5 जुलाई 2026
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वसई-विरार में 12 घंटे में 213 मिमी बारिश, 222 लोग रेस्क्यू; कई इलाके जलमग्न

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वसई-विरार में 12 घंटे में 213 मिमी बारिश, 222 लोग रेस्क्यू; कई इलाके जलमग्न

सारांश

वसई-विरार में 4 जुलाई को 12 घंटों में 213 मिमी बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया। 222 लोगों को रेस्क्यू किया गया, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और लोकल ट्रेनें 25 मिनट लेट रहीं। 3.26 मीटर की हाई टाइड ने हालात और बिगाड़े।

मुख्य बातें

वसई-विरार में 4 जुलाई 2026 को 12 घंटों में औसतन 213 मिमी बारिश दर्ज, प्रभाग बी और ई में सर्वाधिक 231 मिमी ।
बचाव अभियान में कुल 222 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; राजावली वाघराळपाड़ा में 55 वर्षीय एक व्यक्ति अभी भी लापता।
नालासोपारा-वसई रेलवे ट्रैक पर जलभराव से लोकल ट्रेनें 20–25 मिनट विलंबित रहीं।
समुद्र में दोपहर 3:07 बजे 3.26 मीटर की हाई टाइड से निचले इलाकों में जलभराव और गंभीर हुआ।
महापौर अजीव पाटिल , आयुक्त पृथ्वीराज बीपी और जिलाधिकारी इंदुराणी जाखड़ स्थिति पर नज़र बनाए हुए; नागरिकों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील।

महाराष्ट्र के वसई-विरार में 4 जुलाई 2026 को मॉनसून ने विकराल रूप धारण कर लिया, जब सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच महज 12 घंटों में औसतन 213 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पाँच दिनों की लगातार बारिश के बाद शनिवार की यह मूसलाधार वर्षा शहर के लिए सबसे भारी साबित हुई — निचले इलाकों में घुटने से कमर तक पानी भर गया, रेल सेवाएँ बाधित हुईं और सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना पड़ा।

जलभराव के प्रमुख क्षेत्र

विरार के ग्लोबल सिटी, पुष्पानगर, मधुबन स्मार्ट सिटी, पुराना विवा विद्यालय परिसर, बोळींज रोड और चंदनसार में व्यापक जलभराव देखा गया। नालासोपारा में स्टेशन रोड, तुलिंज रोड, नगीनदास पाड़ा, विजय नगर, सेंट्रल पार्क, वाकणपाड़ा, धानिव बाग, गालानगर और एसटी डिपो परिसर जलमग्न हो गए।

वसई में देवतलाव, सागरशेत, चुळणे, माणिकपुर, भुईगांव, अर्नाला रोड, गिरीज, बसंत नगरी रोड, सातीवली, रेंज नाका और एवरशाइन क्षेत्रों में भी पानी भर गया। नायगांव पूर्व-पश्चिम, चिंचोटी तथा कामण-भिवंडी मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

रेल सेवाओं और यातायात पर असर

नालासोपारा और वसई के बीच रेलवे ट्रैक पर जलभराव के चलते लोकल ट्रेन सेवाएँ 20 से 25 मिनट की देरी से संचालित हुईं, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई आवासीय सोसायटियों के भूतल स्थित घरों और दुकानों में पानी घुसने से निवासियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

रेस्क्यू अभियान और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बीपी के मार्गदर्शन और प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रोहन मोरे के नेतृत्व में चलाए गए बचाव अभियान में अब तक कुल 222 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें राजावली से 100, मधुबन से 41, निर्मल से 30, सकवार से 19, सारजा मोरी से 12, संतोष भवन से 10, विराटनगर सुंदरनगर से 5, वसई स्टेशन से 3 और सातीवली-आचोळे से 2 लोग शामिल हैं।

गौरतलब है कि राजावली वाघराळपाड़ा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में लापता हुए 55 वर्षीय एक व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है। महापौर अजीव पाटिल, पालघर जिलाधिकारी इंदुराणी जाखड़ और अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाड़े स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

वर्षा के आँकड़े और हाई टाइड

वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, प्रभाग समिति बी और ई में सर्वाधिक 231 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा प्रभाग डी में 229 मिमी, सी में 219 मिमी, एफ में 216 मिमी, ए में 213 मिमी, जी में 205 मिमी, एच में 191 मिमी और आई में 179 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इसी दौरान समुद्र में सुबह 2:26 बजे 2.68 मीटर और दोपहर 3:07 बजे 3.26 मीटर की हाई टाइड रिकॉर्ड हुई, जिसने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना दिया। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई महानगर क्षेत्र के कई हिस्से पहले से ही मॉनसून की मार झेल रहे हैं।

आगे की स्थिति

प्रशासन के सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। लापता व्यक्ति की तलाश जारी रहने और अगले कुछ दिनों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन की चुनौतियाँ बनी रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शहर की जल-निकासी व्यवस्था की नाकामी उतनी ही नियमित है। सवाल यह है कि बढ़ते शहरीकरण और तटीय हाई टाइड के दोहरे दबाव के बावजूद दीर्घकालिक बाढ़-प्रबंधन ढाँचा क्यों नहीं बन पाया। जब तक जल-निकासी अवसंरचना में ठोस निवेश नहीं होता, हर मॉनसून यही दृश्य दोहराया जाएगा।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसई-विरार में 4 जुलाई को कितनी बारिश हुई?
4 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच 12 घंटों में वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में औसतन 213 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रभाग समिति बी और ई में सर्वाधिक 231 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
वसई-विरार बाढ़ में कितने लोगों को बचाया गया?
अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन विभाग के बचाव अभियान में कुल 222 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। इनमें सबसे अधिक 100 लोग राजावली से और 41 मधुबन से निकाले गए।
क्या वसई-विरार में कोई व्यक्ति लापता है?
हाँ, राजावली वाघराळपाड़ा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में लापता हुए 55 वर्षीय एक व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन की टीमें सक्रिय रूप से खोज अभियान चला रही हैं।
बारिश से वसई-विरार में ट्रेन सेवाएँ कितनी प्रभावित हुईं?
नालासोपारा और वसई के बीच रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएँ 20 से 25 मिनट की देरी से चलीं। इससे हजारों दैनिक यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
हाई टाइड ने वसई-विरार की बाढ़ को कैसे प्रभावित किया?
4 जुलाई को सुबह 2:26 बजे 2.68 मीटर और दोपहर 3:07 बजे 3.26 मीटर की हाई टाइड रिकॉर्ड हुई। भारी बारिश के साथ हाई टाइड के संयोग ने शहर के निचले तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।
राष्ट्र प्रेस
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