यूएसएस अब्राहम लिंकन पर पायलटों की अद्भुत चुनौती: हर दिन की जांबाजी
सारांश
Key Takeaways
- यूएसएस अब्राहम लिंकन पर पायलटों की लैंडिंग एक अद्वितीय चुनौती है।
- यह सैन्य प्रक्रिया कौशल और साहस का संगम है।
- इजरायल के हमले ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को कमजोर करने के लिए हैं।
- अमेरिकी नौसेना के क्रू में उच्चतम स्तर की दक्षता है।
- समुद्र में संचालन के दौरान पायलटों को सटीकता की आवश्यकता होती है।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समुद्र के बीच एक विशाल युद्धपोत अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ रहा है और इसके 4.5 एकड़ का फ्लाइट डेक किसी सामान्य रनवे के मुकाबले में पायलटों के लिए अद्भुत और खतरनाक अनुभव प्रस्तुत करता है, जैसे कि चलती हुई “डाक टिकट” पर लैंडिंग करना।
हर दिन यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन-72) पर यही चुनौती वास्तविकता बन जाती है। तेज़ गति वाले जेट्स, सीमित स्थान और निरंतर हिलता हुआ जहाज, इन सभी के बीच लैंडिंग करना समय की सही गणना के खेल जैसा है।
हालांकि, इस पोत का प्रशिक्षित दल इसे इतनी दक्षता से अंजाम देता है कि ये सभी क्रियाकलाप सामान्य प्रतीत होने लगते हैं। चाहे दिन हो या घना अंधेरा, हर टेकऑफ़ और लैंडिंग में सटीकता, तालमेल और साहस का अद्वितीय प्रदर्शन देखने को मिलता है।
यह सिर्फ एक सैन्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह कौशल, अनुशासन और साहस का एक ऐसा संगम है, जो हर बार आसमान और समुद्र के बीच एक नई कहानी बनाता है।
गौरतलब है कि जब से ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू हुआ है, तब से अमेरिकी सेना हर मोर्चे पर ईरान पर हमले कर रही है। इसी दौरान, अमेरिकी नौसेना द्वारा भी ईरान पर हमले जारी हैं।
इस बीच, इजरायल ने दावा किया है कि उसने रातभर के हवाई हमलों के बाद तेहरान की एक फैक्ट्री में बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन को “काफी कम” कर दिया है।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने कहा कि उसने तेहरान के “दर्जनों” लक्ष्यों पर हमले किए हैं। इन स्थानों का उपयोग मिसाइलों के विकास के लिए आवश्यक भागों के निर्माण में किया जाता था।
हमले के स्थानों में एक कंपोनेंट स्टोरेज सुविधा, एक मिसाइल ईंधन संयंत्र और एक उत्पादन स्थल शामिल हैं।
आईडीएफ के टेलीग्राम पोस्ट में कहा गया है: “आईडीएफ, सरकार की हथियार उत्पादन सुविधा पर अपने हमले जारी रखेगा ताकि उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की क्षमता को कम किया जा सके, जो इजरायल के लिए सीधे खतरे का स्रोत है।”
इससे पहले, शीर्ष अधिकारियों की बैठक में देश के रक्षामंत्री इजराइल काट्ज ने ईरान पर हमलों को तेज करने के संकेत दिए थे। उन्होंने लगभग वही बातें कहीं जो इस टेलीग्राम पोस्ट में स्पष्ट होती हैं।
टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, काट्ज ने कहा कि इजरायल ईरानी शासन के खिलाफ हमले को लीड करने, उसके कमांडरों को खत्म करने और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को कम करने में दृढ़ है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक इजरायल और इस क्षेत्र में अमेरिका के हितों के लिए खतरा खत्म नहीं हो जाता।
उन्होंने कहा, “हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक युद्ध के सभी उद्देश्यों को पूरा नहीं किया जाता।” काट्ज का कहना है कि इस हफ्ते ईरान के खिलाफ हमले और तेज होंगे।