क्या स्टार्टअप-जीसीसी साझेदारी से उत्तर प्रदेश बनेगा भारत का इनोवेशन पावरहाउस?

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क्या स्टार्टअप-जीसीसी साझेदारी से उत्तर प्रदेश बनेगा भारत का इनोवेशन पावरहाउस?

सारांश

उत्तर प्रदेश, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, स्टार्टअप और नवाचार का नया केंद्र बन रहा है। जीसीसी नीति के माध्यम से प्रदेश भारत के प्रौद्योगिकी और उद्यमिता हब के रूप में उभर रहा है। जानें कैसे ये पहल प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।

Key Takeaways

  • उत्तर प्रदेश अब नवाचार का नया केंद्र बन रहा है।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल रहा है।
  • जीसीसी नीति के तहत नवाचार और प्रौद्योगिकी को नया दिशा दी जा रही है।
  • प्रदेश में लगभग 1000 जीसीसी का लक्ष्य है।
  • युवाओं को उद्यमिता के अवसर मिल रहे हैं।

लखनऊ, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब नवाचार और निवेश का एक नया गढ़ बनता जा रहा है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति के तहत, राज्य सरकार ने स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को एक नई दिशा प्रदान की है, जिससे प्रदेश भारत के सबसे सशक्त प्रौद्योगिकी और उद्यमिता केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने में सक्षम हो सकता है।

यह कदम योगी सरकार के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसमें रोजगार सृजन के साथ-साथ ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 90 जीसीसी कार्यरत हैं, और आने वाले समय में इनकी संख्या 1000 से अधिक करने का लक्ष्य है।

योगी सरकार की नीतियों में जीसीसी को केवल बैक ऑफिस यूनिट के रूप में नहीं देखा गया है। इन्हें रिसर्च एंड डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, और डिजिटल इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में उच्च मूल्य वाले कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था नवाचार आधारित मॉडल की ओर तेजी से बढ़ेगी।

प्रदेश सरकार द्वारा एआई, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, ड्रोन, 5जी, 6जी और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से जीसीसी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सीधा सहयोग और समन्वय बढ़ेगा। योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक कंपनियों के कार्यस्थल के साथ-साथ नई तकनीकों के निर्माण का केंद्र बने। इसलिए आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को नीति के केंद्र में रखा गया है।

उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों का प्रमाण है। अब जीसीसी और स्टार्टअप्स के बीच प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट और समस्या समाधान आधारित साझेदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय नवाचार का लाभ प्राप्त होगा। यह सहयोग मॉडल प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के विजन का ठोस स्तंभ बनाने की दिशा में बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मत है कि सच्चा विकास वही है, जिसमें युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने। जीसीसी-स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार से प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता के उचित अवसर भी मिलेंगे। महिलाओं, दिव्यांगों और युवाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन इस नीति को सामाजिक रूप से भी समावेशी बनाते हैं।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश नीतिगत स्थिरता, तेज निर्णय और पारदर्शी व्यवस्था का प्रतीक बन चुका है। निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और तकनीकी जगत की दृष्टि प्रदेश पर टिकी है। योगी सरकार के नेतृत्व में स्टार्टअप और जीसीसी का यह संगम उत्तर प्रदेश को भारत का नवाचार पावरहाउस बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यही कदम विकसित भारत के विजन के अंतर्गत देश की आर्थिक दिशा और वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

Point of View

यह प्रयास न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसर प्रदान करेगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुकूल है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

जीसीसी क्या है?
जीसीसी का अर्थ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर है, जो नवाचार और अनुसंधान के लिए एक केंद्र है।
योगी सरकार की नीतियों का उद्देश्य क्या है?
योगी सरकार की नीतियों का उद्देश्य रोजगार सृजन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स की संख्या कितनी है?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 90 स्टार्टअप्स हैं, जिनकी संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है।
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