योगी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: सरकारी वकीलों की फीस में 50% बढ़ोतरी, 18 शहरों में 1725 ई-बसें मंज़ूर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3 जून को हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में रखे गए 25 प्रस्तावों में से 24 को हरी झंडी मिल गई, जबकि परिवहन विभाग से जुड़े एक प्रस्ताव को फ़िलहाल टाल दिया गया।
सरकारी वकीलों के मानदेय में बड़ा इज़ाफ़ा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत जिला न्यायालयों में तैनात सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप ₹9,000 से बढ़ाकर ₹14,000 कर दी गई है, जबकि प्रति सुनवाई फीस ₹1,650 से बढ़ाकर ₹2,500 की गई है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स की रिटेनरशिप ₹7,200 से बढ़ाकर ₹11,000 और प्रति सुनवाई शुल्क ₹1,500 से ₹2,300 किया गया है।
प्रदेश के महाधिवक्ता की मासिक रिटेनरशिप ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.25 लाख कर दी गई है, और प्रति सुनवाई फीस ₹40,000 से बढ़ाकर ₹60,000 की गई है। यह बढ़ोतरी जिला अदालतों से लेकर हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय तक राज्य की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं पर लागू होगी।
18 शहरों में 1725 इलेक्ट्रिक बसों को मंज़ूरी
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 17 नगर निगमों और नोएडा सहित कुल 18 बड़े शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंज़ूरी दी गई है। ये वातानुकूलित ई-बसें बड़े शहरी रूटों पर चलेंगी, और नोएडा में सेवा का विस्तार जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस कदम से सार्वजनिक परिवहन ढाँचा मज़बूत होगा और शहरी प्रदूषण में कमी आएगी।
विकास प्राधिकरणों को नियमन का अधिकार
कैबिनेट ने उन परियोजनाओं के विनियमितिकरण को मंज़ूरी दी, जिन्हें 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों ने पास किया था, लेकिन अब वे विकास प्राधिकरणों के दायरे में आ चुकी हैं। अब इन परियोजनाओं का विनियमन और आगे के नक्शे पास करने का अधिकार संबंधित विकास प्राधिकरण को होगा। यह कदम प्रदेश में प्राधिकरणों के व्यापक विस्तार के बाद उत्पन्न तकनीकी पेच को दूर करने के लिए ज़रूरी माना जा रहा है।
किसानों, जेल नीति और नई जेलों पर फैसले
कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल तय किया गया है, और प्रदेश में मक्का की सरकारी खरीद 5 जून से 31 जुलाई तक चलेगी। इसके लिए विभिन्न जनपदों में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएँगे।
जेल प्रशासन से जुड़े एक अहम फैसले में कैबिनेट ने कैदियों की मृत्यु पर मुआवज़े की नई नीति को मंज़ूरी दी। कैदियों की आपसी लड़ाई में मौत पर ₹5 लाख, डॉक्टरी या जेल प्रशासन की कमी से होने वाली मौत पर ₹5 लाख और कैदी द्वारा आत्महत्या की स्थिति में ₹3 लाख मुआवज़ा दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के पाँच ज़िलों में नई जेलों के निर्माण को भी हरी झंडी मिली, जिससे जेलों में बढ़ती भीड़ की समस्या को कम किया जा सके। मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री कार्यालय हेतु भूमि आवंटन प्रस्ताव भी पारित हुआ।
आगे क्या
मक्का खरीद केंद्रों की अधिसूचना अगले कुछ दिनों में जारी होने की संभावना है, जबकि ई-बस संचालन के लिए GCC मॉडल के तहत ऑपरेटर चयन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। सरकारी वकीलों की संशोधित फीस संरचना तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही है।