योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों के मानचित्र होंगे विनियमित, 24 प्रस्तावों को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3 जून को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में स्वीकृत मानचित्रों के विनियमतीकरण को मंजूरी दे दी गई। इस अहम निर्णय से लंबे समय से चली आ रही वैधता संबंधी अनिश्चितता का रास्ता साफ होगा और हजारों भू-स्वामियों एवं भवन निर्माताओं को राहत मिलेगी।
बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल रहे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिन विकास क्षेत्रों, विस्तारित विकास क्षेत्रों और विनियमित क्षेत्रों में अभी तक महायोजना तैयार नहीं हुई है, वहाँ भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की जाएगी।
नए शहरों के विकास को हरी झंडी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के विकास के लिए वित्तीय स्वीकृति भी दी। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल ₹355.06 करोड़ तक की सीड कैपिटल अनुमन्य की गई है, जबकि प्रथम किस्त के रूप में ₹225 करोड़ जारी किए जाएँगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए ₹3,500 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य तेज़ी से बढ़ती शहरी आबादी को आधुनिक आवासीय सुविधाएँ देना और शहरों का सुनियोजित विस्तार सुनिश्चित करना है।
सेमीकंडक्टर नीति में संशोधन
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को भी मंजूरी दी। सरकार के मुताबिक यह संशोधन बदलते वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य, निवेशकों की अपेक्षाओं और भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ बेहतर तालमेल के उद्देश्य से किया गया है।
संशोधित नीति प्रदेश को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाएगी। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से निवेशकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, जबकि राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।
बंदी मृत्यु पर मुआवजा नीति
मानवाधिकार संरक्षण और कारागार प्रशासन में पारदर्शिता के लिए कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति' को मंजूरी दी। नई व्यवस्था के तहत कारागारों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों या निकटतम परिजनों को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान अधिक त्वरित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि अब तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की संस्तुतियों के आधार पर मुआवजा भुगतान किया जाता था, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण देरी होती थी। नई नीति के तहत समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होंगे।
अन्य बड़े फैसले
बैठक में स्वीकृत अन्य प्रमुख प्रस्तावों में 18 शहरों में 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, मक्का खरीद नीति, पाँच नए जिला कारागारों का निर्माण, राज्य विधि अधिकारियों की फीस वृद्धि तथा मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय का निर्माण शामिल है। आने वाले हफ्तों में इन फैसलों के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना है।