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महादेव सट्टेबाजी कांड: ईडी ने विकास गर्ग को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने 24 जुलाई तक रिमांड मंजूर

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महादेव सट्टेबाजी कांड: ईडी ने विकास गर्ग को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने 24 जुलाई तक रिमांड मंजूर

सारांश

महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क में ईडी ने विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की अपराध की आय, दुबई-मॉरीशस-यूके के रास्ते मनी लॉन्ड्रिंग और ₹940.77 करोड़ की संपत्ति कुर्की — यह मामला बहु-राज्यीय और बहु-देशीय वित्तीय षड्यंत्र की परतें खोल रहा है।

मुख्य बातें

विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में पीएमएलए की धारा 19 के तहत ईडी ने गिरफ्तार किया।
रायपुर के विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने उन्हें 24 जुलाई 2026 तक 10 दिनों की ईडी हिरासत में भेजा।
सट्टेबाजी नेटवर्क प्रति माह ₹450 करोड़ से अधिक की अपराध की आय अर्जित कर रहा था।
अपराध की आय को दुबई, मॉरीशस और यूके स्थित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी मार्गों से मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
5 जून 2026 को विकास गर्ग और उनसे जुड़ी संस्थाओं की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क की गई थीं।
जाँच के दौरान भी गर्ग पर अपराध की आय छिपाने और स्थानांतरित करने के प्रयास जारी रखने का आरोप है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों से जुड़े धन शोधन मामले में विकास गर्ग को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। रायपुर के विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने उन्हें 24 जुलाई 2026 तक 10 दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है।

गिरफ्तारी और रिमांड का घटनाक्रम

विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में गिरफ्तार किया गया और वहाँ के विशेष न्यायालय ने पारगमन रिमांड मंजूर की। इसके बाद 15 जुलाई को उन्हें रायपुर के विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष पेश किया गया, जहाँ अदालत ने 24 जुलाई तक की ईडी रिमांड स्वीकृत की। यह मामला छत्तीसगढ़ पुलिस, दुर्ग द्वारा दर्ज एफआईआर तथा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दर्ज विभिन्न एफआईआर पर आधारित है।

सट्टेबाजी नेटवर्क और अपराध की आय

ईडी की जाँच के अनुसार, यह सट्टेबाजी गिरोह विदेशों से संचालित फ्रेंचाइजी-आधारित 'पैनल' नेटवर्क के ज़रिए काम करता था और प्रति माह ₹450 करोड़ से अधिक की अपराध की आय अर्जित कर रहा था। जाँच में पता चला कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज के अवैध संचालन से प्राप्त धन को एक बहुस्तरीय संरचना के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

इस संरचना में फर्जी संस्थाओं के जाल से नकद के बदले व्यवस्थित लेनदेन शामिल थे, साथ ही दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम में स्थित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी मार्गों से किए गए विदेशी निवेश भी शामिल थे। जाँच एजेंसी के अनुसार, इन निवेशों को विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सूचीबद्ध व गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में स्थानांतरित कर दागी धन को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।

₹940 करोड़ से अधिक की संपत्तियाँ कुर्क

इस मामले में 5 जून 2026 को एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व व नियंत्रण वाली संस्थाओं की चल व अचल संपत्तियाँ कुर्क की गईं। कुर्क संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग ₹940.77 करोड़ आँका गया है, जिनमें आवासीय संपत्तियाँ, भूमि के टुकड़े, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियाँ शामिल हैं।

जाँच के दौरान भी जारी रही संपत्ति छिपाने की कोशिश

ईडी की जाँच में यह भी स्थापित हुआ है कि विकास गर्ग ने अपने विरुद्ध जाँच चलने के दौरान भी अपराध की आय को छिपाने और स्थानांतरित करने के प्रयास जारी रखे। गौरतलब है कि महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़ा यह मामला बहु-राज्यीय जाँच का विषय रहा है और इसमें पहले भी कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। ईडी की आगामी पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सूत्रधारों और विदेशी वित्तीय कड़ियों का खुलासा होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मॉरीशस और यूके जैसे केंद्रों से एफपीआई और एफडीआई मार्गों का इस्तेमाल दागी धन को 'साफ' करने में हुआ। प्रति माह ₹450 करोड़ की आय और ₹940 करोड़ से अधिक की कुर्की बताती है कि यह नेटवर्क कितना सुसंगठित था। असली सवाल यह है कि क्या ईडी की जाँच केवल निचले स्तर के संचालकों तक सीमित रहेगी, या विदेशी निवेश मार्गों के सूत्रधारों तक पहुँचेगी — क्योंकि बिना ऊपरी कड़ियों को तोड़े, ऐसे नेटवर्क नए नामों से फिर उभर सकते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास गर्ग को ईडी ने किस मामले में गिरफ्तार किया है?
विकास गर्ग को महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों से जुड़े धन शोधन मामले में पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। ईडी के अनुसार, इस नेटवर्क से प्रति माह ₹450 करोड़ से अधिक की अपराध की आय अर्जित की जा रही थी।
विकास गर्ग की ईडी रिमांड कब तक है?
रायपुर के विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने विकास गर्ग को 24 जुलाई 2026 तक 10 दिनों की ईडी हिरासत में भेजा है। उन्हें 14 जुलाई को नई दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था और 15 जुलाई को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया था।
महादेव ऑनलाइन बुक मामले में कितनी संपत्ति कुर्क की गई है?
ईडी ने 5 जून 2026 को जारी अंतरिम कुर्की आदेश के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं की लगभग ₹940.77 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क की हैं। इनमें आवासीय संपत्तियाँ, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियाँ शामिल हैं।
इस सट्टेबाजी नेटवर्क में मनी लॉन्ड्रिंग कैसे की गई?
ईडी की जाँच के अनुसार, अपराध की आय को फर्जी संस्थाओं के जाल से नकद लेनदेन और दुबई, मॉरीशस व यूके स्थित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी मार्गों से विकास गर्ग की सूचीबद्ध व गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश कर वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
इस मामले की जाँच किन राज्यों की पुलिस ने शुरू की थी?
इस मामले की जाँच छत्तीसगढ़ पुलिस, दुर्ग द्वारा दर्ज एफआईआर के अलावा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। इन एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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