जब विवेक ओबेरॉय की जिंदगी में आई अंधेरी रात, मां के सवाल ने बदल दी राह
सारांश
Key Takeaways
- मां का प्यार हमेशा प्रेरणादायक होता है।
- कठिन समय में परिवार का समर्थन महत्वपूर्ण है।
- सकारात्मक सोच से जीवन के मुश्किल दौर को पार किया जा सकता है।
- मदर्स डे पर मां के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।
- हर बुरा दौर एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है।
मुंबई, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता विवेक ओबेरॉय, जो कि वेब सीरीज इंडियन पुलिस फोर्स का हिस्सा हैं, ने न केवल बिजनेस में बल्कि इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनाई है।
विवेक ओबेरॉय जल्द ही नितेश तिवारी की फिल्म रामायण में नजर आएंगे, लेकिन उन्होंने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे कठिन समय का जिक्र किया। उस समय उन्हें ऐसा लगा कि जिंदगी बेकार हो गई है, लेकिन उनकी मां के एक सवाल ने उनकी सोच को बदल दिया।
विवेक अपनी मां के काफी करीब हैं और हमेशा उन्हें प्यार से याद करते हैं। उन्होंने अपने बुरे दौर का अनुभव साझा किया, जब उन्हें लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। अभिनेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे याद है जब मैं अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन समय से गुजर रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे चारों ओर से दीवारें मुझ पर गिर रही हैं। मैं दुनिया के सामने मजबूत दिखने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अंदर से मैं पूरी तरह टूट गया था। मैंने अपनी मां के पास जाकर उनसे वही सवाल पूछा, जो हम सभी तब पूछते हैं जब जिंदगी अन्यायपूर्ण लगती है, 'माँ, मेरे साथ ही ऐसा क्यों?'"
इस पर उनकी मां ने सवाल किया, 'क्या तुमने कभी खुद से पूछा है, मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ?' उन्होंने विवेक को उन अच्छे दिनों की याद दिलाई जब उन्होंने हिट फिल्में, शोहरत और पुरस्कार जीते थे। विवेक ने लिखा, 'यही एक मां का जादू है। वह केवल वही व्यक्ति हैं जो आपकी गहरी कमजोरियों को देख सकती हैं और उन्हें आपकी ताकत में बदल सकती हैं।'
इस अनुभव के जरिए विवेक ने अपनी मां और अपने बच्चों की मां को मदर्स डे की बधाई दी है। उनका मानना है कि जैसे उनकी मां ने उन्हें हर बुरे समय में सहारा दिया, वैसे ही उनकी पत्नी भी बच्चों को सही तरीके से संभाल रही हैं, जिससे उन्हें अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं। विवेक ने दोनों को मदर्स डे की शुभकामनाएं दी हैं।