29 अगस्त 2026
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दुर्गा पूजा पंडालों पर VHP की कोई गाइडलाइन नहीं: प्रवक्ता आलोक कुमार ने किया स्पष्ट

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दुर्गा पूजा पंडालों पर VHP की कोई गाइडलाइन नहीं: प्रवक्ता आलोक कुमार ने किया स्पष्ट

सारांश

VHP प्रवक्ता आलोक कुमार ने साफ किया कि पश्चिम बंगाल के दुर्गा पूजा पंडालों में खान-पान को लेकर कोई आधिकारिक गाइडलाइन नहीं है — एक स्वामी का बयान गलत तरीके से संगठन का आदेश बताया गया। साथ ही RSS प्रमुख भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर उठे विवाद को उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।

मुख्य बातें

VHP प्रवक्ता आलोक कुमार ने 29 अगस्त को स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा पंडालों में शाकाहारी-मांसाहारी खान-पान पर कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक स्वामी के स्वच्छता-संबंधी सुझाव को VHP का आदेश बताकर प्रसारित किया गया, जिसे संगठन ने गलत बताया।
VHP के सुझाव — जैसे 'वंदे मातरम' का पूरा गायन और भारत माता की पूजा — आयोजकों के लिए स्वैच्छिक हैं, अनिवार्य नहीं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम में करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना; विरोध को VHP ने लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना से जुड़े विवाद पर आलोक कुमार ने कहा कि भारतीय परंपरा में हास्य की मर्यादा होनी चाहिए।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता आलोक कुमार ने 29 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि संगठन ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों में शाकाहारी या मांसाहारी भोजन को लेकर न कोई दिशा-निर्देश जारी किया है और न ही कोई आधिकारिक निर्णय लिया गया है। यह सफाई उस विवाद के बाद आई जिसमें VHP पर कथित तौर पर पंडाल आयोजकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी करने का आरोप लगाया जा रहा था।

बैठक में क्या हुआ था

आलोक कुमार ने बताया कि बड़े त्योहारों से पहले VHP विभिन्न स्थानों पर आयोजकों के साथ बैठकें करता है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल लगाने वाले कुछ आयोजकों की एक बैठक हुई थी, जिसमें पूजा की परंपरा, सांस्कृतिक पहलुओं और भक्ति के वातावरण पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि VHP का सुझाव है कि देवी की पूजा पारंपरिक और शास्त्रीय विधि से हो तथा पंडालों में स्वच्छता और शुचिता का ध्यान रखा जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार के सवाल पर एक स्वामी ने खाने के स्टॉलों में स्वच्छता बनाए रखने को एक अच्छा सुझाव बताया था। आलोक कुमार के अनुसार, इसे संगठन की आधिकारिक गाइडलाइन या आदेश के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

सुझाव और आयोजकों की स्वतंत्रता

VHP प्रवक्ता ने कहा कि संगठन की ओर से सुझाव दिए जाते हैं, जिन्हें आयोजक अपनी इच्छा के अनुसार अपनाते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि करीब 8-10 साल पहले दिल्ली की रामलीला समितियों को भगवान राम के दरबार के साथ महर्षि वाल्मीकि की तस्वीर या झांकी रखने का सुझाव दिया गया था, और अब कई रामलीला आयोजनों में इसे अपनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्गा पूजा आयोजकों को किसी एक दिन 'वंदे मातरम' का पूरा गायन और भारत माता की पूजा करने का सुझाव दिया गया है।

मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और न्यूयॉर्क में प्रस्तावित ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर भी आलोक कुमार ने बात की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से पहले जिस तरह का विरोध और सोशल मीडिया विवाद सामने आया, वह चिंताजनक है।

आलोक कुमार ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण एकत्र होने और संगठन बनाने का अधिकार किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हो सकता। उनका कहना था कि भागवत के कार्यक्रम को रोकने के प्रयास लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के विपरीत हैं, और इनके पीछे किसी 'वेस्टेड इंटरेस्ट ग्रुप' का प्रभाव हो सकता है।

समय रैना विवाद और अभिव्यक्ति की मर्यादा

स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना से जुड़े सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि उन्हें उस बातचीत की पूरी जानकारी नहीं है। हालाँकि उन्होंने भारतीय संस्कृति में हास्य और अभिव्यक्ति की मर्यादा का उल्लेख करते हुए कहा कि हंसी और आनंद ज़रूरी हैं, लेकिन किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा से बचना चाहिए। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब धार्मिक भावनाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच की रेखा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और फिर संगठन को सफाई देनी पड़ती है। असली सवाल यह है कि क्या VHP जैसे बड़े हिंदू संगठनों की आंतरिक बैठकों में दिए गए सुझावों और आधिकारिक नीति के बीच की रेखा पर्याप्त रूप से स्पष्ट है। भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर उठा विवाद यह भी दर्शाता है कि भारत में हिंदू संगठनों की वैश्विक पहुँच अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बन रही है — और इस पर प्रतिक्रियाएँ अक्सर तथ्यों से अधिक पूर्वाग्रह से प्रेरित होती हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या VHP ने दुर्गा पूजा पंडालों में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाया है?
नहीं। VHP प्रवक्ता आलोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि संगठन ने पंडालों में शाकाहारी या मांसाहारी भोजन को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है और न ही ऐसा कोई निर्णय लिया गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक स्वामी के स्वच्छता-संबंधी व्यक्तिगत सुझाव को गलत तरीके से VHP का आदेश बताया गया।
VHP दुर्गा पूजा आयोजकों को क्या सुझाव देता है?
VHP का सुझाव है कि देवी की पूजा पारंपरिक और शास्त्रीय विधि से हो, पंडालों में भक्ति और स्वच्छता का वातावरण रहे, और किसी एक दिन 'वंदे मातरम' का पूरा गायन तथा भारत माता की पूजा की जाए। ये सभी सुझाव स्वैच्छिक हैं — आयोजक अपनी इच्छा के अनुसार इन्हें अपना सकते हैं।
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर विवाद क्यों हुआ?
RSS प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में प्रस्तावित ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम — जिसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है — को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध सामने आया। VHP प्रवक्ता आलोक कुमार ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हो सकती।
VHP के सुझाव और आधिकारिक गाइडलाइन में क्या फर्क है?
आलोक कुमार के अनुसार, VHP के सुझाव आयोजकों के लिए स्वैच्छिक होते हैं — जैसे दिल्ली की रामलीला समितियों को महर्षि वाल्मीकि की झांकी रखने का सुझाव दिया गया था, जिसे कई समितियों ने अपनाया। आधिकारिक गाइडलाइन या आदेश वह होता है जो संगठन की बैठक में औपचारिक रूप से पारित हो, जो इस मामले में नहीं हुआ।
समय रैना विवाद पर VHP का क्या रुख है?
VHP प्रवक्ता आलोक कुमार ने कहा कि उन्हें स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना से जुड़ी बातचीत की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हंसी और आनंद ज़रूरी हैं, लेकिन किसी की धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को आहत करने वाली भाषा से बचना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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