ट्रंप का ईरान पर बड़ा आरोप: फेक न्यूज फैलाई, तीन भारतीय नाविकों की मौत के लिए तेहरान जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून 2026 को ईरान पर झूठी खबरें फैलाने का सीधा आरोप लगाया और कहा कि तेहरान के साथ 'अच्छी नीयत से समझौता करना नामुमकिन है।' साथ ही उन्होंने ओमान तट के निकट होर्मुज जलसंधि से गुज़र रहे भारतीय जहाजों पर हुए ड्रोन हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के लिए ईरान को सीधे जिम्मेदार ठहराया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप खुद ईरान के साथ परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने का दावा कर रहे हैं।
ट्रूथ सोशल पर ट्रंप का तीखा हमला
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'ईरान ने जो शर्तें फेक न्यूज मीडिया को लीक कीं, उनका उन शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है जिन पर लिखकर सहमति बनी थी। उन्होंने जो कहा, जिसमें डील करने का उनका कमजोर और बेकार बयान भी शामिल है, उसका सच से कोई लेना-देना नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसे लोगों से डील करना बहुत ही बेइज्जती भरा है। उनके साथ, अच्छी नीयत से डील करना नामुमकिन है।'
गौरतलब है कि यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के कथित तौर पर अंतिम चरण में पहुँचने की खबरें सामने आ रही हैं। ट्रंप के इस तीखे रुख ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
भारतीय नाविकों की मौत पर ईरान को ठहराया दोषी
होर्मुज जलसंधि के पास ओमान तट से गुज़र रहे भारतीय जहाजों पर हुए ड्रोन हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा, 'कल रात होर्मुज स्ट्रेट से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनका पूरी तरह से नाकाम ड्रोन हमला बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।' यह हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान हुआ बताया जा रहा है, हालांकि घटनाक्रम के विस्तृत ब्यौरे की अभी पुष्टि की जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ईरान के बीच कई ऊर्जा और व्यापार समझौते सक्रिय हैं, और भारतीय नाविकों की मौत की खबर नई दिल्ली के लिए एक गंभीर कूटनीतिक संकेत है।
परमाणु समझौते पर ट्रंप का दावा
इससे पहले व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि बातचीत अंतिम चरण में है और दस्तावेज़ तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमने अभी-अभी ईरान के साथ युद्ध का एक बड़ा समझौता किया है, और हम डॉक्यूमेंट्स को फाइनल करने वाले हैं, जो अगले कुछ दिनों में हो जाना चाहिए।' ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस समझौते का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हो।
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर ने इस व्यवस्था को मंजूरी दी है, तो ट्रंप ने कहा, 'मैं समझता हूं कि जवाब हां है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समझौते पर हस्ताक्षर शायद सप्ताहांत तक यूरोप में हो सकते हैं।
विरोधाभास: समझौता और आरोप एक साथ
ट्रंप के बयानों में एक स्पष्ट विरोधाभास दिखता है — एक तरफ वे ईरान के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौते का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ तेहरान पर फेक न्यूज फैलाने और भारतीय नाविकों की मौत का आरोप लगा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस दोहरे रुख से समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
प्रस्तावित समझौते के तहत ट्रंप ने दोहराया, 'वे किसी भी तरह से, किसी भी रूप में, किसी भी तरह से परमाणु हथियार नहीं खरीदेंगे, विकसित नहीं करेंगे। उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा।'
आगे क्या होगा
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, यदि समझौता इस सप्ताहांत यूरोप में हस्ताक्षरित होता है, तो यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़ा मोड़ होगा। भारत सरकार की ओर से अभी तक भारतीय नाविकों की मौत पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आने वाले दिनों में नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच इस मुद्दे पर राजनयिक संपर्क की संभावना है।