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दुर्गा पूजा तक पश्चिम बंगाल में फेरीवालों की बेदखली नहीं: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का आश्वासन

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दुर्गा पूजा तक पश्चिम बंगाल में फेरीवालों की बेदखली नहीं: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का आश्वासन

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नबन्ना में फेरीवाला संगठन से मुलाकात कर अक्टूबर में दुर्गा पूजा तक बेदखली न करने का वचन दिया। रेलवे भूमि के फेरीवालों के लिए केंद्र से बात का भी भरोसा दिलाया। अगले सप्ताह पहचान पत्र और पुनर्वास नीति पर अहम बैठक होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा 2025 (अक्टूबर) तक पश्चिम बंगाल में किसी भी फेरीवाले को न हटाने का आश्वासन दिया।
यह वचन नबन्ना में फेरीवालों की संयुक्त कार्रवाई समिति के राज्य अध्यक्ष असित साहा के साथ हुई बैठक में दिया गया।
मुख्यमंत्री ने भारतीय रेलवे की भूमि पर कारोबार कर रहे फेरीवालों के मुद्दे को रेलवे विभाग से उठाने का भरोसा दिलाया।
फेरीवालों के पहचान पत्र और पुनर्वास नीति पर राज्य नगर निगम विभाग के सचिव के साथ अगले सप्ताह बैठक निर्धारित है।
नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से रेलवे स्टेशनों पर चले बेदखली अभियानों और नोटिसों के कारण फेरीवाला समुदाय में भारी असुरक्षा व्याप्त थी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 5 जुलाई 2025 को स्पष्ट किया कि राज्य में अक्टूबर 2025 में होने वाली दुर्गा पूजा तक किसी भी फेरीवाले को बेदखल नहीं किया जाएगा। यह आश्वासन राज्य सचिवालय नबन्ना में फेरीवालों की संयुक्त कार्रवाई समिति के राज्य अध्यक्ष असित साहा के साथ हुई बैठक में दिया गया, जिससे राज्यभर के लाखों फेरीवालों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री अधिकारी ने नबन्ना में फेरीवाला संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और मानवीय आधार पर बेदखली रोकने का वचन दिया। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए असित साहा ने कहा कि 'मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मानवीय आधार पर इस वर्ष दुर्गा पूजा तक किसी भी फेरीवाले को नहीं हटाया जाएगा।' साहा ने यह भी बताया कि इस आश्वासन के बाद राज्यभर में बेदखली को लेकर व्याप्त भय का माहौल अब समाप्त हो गया है।

रेलवे भूमि पर फेरीवालों का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने यह भी वचन दिया कि विभिन्न रेलवे स्टेशनों या भारतीय रेलवे की स्वामित्व वाली भूमि पर व्यापार कर रहे फेरीवालों के लिए वे भारतीय रेलवे विभाग से इस मामले को उठाएंगे। यह एक अहम कदम है, क्योंकि रेलवे भूमि पर बसे फेरीवाले राज्य सरकार और केंद्रीय रेलवे प्रशासन के बीच अधिकार-क्षेत्र की उलझन में फँसे हुए थे।

अगले सप्ताह होगी अहम बैठक

फेरीवालों के पुनर्वास और भविष्य की नीति तय करने के लिए फेरीवाला संगठन की राज्य नगर निगम विभाग के सचिव के साथ अगले सप्ताह एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है। इस बैठक में फेरीवालों के पहचान पत्रों और उनके कारोबार के भविष्य पर विस्तृत चर्चा होगी।

पृष्ठभूमि: बेदखली अभियान से उपजा संकट

अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर फेरीवालों को हटाने के अभियान चलाए गए थे। कुछ बाज़ारों में नोटिस भी जारी किए गए, जिससे फेरीवाला समुदाय में भारी असुरक्षा और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था। राज्य सरकार की यह नवीनतम घोषणा उसी पृष्ठभूमि में आई है और इसे फेरीवाला समुदाय के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की राह

दुर्गा पूजा के बाद की नीति अभी स्पष्ट नहीं है। अगले सप्ताह होने वाली बैठक में पहचान पत्र और पुनर्वास के दीर्घकालिक ढाँचे पर जो निर्णय होगा, वही तय करेगा कि यह राहत अस्थायी है या स्थायी समाधान की दिशा में पहला कदम।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि नीतिगत स्पष्टता। दुर्गा पूजा के बाद की स्थिति पर कोई रोडमैप नहीं है, और अगले सप्ताह की बैठक का एजेंडा भी अभी सार्वजनिक नहीं हुआ। गौरतलब है कि फेरीवाला (संरक्षण एवं आजीविका) अधिनियम, 2014 पहले से लागू है, फिर भी बेदखली अभियान चले — यह संकेत देता है कि क्रियान्वयन में खामियाँ हैं। जब तक पहचान पत्र और पुनर्वास की ठोस नीति सामने नहीं आती, यह राहत अक्टूबर के बाद फिर से संकट में बदल सकती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में फेरीवालों की बेदखली कब तक नहीं होगी?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि अक्टूबर 2025 में होने वाली दुर्गा पूजा तक राज्य में किसी भी फेरीवाले को नहीं हटाया जाएगा। यह निर्णय मानवीय आधार पर लिया गया है।
नबन्ना में फेरीवालों के साथ बैठक में क्या तय हुआ?
नबन्ना में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा तक बेदखली न करने का वचन दिया और रेलवे भूमि पर कारोबार कर रहे फेरीवालों के लिए भारतीय रेलवे से बात करने का भरोसा दिलाया। फेरीवाला संगठन के राज्य अध्यक्ष असित साहा ने इसे फेरीवाला समुदाय के लिए बड़ी राहत बताया।
रेलवे स्टेशनों पर फेरीवालों की समस्या का समाधान क्या होगा?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि वे रेलवे स्टेशनों और रेलवे की भूमि पर कारोबार कर रहे फेरीवालों के मुद्दे को भारतीय रेलवे विभाग के समक्ष उठाएंगे। अभी तक कोई ठोस समाधान घोषित नहीं हुआ है।
फेरीवालों के पहचान पत्र और पुनर्वास पर कब होगा फैसला?
फेरीवाला संगठन की राज्य नगर निगम विभाग के सचिव के साथ अगले सप्ताह एक बैठक निर्धारित है, जिसमें पहचान पत्र और भविष्य की पुनर्वास नीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
पश्चिम बंगाल में फेरीवालों के खिलाफ बेदखली अभियान क्यों चला?
सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर फेरीवालों को हटाने के अभियान चलाए गए और कुछ बाज़ारों में नोटिस भी जारी किए गए। इन कार्रवाइयों के कारण फेरीवाला समुदाय में भारी असुरक्षा और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था।
राष्ट्र प्रेस
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