19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योगी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: सरकारी वकीलों की फीस में 50% बढ़ोतरी, 18 शहरों में 1725 ई-बसें मंज़ूर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योगी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: सरकारी वकीलों की फीस में 50% बढ़ोतरी, 18 शहरों में 1725 ई-बसें मंज़ूर

सारांश

योगी कैबिनेट ने एक ही बैठक में 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाकर तीन मोर्चों — न्यायिक पैरवी, शहरी परिवहन और कृषि — पर एकसाथ बड़ा दांव खेला है। सरकारी वकीलों की फीस में 50% तक बढ़ोतरी, 18 शहरों में 1725 ई-बसें और मक्का MSP ₹2,400/क्विंटल, सब मिलकर 2027 चुनावी साल से पहले एक स्पष्ट प्रशासनिक संकेत हैं।

मुख्य बातें

योगी कैबिनेट ने 3 जून को 25 में से 24 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी; एक परिवहन प्रस्ताव टला।
जिला सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप ₹9,000 से ₹14,000 , प्रति सुनवाई फीस ₹2,500 ।
महाधिवक्ता की मासिक रिटेनरशिप ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.25 लाख , प्रति सुनवाई ₹60,000 ।
17 नगर निगमों + नोएडा सहित 18 शहरों में 1,725 इलेक्ट्रिक बसें GCC मॉडल पर चलेंगी।
मक्का MSP ₹2,400/क्विंटल ; सरकारी खरीद 5 जून से 31 जुलाई तक।
जेल में आपसी लड़ाई/प्रशासनिक चूक से मौत पर ₹5 लाख , आत्महत्या पर ₹3 लाख मुआवज़ा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3 जून को हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में रखे गए 25 प्रस्तावों में से 24 को हरी झंडी मिल गई, जबकि परिवहन विभाग से जुड़े एक प्रस्ताव को फ़िलहाल टाल दिया गया।

सरकारी वकीलों के मानदेय में बड़ा इज़ाफ़ा

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत जिला न्यायालयों में तैनात सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप ₹9,000 से बढ़ाकर ₹14,000 कर दी गई है, जबकि प्रति सुनवाई फीस ₹1,650 से बढ़ाकर ₹2,500 की गई है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स की रिटेनरशिप ₹7,200 से बढ़ाकर ₹11,000 और प्रति सुनवाई शुल्क ₹1,500 से ₹2,300 किया गया है।

प्रदेश के महाधिवक्ता की मासिक रिटेनरशिप ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.25 लाख कर दी गई है, और प्रति सुनवाई फीस ₹40,000 से बढ़ाकर ₹60,000 की गई है। यह बढ़ोतरी जिला अदालतों से लेकर हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय तक राज्य की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं पर लागू होगी।

18 शहरों में 1725 इलेक्ट्रिक बसों को मंज़ूरी

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 17 नगर निगमों और नोएडा सहित कुल 18 बड़े शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंज़ूरी दी गई है। ये वातानुकूलित ई-बसें बड़े शहरी रूटों पर चलेंगी, और नोएडा में सेवा का विस्तार जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस कदम से सार्वजनिक परिवहन ढाँचा मज़बूत होगा और शहरी प्रदूषण में कमी आएगी।

विकास प्राधिकरणों को नियमन का अधिकार

कैबिनेट ने उन परियोजनाओं के विनियमितिकरण को मंज़ूरी दी, जिन्हें 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों ने पास किया था, लेकिन अब वे विकास प्राधिकरणों के दायरे में आ चुकी हैं। अब इन परियोजनाओं का विनियमन और आगे के नक्शे पास करने का अधिकार संबंधित विकास प्राधिकरण को होगा। यह कदम प्रदेश में प्राधिकरणों के व्यापक विस्तार के बाद उत्पन्न तकनीकी पेच को दूर करने के लिए ज़रूरी माना जा रहा है।

किसानों, जेल नीति और नई जेलों पर फैसले

कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल तय किया गया है, और प्रदेश में मक्का की सरकारी खरीद 5 जून से 31 जुलाई तक चलेगी। इसके लिए विभिन्न जनपदों में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएँगे।

