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'यात्री साथी' और भारत टैक्सी की साझेदारी, पश्चिम बंगाल में डिजिटल परिवहन को मिलेगा नया आयाम

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'यात्री साथी' और भारत टैक्सी की साझेदारी, पश्चिम बंगाल में डिजिटल परिवहन को मिलेगा नया आयाम

सारांश

पश्चिम बंगाल में 'यात्री साथी' और 'भारत टैक्सी' की साझेदारी राज्य के डिजिटल परिवहन को नया आयाम देने की कोशिश है — को-ब्रांडिंग, प्लेटफॉर्म इंटरऑपरेबिलिटी और ड्राइवर कल्याण के साथ। भविष्य में बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा को भी इससे जोड़ने की योजना है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने 'यात्री साथी' और 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी)' के बीच साझेदारी की घोषणा की।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 19 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर इस समझौते की जानकारी दी।
समझौते में को-ब्रांडिंग और प्लेटफॉर्म इंटरऑपरेबिलिटी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पात्र ड्राइवरों को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव की सदस्यता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
भविष्य में बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है।

पश्चिम बंगाल के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने राज्य के डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म 'यात्री साथी' को और सशक्त बनाने के लिए 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी)' के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी समझौता किया है। 19 जुलाई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस सहयोग की जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुलभ परिवहन सेवाएँ उपलब्ध कराना और ड्राइवरों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

साझेदारी में क्या है खास

इस समझौते के तहत 'को-ब्रांडिंग' और 'प्लेटफॉर्म इंटरऑपरेबिलिटी' पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर यात्रियों को एकीकृत सेवाओं तक आसान पहुँच देने की योजना है। 'यात्री साथी' और 'भारत टैक्सी' के फीचर्स को एकसाथ जोड़ने से उपयोगकर्ताओं को अधिक विकल्प और बेहतर अनुभव मिलेगा।

ड्राइवरों के लिए कल्याणकारी लाभ

इस साझेदारी का एक प्रमुख पहलू ड्राइवरों के हितों की रक्षा है। सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, 'यात्री साथी' से जुड़े पात्र ड्राइवरों को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव की सदस्यता और उससे जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे ड्राइवरों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

भविष्य में विस्तार की योजना

यह परियोजना केवल टैक्सी सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा जैसी अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों को एकीकृत और सुविधाजनक परिवहन नेटवर्क का लाभ मिल सकेगा।

व्यापक संदर्भ और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में राज्य सरकारें निजी राइड-हेलिंग ऐप्स के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए सहकारी और सरकारी डिजिटल परिवहन मॉडल की ओर रुख कर रही हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल का 'यात्री साथी' प्लेटफॉर्म पहले से ही राज्य में डिजिटल मोबिलिटी का एक प्रमुख माध्यम रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल से एक अधिक कुशल, समावेशी और भरोसेमंद परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में राज्य एक ठोस कदम आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। 'प्लेटफॉर्म इंटरऑपरेबिलिटी' जैसे तकनीकी वादे अक्सर घोषणा और जमीनी हकीकत के बीच की खाई में खो जाते हैं। ड्राइवर कल्याण का पहलू सराहनीय है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कितने ड्राइवर 'पात्र' माने जाएँगे और कल्याणकारी योजनाओं का दायरा क्या होगा। जब तक सत्यापन-योग्य आँकड़े सामने नहीं आते, यह घोषणा निजी राइड-हेलिंग कंपनियों को चुनौती देने की राज्य की महत्वाकांक्षा का प्रतीक भर रहेगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'यात्री साथी' और 'भारत टैक्सी' की साझेदारी क्या है?
यह पश्चिम बंगाल के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा राज्य के डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म 'यात्री साथी' और 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी)' के बीच किया गया समझौता है। इसका उद्देश्य को-ब्रांडिंग और प्लेटफॉर्म इंटरऑपरेबिलिटी के जरिए यात्रियों को बेहतर डिजिटल परिवहन सेवाएँ देना है।
इस साझेदारी से ड्राइवरों को क्या फायदा होगा?
'यात्री साथी' से जुड़े पात्र ड्राइवरों को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव की सदस्यता और उससे जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे ड्राइवरों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या इस प्लेटफॉर्म पर केवल टैक्सी सेवाएँ मिलेंगी?
फिलहाल यह साझेदारी टैक्सी सेवाओं पर केंद्रित है, लेकिन भविष्य में बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। इससे राज्य में एकीकृत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क बनाने का लक्ष्य है।
'यात्री साथी' प्लेटफॉर्म क्या है?
'यात्री साथी' पश्चिम बंगाल सरकार का डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो राज्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को तकनीक के माध्यम से सुलभ बनाने के लिए संचालित है। यह राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत काम करता है।
इस साझेदारी की घोषणा किसने और कब की?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 19 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस साझेदारी की जानकारी दी। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल में कुशल, समावेशी और भरोसेमंद परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
राष्ट्र प्रेस
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