यूपी 2027 चुनाव: मेरठ में ECI की बड़ी समीक्षा बैठक, 18 जिलों की तैयारियों का जायजा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए 2 नवंबर 2026 को मेरठ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडलों के 18 जिलों में चुनाव प्रबंधन, तैयारी और सुरक्षा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने ECI अधिकारियों के साथ मिलकर इस व्यापक समीक्षा का नेतृत्व किया।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
बैठक में मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संबंधित जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे। CEO कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया, '2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की।'
यह ऐसे समय में आया है जब 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2022 से 22 मई 2027 तक है, और चुनाव आयोग अग्रिम तैयारियों के लिए राज्यभर में दौरे कर रहा है।
पश्चिमी यूपी की चुनावी अहमियत
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाले इन 18 जिलों में लगभग 110 विधानसभा सीटें हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 निर्वाचित सदस्य हैं, इसके अलावा एक मनोनीत एंग्लो-इंडियन सदस्य का भी प्रावधान है। पश्चिमी यूपी की ये सीटें ऐतिहासिक रूप से सत्ता संतुलन में निर्णायक भूमिका निभाती रही हैं और प्रमुख दलों के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
ECINET पोर्टल दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई
बैठक के समानांतर CEO नवदीप रिनवा ने एक अलग लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए। पीलीभीत जिले से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह पाया गया कि ECINET पोर्टल पर मतदाता पंजीकरण केंद्र संचालकों (कंप्यूटर सहायकों) को दी गई लॉगिन आईडी का दुरुपयोग किया जा रहा था।
CEO कार्यालय ने आदेश दिया कि सभी जिलों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी को तत्काल निष्क्रिय (डिएक्टिवेट) किया जाए।
अनुपालन की निगरानी और आगे की कार्रवाई
कार्यालय के बयान के अनुसार, सभी लॉगिन आईडी निष्क्रिय होने की पुष्टि ERO से ली जाएगी और जिला निर्वाचन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से हर विधानसभा क्षेत्र में की गई कार्रवाई की जाँच करेंगे। CEO कार्यालय को अनुपालन रिपोर्ट तत्काल सौंपने का निर्देश भी दिया गया है।
इसके अलावा, विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत में लॉगिन दुरुपयोग में शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएँ तुरंत समाप्त करने के निर्देश संबंधित फर्म को दिए गए हैं। यह कदम चुनावी प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने की दिशा में आयोग की सतर्कता का संकेत है।
आने वाले महीनों में चुनाव आयोग द्वारा शेष मंडलों में भी इसी प्रकार की समीक्षा बैठकें आयोजित किए जाने की संभावना है, जिससे 2027 चुनावों की जमीनी तैयारी को और मज़बूती मिलेगी।