26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला: विजयेंद्र का कर्नाटक सरकार पर हमला, नागेंद्र के इस्तीफे की अटकलें तेज़

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला: विजयेंद्र का कर्नाटक सरकार पर हमला, नागेंद्र के इस्तीफे की अटकलें तेज़

सारांश

वाल्मीकि कॉर्पोरेशन के कथित घोटाले ने कर्नाटक की राजनीति में भूकंप ला दिया है। BJP प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने मंत्री नागेंद्र को 'छोटी मछली' बताते हुए 'बड़े रसूखदारों' पर निशाना साधा है और दलित समुदाय के धन की वापसी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने 26 अगस्त को बेंगलुरु में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कड़े हमले बोले।
नागेंद्र के इस्तीफे की अटकलें तेज़; विजयेंद्र ने उन्हें ED चार्जशीट में नामित बताया — आरोप अभी जाँच के दायरे में।
कॉर्पोरेशन अधिकारी पी.
चंद्रशेखर के सुसाइड नोट में कथित तौर पर तेलंगाना में अवैध फंड ट्रांसफर का उल्लेख।
विजयेंद्र ने नागेंद्र को 'छोटी मछली' बताते हुए कहा कि घोटाले में 'बड़ी मछलियाँ और व्हेल' शामिल हैं।
BJP ने अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधान परिषद के तीन निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों की तैयारी भी शुरू की।

कर्नाटक के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की अटकलें बुधवार, 26 अगस्त को और तेज़ हो गईं, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने बेंगलुरु में पार्टी मुख्यालय से राज्य की कांग्रेस सरकार पर कड़े हमले बोले। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं के पीछे केवल नागेंद्र नहीं, बल्कि 'बड़ी मछलियाँ और व्हेल' — यानी बड़े रसूखदार लोग — शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बेंगलुरु स्थित BJP राज्य मुख्यालय 'जगन्नाथ भवन' में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि जाँच में नागेंद्र निर्दोष साबित होते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद दिया जाए। विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट में नागेंद्र का नाम शामिल था।

विजयेंद्र ने कॉर्पोरेशन से जुड़े अधिकारी पी. चंद्रशेखर की मौत का भी उल्लेख किया, जिन्होंने शिवमोगा में आत्महत्या की थी। उनके अनुसार, चंद्रशेखर के सुसाइड नोट में कथित तौर पर उल्लेख था कि तत्कालीन प्रभारी मंत्री नागेंद्र के मौखिक निर्देशों पर तेलंगाना में फंड ट्रांसफर किया गया था। ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

विजयेंद्र के प्रमुख आरोप

विजयेंद्र ने BJP की ओर से साफ़ कहा, 'कांग्रेस नेताओं ने दलितों के विकास के लिए आवंटित धन की लूट की है। ऐसे भ्रष्ट लोगों को किसी भी हाल में पद पर बने नहीं रहने दिया जाना चाहिए।' उन्होंने मंत्रिमंडल से नागेंद्र को तत्काल हटाने की माँग दोहराई और कहा कि BJP का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक नागेंद्र इस्तीफ़ा नहीं देते।

उन्होंने सत्तारूढ़ दल को चेतावनी दी, 'हमारे संघर्ष को हल्के में न लें। जब हम सदन के अंदर लड़ रहे थे, तो हमें गुंडा कहा गया — क्या आप दलितों के लिए आवाज़ उठाने वाले BJP और जेडी(एस) नेताओं को भी गुंडा कह रहे हैं?'

कांग्रेस सरकार की स्थिति

नागेंद्र के इस्तीफे की संभावना पर पहले पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा था कि कांग्रेस के सभी नेता, मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता पार्टी के 'अनुशासित सिपाही' हैं। हालाँकि, बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच नागेंद्र के कैबिनेट से हटने की अटकलें थमी नहीं हैं। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से कई मोर्चों पर विपक्ष के निशाने पर है।

आम जनता और दलित समुदाय पर असर

विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि BJP का यह संघर्ष व्यक्तिगत नहीं, बल्कि दलित और आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए है। उनके शब्दों में, 'हमारा मकसद नागेंद्र की छवि खराब करना नहीं है — हमारा मकसद दलित समुदाय को न्याय दिलाना है। पैसा वापस आना चाहिए और उसका उपयोग समुदाय के विकास के लिए होना चाहिए।' कथित घोटाले में अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए आवंटित धनराशि के दुरुपयोग के आरोप हैं, जो सीधे तौर पर वंचित वर्गों की विकास योजनाओं को प्रभावित करते हैं।

विधान परिषद चुनाव की तैयारी

विजयेंद्र ने यह भी बताया कि BJP ने आगामी विधान परिषद चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों की रणनीति पर विधायकों की विशेष बैठक बुलाई गई। वर्तमान में तीनों सीटों पर BJP के विधान परिषद सदस्य हैं और पार्टी इन्हें बरकरार रखने की कोशिश में है।

वाल्मीकि कॉर्पोरेशन मामले में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई और नागेंद्र के भविष्य पर निर्णय आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे साबित करने की ज़िम्मेदारी BJP पर है — अब तक ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं हुए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस का 'अनुशासित सिपाही' वाला जवाब मामले की गंभीरता से ध्यान भटकाने की कोशिश लगती है। असली सवाल यह है कि ED जाँच और सुसाइड नोट के आरोपों के बाद भी नागेंद्र कैबिनेट में बने रहते हैं या नहीं — यह निर्णय कर्नाटक में कांग्रेस की नैतिक साख को सीधे प्रभावित करेगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला क्या है?
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं का यह मामला है, जिसमें दलित एवं आदिवासी समुदायों के विकास के लिए आवंटित धन को तेलंगाना में अवैध रूप से ट्रांसफर करने के आरोप हैं। ED ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कथित तौर पर मंत्री नागेंद्र का नाम शामिल बताया जा रहा है।
मंत्री बी. नागेंद्र पर क्या आरोप हैं?
BJP के आरोपों के अनुसार, ED की चार्जशीट में नागेंद्र का नाम है और कॉर्पोरेशन अधिकारी पी. चंद्रशेखर के सुसाइड नोट में कथित तौर पर नागेंद्र के मौखिक निर्देशों पर तेलंगाना में फंड ट्रांसफर का उल्लेख है। ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने क्या माँग की है?
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से नागेंद्र को तत्काल कैबिनेट से हटाने की माँग की है। उन्होंने यह भी कहा कि नागेंद्र के इस्तीफे तक BJP का आंदोलन जारी रहेगा और घोटाले में शामिल 'बड़े रसूखदारों' को भी बेनकाब किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने नागेंद्र के इस्तीफे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने पहले कहा था कि कांग्रेस के सभी नेता, मंत्री और विधायक पार्टी के 'अनुशासित सिपाही' हैं। हालाँकि, बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच नागेंद्र के इस्तीफे की अटकलें अभी थमी नहीं हैं।
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव कब होंगे और BJP की क्या तैयारी है?
दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने हैं। BJP ने इन तीनों सीटों — जो वर्तमान में उसके पास हैं — को बरकरार रखने के लिए विधायकों की विशेष बैठक बुलाकर रणनीति तैयार की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 7 महीने पहले