ट्विशा शर्मा मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट का स्वतः संज्ञान, 25 मई को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच करेगी सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश की ट्विशा शर्मा मौत मामले में 23 मई 2025 को स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया, और अब 25 मई, सोमवार को चीफ जस्टिस की पीठ इस पर सुनवाई करेगी। यह हाई-प्रोफाइल मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक जाँच के दायरे में आ गया है।
मुख्य घटनाक्रम
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से जाँच की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। परिवार और अन्य पक्षों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि कथित दबावों के कारण जाँच सही दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रही। इसी पृष्ठभूमि में सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश और परिवार की प्रतिक्रिया
इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ट्विशा के परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई जाँच और दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति दे दी थी। परिवार ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें दूसरे पोस्टमॉर्टम से इनकार किया गया था। परिवार का आरोप था कि पहले पोस्टमॉर्टम में प्रक्रियागत अनियमितताएँ हुईं, जिससे जाँच की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया।
ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा कि परिवार न्याय की माँग पर अडिग है और प्रशासन से अपील की कि सभी ज़रूरी कार्रवाई बिना विलंब पूरी की जाए, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी संपन्न हो सके।
सरकार का रुख
ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा ने सीबीआई जाँच के आदेश के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्य प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली आरोपियों को सज़ा मिलने के बाद ही आम नागरिकों का कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा मज़बूत होगा।
क्या होगा आगे
25 मई को सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई से यह तय होगा कि मामले की निगरानी शीर्ष अदालत किस स्तर तक करेगी। सीबीआई जाँच और दूसरे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट का दखल इस मामले को एक नई दिशा दे सकता है।