3 जुलाई 2026
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उधमपुर: डीएम मिंगा शेरपा ने मिशन वात्सल्य के तहत बच्चे को दत्तक माता-पिता को सौंपा

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उधमपुर: डीएम मिंगा शेरपा ने मिशन वात्सल्य के तहत बच्चे को दत्तक माता-पिता को सौंपा

सारांश

उधमपुर में मिशन वात्सल्य के तहत एक बच्चे को उसके दत्तक माता-पिता को सौंपा गया — किशोर न्याय अधिनियम और CARA नियमों का पालन करते हुए। उसी दिन डीएम मिंगा शेरपा ने जिले में एफएमडी टीकाकरण अभियान का भी शुभारंभ किया।

मुख्य बातें

जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने 3 जुलाई 2026 को एक बच्चे को दत्तक माता-पिता को विधिवत सौंपा।
यह प्रक्रिया मिशन वात्सल्य और राज्य दत्तक ग्रहण एजेंसी उधमपुर (फुलवारी) के माध्यम से पूरी हुई।
दत्तक ग्रहण किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और CARA के नियमों के अनुरूप संपन्न हुआ।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता ने इच्छुक नागरिकों से CARA पोर्टल पर पंजीकरण की अपील की।
उसी दिन राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिलेव्यापी एफएमडी टीकाकरण अभियान का भी शुभारंभ हुआ।

उधमपुर के जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने 3 जुलाई 2026 को सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद एक बच्चे को उसके दत्तक माता-पिता को विधिवत रूप से सौंपा। यह महत्वपूर्ण अवसर जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जो बच्चे के भविष्य को एक सुरक्षित पारिवारिक आश्रय प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है।

दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया

यह दत्तक ग्रहण राज्य दत्तक ग्रहण एजेंसी उधमपुर (फुलवारी) द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों के समन्वय से पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया कि किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा निर्धारित नियमों का पूर्णतः पालन हो। बच्चे के सर्वोत्तम हितों को इस पूरी प्रक्रिया में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

जिला मजिस्ट्रेट का संदेश

इस अवसर पर जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने नवगठित परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह बच्चा अब एक स्नेहपूर्ण, सुरक्षित और पोषणकारी वातावरण में अपना समग्र विकास कर सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक बच्चे को परिवार का प्रेम, देखभाल और संरक्षण मिलना उसका मौलिक अधिकार है, और दत्तक ग्रहण जरूरतमंद बच्चों के सर्वोत्तम हितों की पूर्ति का एक सशक्त माध्यम है।

नागरिकों से अपील

जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता ने नागरिकों से आग्रह किया कि जो लोग कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण की इच्छा रखते हैं, वे जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें अथवा CARA के अधिकृत पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ। गौरतलब है कि मिशन वात्सल्य केंद्र सरकार की एक प्रमुख बाल कल्याण योजना है जो देशभर में बच्चों की देखभाल और संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्यरत है।

एफएमडी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

इसी दिन जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा ने जिला पशु चिकित्सालय, उधमपुर में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिलेव्यापी एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) टीकाकरण अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने पशुधन की सुरक्षा के लिए समय पर टीकाकरण को अनिवार्य बताया और कहा कि इससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी तथा किसानों की आजीविका को बल मिलेगा।

किसानों से सहयोग की अपेक्षा

जिला मजिस्ट्रेट ने पशुपालकों से अनुरोध किया कि वे पशुपालन विभाग के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करें और जिले में 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें, ताकि उधमपुर को पूर्णतः रोगमुक्त बनाया जा सके। इस अभियान का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना और पशुधन को गंभीर संक्रामक रोगों से बचाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा सवाल भी है — देशभर में CARA के आँकड़े बताते हैं कि कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया अभी भी लंबी, जटिल और दस्तावेज़-भारी है, जिसके चलते हज़ारों बच्चे वर्षों तक प्रतीक्षा सूची में रहते हैं। मिशन वात्सल्य जैसी योजनाएँ सही दिशा में हैं, परंतु ज़िला स्तर पर क्षमता और जागरूकता की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा है। जब तक CARA पोर्टल और जिला इकाइयाँ आपस में सहज समन्वय नहीं करतीं, तब तक ऐसी खबरें अपवाद बनी रहेंगी, नियम नहीं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन वात्सल्य के तहत दत्तक ग्रहण प्रक्रिया क्या है?
मिशन वात्सल्य केंद्र सरकार की बाल कल्याण योजना है जो किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और CARA के नियमों के तहत बच्चों को कानूनी दत्तक परिवार दिलाने में मदद करती है। उधमपुर में यह प्रक्रिया राज्य दत्तक ग्रहण एजेंसी (फुलवारी) और जिला बाल संरक्षण इकाई के समन्वय से पूरी की गई।
दत्तक ग्रहण के लिए CARA पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें?
इच्छुक माता-पिता CARA के अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं या अपने जिले की बाल संरक्षण इकाई से सीधे संपर्क कर सकते हैं। उधमपुर में जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता इस प्रक्रिया में सहायता के लिए उपलब्ध हैं।
उधमपुर में एफएमडी टीकाकरण अभियान क्यों शुरू किया गया?
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिलेव्यापी फुट एंड माउथ डिजीज (एफएमडी) टीकाकरण अभियान पशुधन को गंभीर संक्रामक रोगों से बचाने और किसानों की आजीविका सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया। डीएम मिंगा शेरपा ने जिले में 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।
किशोर न्याय अधिनियम, 2015 दत्तक ग्रहण में क्या भूमिका निभाता है?
किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 भारत में कानूनी दत्तक ग्रहण का मुख्य विधायी आधार है। यह अधिनियम बच्चे के सर्वोत्तम हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और CARA को दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की निगरानी का अधिकार देता है।
उधमपुर में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
इस प्रक्रिया में जिला मजिस्ट्रेट मिंगा शेरपा और जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे। राज्य दत्तक ग्रहण एजेंसी उधमपुर (फुलवारी) ने समन्वय की भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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