नारी शक्ति विपक्षी दलों को राजनीतिक दंड देगी: तरुण चुघ
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नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, टीएमसी, सपा, डीएमके आदि पर महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुँचाने और विधेयक के विरोध का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं ने इसे महिला सशक्तीकरण के खिलाफ एक गंभीर कदम बताते हुए विपक्ष को राजनीतिक रूप से जिम्मेदार ठहराने की बात की है।
तरुण चुघ ने महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन का जिक्र करते हुए कहा, "जो पार्टियाँ महिलाओं के अधिकार छीनने के बाद जश्न मना रही थीं, उन्हें जनता करारा जवाब देगी। जनता सब जानती है। आने वाले समय में इसका जवाब जल्दी मिलने वाला है। जनता जानती है कि कौन उनके पक्ष में है और कौन नहीं।"
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा ने संसद में सिर्फ एक विधेयक नहीं गिराया, बल्कि उन्होंने देश की महिलाओं के सपनों और अधिकारों पर कुठाराघात किया है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार महिलाओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत हैं जबकि कांग्रेस पार्टी उनके सपनों को कुचलने का कार्य कर रही है। अब नारी शक्ति उन्हें राजनीतिक दंड देगी।"
चुघ ने यह भी कहा कि इस देश की 70 करोड़ माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों और अधिकारों को बेरहमी से कुचला गया है, जो अत्यंत अनुचित है। प्रधानमंत्री मोदी ने सही कहा था कि यह महिलाओं के अधिकारों की 'भ्रूण-हत्या' है।"
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब रानी लक्ष्मीबाई के स्वाभिमान को चुनौती दी गई, तो वह अपने बच्चे को पीठ में बांधकर लड़ाई के मैदान में कूद गई थीं। हमारी देश की 70 करोड़ रानी लक्ष्मीबाई तैयार हैं। जब इंडिया गठबंधन के दल जैसे कांग्रेस, टीएमसी, और सपा आएंगे, तो उनका स्वागत फूल-मालाओं से नहीं, बल्कि चप्पलों से किया जाएगा। यह हमारी रानी लक्ष्मीबाई के हकों पर कुठाराघात है।"
प्रतुल शाहदेव ने ईडी की कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के आवास पर हुई छापेमारी पर कहा, "केंद्रीय एजेंसियाँ पूरी तरह स्वतंत्र हैं। यह कांग्रेस का शासन काल नहीं है। जब सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट ने पिंजरे में कैद बताया था, तब एजेंसी जैसे इनपुट मिलते हैं, उसी के अनुसार कार्रवाई करती है। जो कार्रवाई होती है, वह बहुत पारदर्शी होती है। ईडी ने उसी तरीके से कार्रवाई की होगी। ईडी के आधिकारिक बयान का इंतजार करना चाहिए, लेकिन देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो भी मुहिम है, वह प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में बहुत सशक्त हुई है।