उधमपुर: डीएम मिंगा शेरपा ने मिशन वात्सल्य के तहत बच्चे को दत्तक माता-पिता को सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
उधमपुर के जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने 3 जुलाई 2026 को सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद एक बच्चे को उसके दत्तक माता-पिता को विधिवत रूप से सौंपा। यह महत्वपूर्ण अवसर जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जो बच्चे के भविष्य को एक सुरक्षित पारिवारिक आश्रय प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है।
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया
यह दत्तक ग्रहण राज्य दत्तक ग्रहण एजेंसी उधमपुर (फुलवारी) द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों के समन्वय से पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया कि किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा निर्धारित नियमों का पूर्णतः पालन हो। बच्चे के सर्वोत्तम हितों को इस पूरी प्रक्रिया में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
जिला मजिस्ट्रेट का संदेश
इस अवसर पर जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने नवगठित परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह बच्चा अब एक स्नेहपूर्ण, सुरक्षित और पोषणकारी वातावरण में अपना समग्र विकास कर सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक बच्चे को परिवार का प्रेम, देखभाल और संरक्षण मिलना उसका मौलिक अधिकार है, और दत्तक ग्रहण जरूरतमंद बच्चों के सर्वोत्तम हितों की पूर्ति का एक सशक्त माध्यम है।
नागरिकों से अपील
जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता ने नागरिकों से आग्रह किया कि जो लोग कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण की इच्छा रखते हैं, वे जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें अथवा CARA के अधिकृत पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ। गौरतलब है कि मिशन वात्सल्य केंद्र सरकार की एक प्रमुख बाल कल्याण योजना है जो देशभर में बच्चों की देखभाल और संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्यरत है।
एफएमडी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ
इसी दिन जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने जिला पशु चिकित्सालय, उधमपुर में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिलेव्यापी एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) टीकाकरण अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने पशुधन की सुरक्षा के लिए समय पर टीकाकरण को अनिवार्य बताया और कहा कि इससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी तथा किसानों की आजीविका को बल मिलेगा।
किसानों से सहयोग की अपेक्षा
जिला मजिस्ट्रेट ने पशुपालकों से अनुरोध किया कि वे पशुपालन विभाग के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करें और जिले में 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें, ताकि उधमपुर को पूर्णतः रोगमुक्त बनाया जा सके। इस अभियान का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और पशुधन को गंभीर संक्रामक रोगों से बचाना है।