उत्तराखंड कांग्रेस की 'न्याय यात्रा' गुरुवार से, गोल्ज्यू धाम और बद्रीनाथ से होगा शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) 23 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) से 'न्याय यात्रा' का आगाज करने जा रही है। कुमाऊं क्षेत्र में अल्मोड़ा के प्रसिद्ध गोल्ज्यू धाम — जिसे न्याय का देवता माना जाता है — और गढ़वाल में बद्रीनाथ धाम से इस यात्रा की शुरुआत होगी। खटीमा के विधायक और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने इस यात्रा की विस्तृत रणनीति सामने रखी है।
यात्रा का मार्ग और नेतृत्व
कांग्रेस प्रदेश के चार प्रमुख धार्मिक स्थलों से चार अलग-अलग न्याय यात्राएं निकालेगी। कुमाऊं में गोल्ज्यू धाम, अल्मोड़ा से शुरू होकर यात्रा रानीखेत, भीमताल, हल्द्वानी और उधम सिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी। इस यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
विधायक भुवन कापड़ी ने कहा, 'देवभूमि उत्तराखंड में देवताओं का स्थान सबसे ऊपर है और जब व्यक्ति को लगता है कि अब कहीं से न्याय नहीं मिलेगा, तो वह देवताओं के दरबार में गुहार लगाता है।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस को धार्मिक स्थलों से यात्रा शुरू करने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि उनके अनुसार प्रदेश में भ्रष्टाचार और अन्याय 'चरम पर' है।
प्रमुख मुद्दे और आरोप
कापड़ी ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'चाहे देवताओं के मंदिर में चंदा चोरी की बात हो, चाहे अयोध्या के राम मंदिर में हुई अनियमितताओं का मामला हो, चाहे केदारनाथ धाम में सोने की चोरी का आरोप हो या बद्रीनाथ में चंदे में गड़बड़ी की बात हो, हर जगह भ्रष्टाचार सामने आ रहा है।' ये सभी आरोप कांग्रेस के दावे हैं और सरकार की ओर से इन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विधायक ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान गोल्ज्यू देवता के दरबार में अंकिता भंडारी और ऐसी अन्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की अरदास लगाई जाएगी।
युवा और किसान: अन्य प्रमुख मुद्दे
कापड़ी ने राज्य सरकार पर भर्ती घोटालों के जरिए युवाओं के रोजगार को बेचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के जल, जंगल और जमीन का सौदा हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का प्रसार युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि धान की फसल कटकर तैयार होने के बावजूद किसानों की कोई सुध नहीं ली जा रही और स्वास्थ्य तथा शिक्षा व्यवस्था 'पूरी तरह बदहाल' हो चुकी है।
आगे का कार्यक्रम
25 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर न्याय यात्रा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड समेत देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
यह यात्रा उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की कांग्रेस की बड़ी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।