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ट्विशा शर्मा केस: सीबीआई का डिजिटल सीन री-क्रिएशन, गिरिबाला-समर्थ 2 जून तक हिरासत में

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ट्विशा शर्मा केस: सीबीआई का डिजिटल सीन री-क्रिएशन, गिरिबाला-समर्थ 2 जून तक हिरासत में

सारांश

ट्विशा शर्मा की कथित खुदकुशी की जांच अब डिजिटल फोरेंसिक के नए मोर्चे पर पहुँच गई है। सीबीआई सीसीटीवी, सीडीआर और वाईफाई लॉग से मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन बना रही है। गिरिबाला और समर्थ सिंह हिरासत में हैं, और परिवार के वकील ने पुलिस जांच पर ही सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

सीबीआई ने भोपाल के कटारा हिल्स में ट्विशा शर्मा केस की जांच में डिजिटल सीन री-क्रिएशन शुरू की।
री-क्रिएशन में सीसीटीवी फुटेज , सीडीआर , वाईफाई लॉग , इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और फॉरेंसिक मैपिंग शामिल।
गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को भोपाल जिला अदालत ने 2 जून तक सीबीआई हिरासत में भेजा।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द की; व्हाट्सऐप चैट को आधार बनाया।
पारिवारिक वकील अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 40-45 मोबाइल नंबरों के रिकॉर्ड शुरुआत में छिपाए गए और सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ हुई।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उस घर में कथित तौर पर खुदकुशी करने वाली ट्विशा शर्मा की मौत की जांच में तेज़ी लाते हुए फोरेंसिक और डिजिटल उपकरणों की मदद से सीन री-क्रिएशन शुरू कर दी है। एजेंसी घटना की मिनट-दर-मिनट वर्चुअल टाइमलाइन तैयार कर रही है, ताकि उस रात की हर अहम गतिविधि को दस्तावेज़ीकृत किया जा सके।

डिजिटल पुनर्निर्माण में क्या शामिल है

सूत्रों के अनुसार इस डिजिटल री-क्रिएशन में घटना वाली रात की सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की गतिविधि, घर के वाईफाई लॉग, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और तीन मंजिला घर की फॉरेंसिक मैपिंग को शामिल किया गया है।

इस वर्चुअल टाइमलाइन से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि अपने अंतिम क्षणों में ट्विशा कहाँ थीं, उस समय कौन-कौन से मोबाइल डिवाइस चालू थे और घर में कौन-सी ऑनलाइन गतिविधियाँ हो रही थीं।

अदालत ने दी पाँच दिन की सीबीआई हिरासत

शुक्रवार, 30 मई को भोपाल की एक जिला अदालत ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून तक पाँच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश शोभना भालवे ने दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और कथित उकसावे के आरोपों में दोनों से पूछताछ के लिए यह रिमांड मंजूर की।

सीबीआई अधिकारियों ने अदालत को बताया कि कई उपकरणों से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संदर्भ में आरोपियों से हिरासत में पूछताछ अनिवार्य है। एजेंसी यह भी जाँच कर रही है कि क्या स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक जांच के दौरान कोई डिजिटल डेटा मिटाया गया, बदला गया या जानबूझकर छिपाया गया।

गिरिबाला की गिरफ्तारी और हाई कोर्ट का फैसला

गिरिबाला सिंह को गुरुवार को उनके कटारा हिल्स स्थित घर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई। अदालत ने अंतरिम राहत रद्द करते हुए कहा कि व्हाट्सऐप चैट और परिवार के बयानों से यह संकेत मिलता है कि आरोप केवल ट्विशा के पति तक सीमित नहीं थे।

परिवार के वकील के गंभीर आरोप

मां-बेटे की हिरासत के बाद ट्विशा के पारिवारिक वकील अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने शुरुआती जांच में गंभीर कमियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'इसमें लगभग 40 से 45 मोबाइल नंबर शामिल थे, लेकिन शुरुआत में गिरिबाला सिंह के फोन से कोई कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला।'

श्रीवास्तव ने आगे दावा किया कि बाद में रिकॉर्ड से पता चला कि कई लोगों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी और उन कॉल रिकॉर्ड में कुछ पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदालत में पेश किए गए कॉल डिटेल चुनिंदा थे और सीसीटीवी फुटेज को जब्त किए जाने से पहले उसमें छेड़छाड़ की गई थी।

आगे की जांच की दिशा

गौरतलब है कि यह मामला तब और संवेदनशील हो गया जब सीबीआई ने स्थानीय पुलिस की जांच की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठाना शुरू किया। एजेंसी की डिजिटल फोरेंसिक टीम अगले कुछ दिनों में अपनी वर्चुअल टाइमलाइन रिपोर्ट तैयार करेगी, जो इस मामले की आगे की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इस सवाल की भी परीक्षा है कि क्या राज्य पुलिस ने शुरुआत से ही साक्ष्य संरक्षण में लापरवाही बरती। सीबीआई का डिजिटल री-क्रिएशन तकनीकी रूप से सशक्त कदम है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या एजेंसी उन पुलिस अधिकारियों तक भी पहुँचती है जिनके नाम कथित तौर पर उन्हीं कॉल रिकॉर्ड में हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई क्या कर रही है?
सीबीआई भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में कथित खुदकुशी की घटना का डिजिटल सीन री-क्रिएशन कर रही है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर, वाईफाई लॉग, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और तीन मंजिला घर की फोरेंसिक मैपिंग शामिल है।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कब तक हिरासत में रखा जाएगा?
भोपाल की जिला अदालत ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून तक पाँच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है। उन पर दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और कथित उकसावे के आरोप हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला की जमानत क्यों रद्द की?
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने व्हाट्सऐप चैट और परिवार के बयानों के आधार पर अग्रिम जमानत रद्द की। अदालत ने कहा कि साक्ष्य संकेत देते हैं कि आरोप केवल ट्विशा के पति तक सीमित नहीं थे।
परिवार के वकील ने जांच पर क्या आरोप लगाए हैं?
ट्विशा के पारिवारिक वकील अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 40-45 मोबाइल नंबरों के कॉल रिकॉर्ड शुरुआत में नहीं दिए गए, अदालत में पेश कॉल डिटेल चुनिंदा थे और सीसीटीवी फुटेज जब्त होने से पहले उसमें छेड़छाड़ हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उन कॉल रिकॉर्ड में कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
सीबीआई की डिजिटल टाइमलाइन से क्या पता चलेगा?
वर्चुअल टाइमलाइन से यह स्पष्ट होगा कि घटना की रात ट्विशा कहाँ थीं, कौन-से मोबाइल डिवाइस सक्रिय थे और घर में कौन-सी ऑनलाइन गतिविधियाँ हुईं। इससे यह भी जाँचा जाएगा कि क्या कोई डिजिटल डेटा जानबूझकर मिटाया या बदला गया।
राष्ट्र प्रेस
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