वाराणसी एमएलसी हार को कांग्रेस ने बताया 2027 का सेमीफाइनल, आराधना मिश्रा बोलीं — भाजपा के खिलाफ जनादेश
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने 29 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज में कहा कि वाराणसी एमएलसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार कोई साधारण स्थानीय परिणाम नहीं, बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी में ही भाजपा का हारना पूरे प्रदेश में पार्टी के खिलाफ जनादेश का प्रतीक है।
चुनाव परिणाम: गठबंधन की बढ़त
मिश्रा मोना के अनुसार, एमएलसी की पाँच सीटों में से चार विपक्षी गठबंधन के पक्ष में घोषित हो चुकी हैं और पाँचवीं सीट पर भी गठबंधन ने बड़ी बढ़त बना रखी है। उन्होंने कहा, 'मैं स्पष्ट कहूंगी कि उत्तर प्रदेश की बात अगर मैं करूं, तो यह जनादेश पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ आया है।'
यह चुनाव ग्रेजुएट और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बैलेट पेपर से संपन्न हुआ — एक ऐसा तथ्य जिसे कांग्रेस नेताओं ने परिणाम की विश्वसनीयता के प्रमाण के रूप में रेखांकित किया।
जनता के मुद्दे: बेरोज़गारी से लेकर कानून-व्यवस्था तक
मिश्रा ने कहा कि ग्रेजुएट और शिक्षक मतदाता बेरोज़गारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न जैसे मुद्दों से गहरे प्रभावित हैं। उनके अनुसार, इन्हीं मुद्दों ने भाजपा के खिलाफ मतदान को प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी कहा कि बैलेट पेपर से हुए इस चुनाव में जनादेश साफ है और लोकतंत्र में हर परिणाम को स्वीकार करना चाहिए।
राहुल गांधी और टाटा ग्रुप विवाद पर कांग्रेस का रुख
मिश्रा मोना ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि टाटा ग्रुप ने देश की आज़ादी के बाद से देश के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कुछ चुनिंदा औद्योगिक घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए टाटा ग्रुप को कमज़ोर करने का प्रयास किया है।
यह बयान राहुल गांधी की उस टिप्पणी के संदर्भ में आया जो हाल के दिनों में राजनीतिक विवाद का विषय बनी हुई है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का प्रधानमंत्री पर निशाना
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे गरिमामय पद पर बैठे व्यक्ति को एमएलसी चुनाव पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी, और जो प्रतिक्रिया दी वह गलत सूचना पर आधारित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का खाता नहीं खुला, जबकि नागपुर में गठबंधन की जीत की जानकारी उन्हें नहीं थी।
तिवारी ने यह भी कहा कि भाजपा अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा — चारों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हाल के चुनावों में पिछड़ी है — और इसे उन्होंने भाजपा के आचरण पर जनता की प्रतिक्रिया बताया।
राजनीतिक निहितार्थ: 2027 की आहट
गौरतलब है कि वाराणसी वह सीट है जहाँ से प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस पृष्ठभूमि में भाजपा की एमएलसी हार को विपक्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक प्रतीकात्मक झटके के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। यह वही समय है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन एकजुट होकर भाजपा को चुनौती देने की रणनीति बना रहा है।