वाराणसी स्नातक सीट: सपा के आशुतोष सिन्हा आगे, BJP प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने माना जनादेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में वाराणसी स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा की बढ़त इतनी मजबूत हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर जनादेश स्वीकार करते हुए अपनी हार मान ली। नौवें चक्र की मतगणना तक आशुतोष सिन्हा काफी आगे चल रहे थे और आधिकारिक परिणाम घोषित होने से पहले ही सियासी हलकों में उनकी जीत तय मानी जाने लगी है।
मतगणना का घटनाक्रम
मतगणना मंगलवार सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। बुधवार शाम तक कुल 11 में से 10 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके थे, लेकिन वाराणसी स्नातक सीट पर गिनती पूरी नहीं हो सकी। गुरुवार को भी मतगणना के तीसरे दिन आधिकारिक नतीजा घोषित नहीं हुआ।
बुधवार शाम से एक विवाद भी शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। केदारनाथ सिंह धरने पर बैठ गए और उन्होंने मतगणना पर्यवेक्षक प्रांजल यादव पर धांधली कराने के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की माँग की। ये आरोप भाजपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए थे और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अभी सामने आना बाकी है।
केदारनाथ सिंह का सोशल मीडिया संदेश
केदारनाथ सिंह ने अपने सोशल मीडिया संदेश में वाराणसी खंड के स्नातक मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि उन्हें चुनाव में 'अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।' उन्होंने लिखा कि वे जनादेश को 'पूर्ण विनम्रता और लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ स्वीकार करते हैं।' साथ ही उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भी आभार जताया।
सिंह ने यह भी कहा कि 'चुनाव में सफलता और असफलता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन जनसेवा का संकल्प किसी परिणाम का मोहताज नहीं होता।'
अखिलेश यादव की अपील और सपा की सतर्कता
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कार्यकर्ताओं से मतगणना केंद्र पर डटे रहने की अपील की। उन्होंने लिखा, 'सब डटे रहें और जीत का प्रमाणपत्र लेकर ही उठें।' उन्होंने कार्यकर्ताओं को भोजन, पानी, छतरी और तौलिये की व्यवस्था करने और 'नजर हटी, दुर्घटना घटी' जैसे शब्दों में सतर्क रहने का संदेश भी दिया।
अखिलेश यादव की अपील के बाद 500 से अधिक सपा कार्यकर्ता रातभर मतगणना स्थल पर मौजूद रहे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि BJP और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के 6 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है जबकि घोषित परिणामों में सपा को 4 सीटें मिली हैं। उन्होंने कहा कि सपा को 'बहुत उत्साहित नहीं होना चाहिए' क्योंकि कई सीटों पर उम्मीदवारों का व्यक्तिगत प्रभाव निर्णायक रहा।
कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में यह चुनाव लड़ा ही नहीं और दावा किया कि BJP और प्रधानमंत्री के राजनीतिक प्रभाव में गिरावट आने वाली है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में BJP को हार का सामना करना पड़ा और कुछ स्थानों पर प्रशासन के दुरुपयोग से परिणाम प्रभावित करने की कोशिश की गई — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि वाराणसी खंड की दोनों विधान परिषद सीटों पर पहले भी सपा का कब्जा रहा है। सपा के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने दावा किया कि यदि यही रुझान आगे भी बना रहा तो 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनेगी। कौशांबी से सपा के नवनिर्वाचित MLC मान सिंह यादव ने अपनी जीत का श्रेय मतदाताओं और अखिलेश यादव की नीतियों को दिया। आधिकारिक परिणाम और जीत का प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही इस सीट की चुनावी प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।