यूसीसी पर राजस्थान सरकार के कदम का स्वागत, भाजपा निकाय चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार: अरुण चतुर्वेदी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान राज्य वित्त आयोग के चेयरमैन अरुण चतुर्वेदी ने 22 अगस्त 2026 को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर राजस्थान सरकार द्वारा उठाए गए कदम का खुलकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यूसीसी जनसंघ के समय से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मूल एजेंडे का हिस्सा रही है और देश के कई राज्यों द्वारा इसे लागू किए जाने के बाद राजस्थान का यह कदम संविधान की आत्मा के अनुरूप है।
यूसीसी पर चतुर्वेदी का रुख
चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि यूसीसी उन तीन प्रमुख विषयों में से एक है जिन पर भाजपा दशकों से चुनाव लड़ती आई है। उनके अनुसार, आज़ादी के बाद संविधान निर्माण के दौरान यह महसूस किया जाने लगा था कि अलग-अलग धर्मों और परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग कानून लागू होने से समानता का सिद्धांत कमज़ोर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित अन्य दलों की सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते इस आवश्यकता को स्वीकार नहीं किया।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र
चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद मोदी ने हर घर में शौचालय, बिजली और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, 'आज़ादी के 75 वर्षों में जो काम नहीं हो पाया, वह मोदी सरकार ने कर दिखाया — हमारी माताओं और बहनों को खुले में शौच के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।'
राजस्थान में विकास और शिक्षा
राजस्थान की स्थिति पर बोलते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार पिछली सरकार से मिली विरासत की चुनौतियों से निपटते हुए बजट उपलब्धता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी निष्ठा के साथ स्कूलों की दशा सुधारने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और हर क्षेत्र में काम कर रही है।
स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने निचले स्तर से लेकर ऊपर तक एक सुदृढ़ संगठनात्मक ढाँचा तैयार किया है और पूरे तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 27 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और उससे पहले प्रत्याशियों का चयन कर उम्मीदवार उतारे जाएँगे।
आगे क्या
यूसीसी के क्रियान्वयन की दिशा में राजस्थान का यह कदम राज्य की राजनीति में नया अध्याय जोड़ सकता है। निकाय चुनावों में भाजपा की तैयारी और यूसीसी जैसे मुद्दों पर पार्टी का आक्रामक रुख यह संकेत देता है कि आने वाले महीनों में राजस्थान की राजनीति और अधिक गर्म होगी।