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पीएम मोदी की अपील पर वर्धा परिवार ने बहू को दिया पुराना पॉलिश मंगलसूत्र, नई ज्वेलरी खरीदने से किया परहेज

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पीएम मोदी की अपील पर वर्धा परिवार ने बहू को दिया पुराना पॉलिश मंगलसूत्र, नई ज्वेलरी खरीदने से किया परहेज

सारांश

वर्धा के पुलगांव में एक छोटे व्यापारी परिवार ने PM मोदी की 'जिम्मेदार खर्च' की अपील पर बेटे की शादी में नई सोने की ज्वेलरी न खरीदकर पुराने मंगलसूत्र को पॉलिश करवाकर बहू को भेंट करने का फैसला किया — एक छोटा, लेकिन प्रतीकात्मक कदम।

मुख्य बातें

वर्धा के पुलगांव निवासी सतीश गौरीशंकर चौबे परिवार ने PM मोदी की अपील पर नई सोने की ज्वेलरी न खरीदने का फैसला किया।
सीमा चौबे ने अपना पुराना मंगलसूत्र पॉलिश करवाकर बहू को उपहार में देने का सुझाव दिया, जिसे परिवार ने माना।
बेटे यश चौबे की शादी 1 जुलाई को पूरी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगी।
परिवार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर अपना निर्णय साझा किया और नवदंपति को आशीर्वाद देने का आमंत्रण दिया।
परिवार के अनुसार यह कदम केवल बचत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना का प्रतीक है।

महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पुलगांव से एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक साधारण व्यापारी परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'जिम्मेदार खर्च' की अपील से प्रभावित होकर अपने बेटे की शादी में नई सोने की ज्वेलरी न खरीदने का फैसला किया। परिवार ने इसके बजाय घर में मौजूद पुराने मंगलसूत्र को पॉलिश करवाकर नवविवाहिता को भेंट करने का निर्णय लिया। यश चौबे की शादी 1 जुलाई को होनी है।

परिवार का फैसला और पृष्ठभूमि

पुलगांव में पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले सतीश गौरीशंकर चौबे ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखकर अपने परिवार का यह निर्णय साझा किया। उन्होंने बताया कि शादी से पहले परिवार में बहू के लिए नया मंगलसूत्र खरीदने पर चर्चा हो रही थी, लेकिन उनकी पत्नी सीमा चौबे ने अपना खुद का मंगलसूत्र पॉलिश करवाकर बहू को उपहार में देने का सुझाव रखा, जिसे पूरे परिवार ने स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना

सतीश चौबे के अनुसार, यह निर्णय केवल आर्थिक बचत के लिए नहीं था, बल्कि यह दिखाने की एक सचेत कोशिश थी कि आम नागरिक छोटे-छोटे व्यक्तिगत फैसलों के ज़रिए राष्ट्रीय प्रयासों में भागीदार बन सकते हैं। परिवार एक साधारण मारवाड़ी राजस्थानी ब्राह्मण परिवार है और शादी पूरी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगी, फिर भी वे अनावश्यक खरीदारी से बचकर एक मिसाल कायम करना चाहते थे।

परिवार के सदस्यों की बात

सतीश चौबे ने कहा, 'निश्चित तौर पर हमने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर भावनात्मक रूप से नया सोना नहीं खरीदने का निर्णय लिया है। इससे हमारी बचत भी हुई और राष्ट्रहित में योगदान भी हुआ है।' सीमा चौबे ने कहा कि जिस तरह मोदी ने 'स्वच्छता अभियान', 'हर घर तिरंगा' और 'लोकल फॉर वोकल' जैसी पहलों से हर नागरिक को राष्ट्रहित से जोड़ा, उसी से आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना बढ़ी है। दूल्हे यश चौबे ने 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटलीकरण' और UPI जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के आर्थिक और सुरक्षा संबंधी फैसलों से देश मजबूत हुआ है।

PM मोदी को आमंत्रण और उम्मीद

परिवार ने प्रधानमंत्री मोदी को नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित भी किया है। चौबे के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री का आशीर्वाद संदेश मिलता है तो यह परिवार के लिए एक अविस्मरणीय पल होगा और उनके इस विश्वास को और पुख्ता करेगा कि उन्होंने सही दिशा में कदम उठाया। यह घटना उस व्यापक सामाजिक प्रवृत्ति की एक झलक है जिसमें नागरिक अपनी व्यक्तिगत जीवनशैली को राष्ट्रीय आह्वानों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा सवाल भी है — क्या PM मोदी ने वास्तव में सोने की खरीदारी से परहेज करने की कोई औपचारिक अपील की थी, और यदि हाँ, तो किस संदर्भ में? स्रोत इस अपील का कोई सटीक संदर्भ या तारीख नहीं देता, जो पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी होती। यह घटना उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें नागरिक अपनी निजी पसंद को राजनीतिक नेतृत्व के आह्वान से जोड़ते हैं — जो लोकतंत्र में नागरिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत हो सकता है, लेकिन इसकी पड़ताल भी जरूरी है कि यह स्वेच्छा से उपजी प्रेरणा है या सामाजिक दबाव।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्धा के चौबे परिवार ने नई सोने की ज्वेलरी क्यों नहीं खरीदी?
परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'जिम्मेदार खर्च' की अपील से प्रेरित होकर बेटे यश की शादी में नई सोने की ज्वेलरी न खरीदने का फैसला किया। इसके बजाय सीमा चौबे ने अपना पुराना मंगलसूत्र पॉलिश करवाकर बहू को उपहार में देने का निर्णय लिया।
यश चौबे की शादी कब होगी?
यश चौबे की शादी 1 जुलाई को होनी है। परिवार ने कहा है कि शादी पूरी पारंपरिक मारवाड़ी राजस्थानी ब्राह्मण रीति-रिवाजों और जश्न के साथ होगी।
परिवार ने PM मोदी को पत्र क्यों लिखा?
सतीश गौरीशंकर चौबे ने PM मोदी को पत्र लिखकर अपने परिवार का यह निर्णय साझा किया और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया। परिवार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री का आशीर्वाद संदेश उनके लिए एक यादगार पल बनेगा।
क्या यह फैसला सिर्फ पैसे बचाने के लिए था?
परिवार के अनुसार यह निर्णय केवल आर्थिक बचत के लिए नहीं था। सतीश चौबे ने कहा कि यह एक सचेत कोशिश थी कि आम नागरिक छोटे-छोटे व्यक्तिगत फैसलों के ज़रिए राष्ट्रीय कार्यों में योगदान दे सकते हैं।
यह घटना किस जिले और गाँव से सामने आई है?
यह घटना महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पुलगांव से सामने आई है। सतीश गौरीशंकर चौबे यहाँ पूजा सामग्री की दुकान चलाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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