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उपहार अग्निकांड: सीबीआई ने पूर्व आईपीएस अमोद कांठ के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट वापस ली, राऊज एवेन्यू कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल

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उपहार अग्निकांड: सीबीआई ने पूर्व आईपीएस अमोद कांठ के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट वापस ली, राऊज एवेन्यू कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल

सारांश

तीन दशक पुराने उपहार अग्निकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल — सीबीआई ने पूर्व आईपीएस अमोद कांठ के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट वापस ली और राऊज एवेन्यू कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर उठाया गया यह कदम पीड़ित परिवारों की न्याय की उम्मीद को फिर से जीवित करता है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमोद कांठ के खिलाफ दाखिल क्लोजर रिपोर्ट वापस ली।
1 जून को राऊज एवेन्यू कोर्ट में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई।
दिल्ली उच्च न्यायालय के 23 अप्रैल के आदेश के अनुपालन में यह कदम उठाया गया।
उपहार पीड़ित संघ ने 29 जून 2019 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अभियोजन दस्तावेज प्रस्तुत करने की माँग की थी।
मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय में निर्धारित है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड से जुड़े एक अहम मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमोद कांठ के खिलाफ पहले दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट को वापस ले लिया है। इसके साथ ही एजेंसी ने 1 जून को राऊज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले से संबंधित एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की है। यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के 23 अप्रैल को दिए गए उस आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया था।

मामले का पृष्ठभूमि

उपहार अग्निकांड को देश के सबसे गंभीर औद्योगिक हादसों में से एक माना जाता है। 1997 में हुई इस त्रासदी के बाद से न्यायिक और जांच प्रक्रियाएँ दशकों तक विभिन्न चरणों से गुजरती रही हैं। सीबीआई ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमोद कांठ से जुड़े 2009 के एक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसका उस समय भी विरोध हुआ था और कई पक्षों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।

उपहार पीड़ित संघ की याचिका

सीबीआई ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि उपहार पीड़ित संघ ने 29 जून 2019 को दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में केंद्र सरकार और सीबीआई से अभियोजन की मंजूरी से जुड़े दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने तथा पूरे मुद्दे पर पुनर्विचार करने की माँग की गई है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच और अभियोजन की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई।

हाईकोर्ट का हालिया आदेश और सुनवाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 जून 2019 को दायर इस याचिका पर सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी थी। हालाँकि, 23 अप्रैल को दिए गए ताज़ा आदेश में उच्च न्यायालय ने सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया है कि इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को निर्धारित है, जिसमें आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

क्या होगा आगे

क्लोजर रिपोर्ट वापस लिए जाने और नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल होने के बाद मामले में नई कानूनी हलचल देखी जा रही है। 6 जुलाई की सुनवाई में यह तय होने की संभावना है कि अभियोजन की मंजूरी के सवाल पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा। यह ताज़ा घटनाक्रम उन पीड़ित परिवारों के लिए भी अहम है जो तीन दशकों से न्याय की प्रतीक्षा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि इतने वर्षों बाद अभियोजन की मंजूरी का मुद्दा अभी तक अनसुलझा क्यों है। उपहार जैसे मामले, जहाँ पीड़ित परिवार तीन दशकों से न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं, यह उजागर करते हैं कि बड़े औद्योगिक हादसों में जवाबदेही तय करना भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली की सबसे कमज़ोर कड़ी बनी हुई है। 6 जुलाई की सुनवाई यह तय करेगी कि यह ताज़ा कदम महज प्रक्रियागत औपचारिकता है या वास्तव में मामले में नई जान आई है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने उपहार अग्निकांड में क्लोजर रिपोर्ट क्यों वापस ली?
सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 23 अप्रैल के आदेश के अनुपालन में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमोद कांठ के खिलाफ दाखिल क्लोजर रिपोर्ट वापस ली और राऊज एवेन्यू कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। उपहार पीड़ित संघ की याचिका पर हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया था।
उपहार पीड़ित संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट में क्या माँग की है?
उपहार पीड़ित संघ ने 29 जून 2019 को दायर याचिका में केंद्र सरकार और सीबीआई से अभियोजन की मंजूरी से जुड़े दस्तावेज अदालत के समक्ष रखने और पूरे मुद्दे पर पुनर्विचार करने की माँग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी हुई।
उपहार अग्निकांड में अगली सुनवाई कब है?
दिल्ली उच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को निर्धारित है। इस सुनवाई में अभियोजन की मंजूरी और आगे की कानूनी स्थिति पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
अमोद कांठ कौन हैं और उनका उपहार मामले से क्या संबंध है?
अमोद कांठ एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं जिनके खिलाफ 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड से जुड़े एक मामले में सीबीआई ने 2009 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। उस समय भी इस रिपोर्ट का विरोध हुआ था और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।
उपहार अग्निकांड क्या था?
उपहार अग्निकांड 1997 में नई दिल्ली के उपहार सिनेमाघर में हुई एक भीषण आग की घटना थी, जिसे देश के सबसे गंभीर औद्योगिक हादसों में से एक माना जाता है। इस त्रासदी के बाद से पीड़ित परिवार दशकों से न्यायिक प्रक्रिया में न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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