई फाइलें प्राप्त हो गई हैं, परंतु उनकी विस्तृत कानूनी समीक्षा अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख
शिवकुमार ने कहा, 'जहां तक मुकदमा चलाने की मंजूरी का सवाल है, मैंने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। मैंने उन फाइलों को देखा भी नहीं है।' उन्होंने यह भी बताया कि कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार आरोपों की वैधता, कानूनी पहलुओं और यह सुनिश्चित करेगी कि सही प्रक्रिया का पालन हुआ है या नहीं।
राज्यपाल ने भेजी हैं फाइलें
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल ने पूर्व मंत्री नागेंद्र, BJP विधायक जनार्दन रेड्डी और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जुड़ी फाइलें उन्हें भेजी हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे उनकी जांच करनी है और कानूनी नजरिए से देखना है कि क्या आरोपों में कोई दम है, क्या सब कुछ कानूनी रूप से सही है और क्या सही प्रक्रिया का पालन किया गया है।' शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस तरह के मामलों में जांच के बाद ही निर्णय लेते हैं।
नागेंद्र का इस्तीफा और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि नागेंद्र का इस्तीफा स्वैच्छिक था। यह मामला ऐसे समय में चर्चा में है जब सरकार के इस मसले को संभालने के तरीके पर राजनीतिक बहस तेज है।
राजनीतिक दबाव पर शिवकुमार का जवाब
मुख्यमंत्री ने उन आलोचकों को भी जवाब दिया जो उन्हें राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि वे मुझे राजनीतिक रूप से खत्म कर देंगे। मुझे खुशी है कि मैं सफल रहा हूं, क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। अगर मैंने कोई गलती की है, तो मुझे भी सजा मिलनी चाहिए।' यह बयान सत्तारूढ़ दल के भीतर और विपक्ष की ओर से जारी दबाव की पृष्ठभूमि में आया है।
लालबाग टनल विवाद पर भी बोले सीएम
इसी प्रेस वार्ता में शिवकुमार ने प्रस्तावित टनल प्रोजेक्ट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात पर जोर नहीं दे रही कि टनल केवल लालबाग से ही गुजरे और वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जा रहा है। आगे देखना होगा कि राज्य सरकार इन संवेदनशील फाइलों की समीक्षा के बाद क्या रुख अपनाती है।