ई20 ईंधन से इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने का दावा फर्जी, पीआईबी ने किया खंडन
सारांश
मुख्य बातें
पीआईबी फैक्टचेक यूनिट ने मंगलवार, 16 जून को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैल रहा यह दावा पूरी तरह असत्य है कि ई20 ईंधन के उपयोग से मोटर वाहन का बीमा दावा अस्वीकार हो सकता है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत इस इकाई ने स्पष्ट किया कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल के बाद भी वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह वैध बनी रहती है।
क्या था वायरल दावा
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में यह भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी कि यदि कोई वाहन चालक ई20 ईंधन का उपयोग करता है, तो दुर्घटना या क्षति की स्थिति में उसका बीमा दावा रद्द किया जा सकता है। यह सूचना वाहन मालिकों में भ्रम और चिंता का कारण बन रही थी।
पीआईबी का आधिकारिक खंडन
पीआईबी फैक्टचेक यूनिट ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस दावे को पूरी तरह खारिज किया। इकाई ने कहा कि ई20 ईंधन के उपयोग से बीमा पॉलिसी की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि ऐसे दावों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।
एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की स्थिति
भारत में केपीएमजी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम उल्लेखनीय प्रगति कर चुका है और अब पूरे देश में ई20 ईंधन की आपूर्ति शुरू हो गई है। रिपोर्ट में फीडस्टॉक की उपलब्धता, सप्लाई चेन की क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी और नीतिगत तालमेल जैसी चुनौतियों का भी विश्लेषण किया गया है।
ई85 ईंधन की ओर बढ़ता कदम
केंद्र सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर एक इंडियनऑयल रिटेल आउटलेट पर ई85 ईंधन लॉन्च किया। यह ईंधन अभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों के 48 रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है। सरकार की योजना दिसंबर 2026 तक इसे 500 आउटलेट्स और दिसंबर 2027 तक लगभग 5,000 आउटलेट्स तक विस्तारित करने की है।
सरकार की व्यापक ऊर्जा रणनीति
सरकार आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने, ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ करने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति के तहत एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। आने वाले वर्षों में ई85 नेटवर्क का विस्तार इस नीति की कसौटी साबित होगा।