जेल प्रशासन से जुड़े एक अहम फैसले में कैबिनेट ने कैदियों की मृत्यु पर मुआवज़े की नई नीति को मंज़ूरी दी। कैदियों की आपसी लड़ाई में मौत पर ₹5 लाख, डॉक्टरी या जेल प्रशासन की कमी से होने वाली मौत पर ₹5 लाख और कैदी द्वारा आत्महत्या की स्थिति में ₹3 लाख मुआवज़ा दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के पाँच ज़िलों में नई जेलों के निर्माण को भी हरी झंडी मिली, जिससे जेलों में बढ़ती भीड़ की समस्या को कम किया जा सके। मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री कार्यालय हेतु भूमि आवंटन प्रस्ताव भी पारित हुआ।

आगे क्या

मक्का खरीद केंद्रों की अधिसूचना अगले कुछ दिनों में जारी होने की संभावना है, जबकि ई-बस संचालन के लिए GCC मॉडल के तहत ऑपरेटर चयन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। सरकारी वकीलों की संशोधित फीस संरचना तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की एक रणनीतिक तैनाती दिखती है — कानूनी ढाँचे को मज़बूत करना, शहरी मतदाताओं को ई-बसों के रूप में दिखने वाला विकास देना, और किसानों के लिए MSP जैसी ठोस घोषणा। सरकारी वकीलों की फीस में 50% तक बढ़ोतरी विशेष रूप से अहम है, क्योंकि राज्य के पास लंबित मुकदमों का बड़ा बोझ है और बेहतर पैरवी सीधे केस-निपटान दर पर असर डाल सकती है। हालाँकि असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — पिछली ई-बस घोषणाओं में डिपो, चार्जिंग ढाँचे और ऑपरेटर भुगतान में देरी की शिकायतें आम रही हैं। जेल मुआवज़ा नीति एक संवेदनशील लेकिन ज़रूरी कदम है, जिसकी जवाबदेही पारदर्शी जाँच प्रक्रिया पर टिकी होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी कैबिनेट की 3 जून की बैठक में कौन-कौन से बड़े फैसले हुए?
बैठक में 25 में से 24 प्रस्तावों को मंज़ूरी मिली, जिनमें सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में 50% तक बढ़ोतरी, 18 शहरों में 1,725 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, मक्का का MSP ₹2,400/क्विंटल, जेल कैदियों की मृत्यु पर नई मुआवज़ा नीति और पाँच ज़िलों में नई जेलें शामिल हैं। परिवहन विभाग से जुड़े एक प्रस्ताव पर निर्णय टाल दिया गया।
सरकारी वकीलों की नई फीस संरचना क्या है?
जिला सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप ₹9,000 से बढ़ाकर ₹14,000 और प्रति सुनवाई फीस ₹1,650 से ₹2,500 कर दी गई है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स की रिटेनरशिप ₹7,200 से ₹11,000 और महाधिवक्ता की रिटेनरशिप ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.25 लाख की गई है।
1725 इलेक्ट्रिक बसें किन शहरों में चलेंगी?
ये ई-बसें प्रदेश के 17 नगर निगमों और नोएडा सहित कुल 18 बड़े शहरों में GCC (ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल पर चलाई जाएँगी। नोएडा में इस सेवा का विस्तार जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक किया जाएगा, और सभी बसें वातानुकूलित होंगी।
यूपी में मक्का की सरकारी खरीद कब और किस दर पर होगी?
प्रदेश में मक्का की सरकारी खरीद 5 जून से 31 जुलाई तक चलेगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,400 प्रति क्विंटल तय किया गया है। विभिन्न ज़िलों में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएँगे ताकि किसानों को उपज का उचित मूल्य मिल सके।
जेल में कैदी की मौत पर अब कितना मुआवज़ा मिलेगा?
नई नीति के अनुसार, कैदियों की आपसी लड़ाई में मौत पर ₹5 लाख, डॉक्टर या जेल प्रशासन की कमी से होने वाली मौत पर ₹5 लाख और कैदी द्वारा आत्महत्या की स्थिति में ₹3 लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही पाँच ज़िलों में नई जेलों के निर्माण को भी मंज़ूरी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले